सऊदी अरब सरकार द्वारा प्राइवेट हज टूर ऑपरेटर्स के कोटे में की गई 80% कटौती से हजारों यात्रियों का भविष्य अधर में, ऑल इंडिया हज वेलफेयर सोसायटी ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।
भारत@साबिर खान fm
हज 2025 को लेकर भारत से जाने वाले हजारों तीर्थयात्रियों की उम्मीदों को उस वक्त बड़ा झटका लगा जब सऊदी अरब सरकार ने प्राइवेट हज टूर ऑपरेटर्स (PTOs) के कोटे में अचानक 80 प्रतिशत की कटौती कर दी। इस निर्णय से न केवल तीर्थयात्री, बल्कि उनके लिए व्यवस्थाएं करने वाले हज समूह संगठन भी भारी असमंजस में हैं।
इस कटौती से उन तीर्थयात्रियों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है, जो निजी टूर के माध्यम से पहले ही बुकिंग करवा चुके थे और अपनी यात्रा की तैयारियां पूरी कर चुके हैं। भारत के अधिकांश हज यात्री सीमित बजट में यात्रा करते हैं और महीनों की बचत के बाद जब उन्हें यात्रा की स्वीकृति मिलती है तो वह उनके जीवन का सबसे बड़ा क्षण होता है। अब जब अचानक उनकी यात्रा रद्द हो रही है, तो उनके दुख और निराशा का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
ऑल इंडिया हज वेलफेयर सोसायटी ने की मंत्री से अपील
इस पूरे मामले को लेकर ऑल इंडिया हज वेलफेयर सोसायटी के चेयरमैन मुकीत खान ने केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री श्री किरेन रिजिजू को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने मांग की है कि भारत सरकार सऊदी अरब से संवाद कर इस फैसले को वापस लेने के लिए पहल करे, ताकि हज यात्रियों को राहत मिल सके और PTOs अपने ग्रुप यात्रियों को व्यवस्थित सेवाएं दे सकें।
मुकीत खान ने अपने पत्र में लिखा:
“यह सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि श्रद्धा और भावनाओं से जुड़ा जीवन का पवित्र सफर होता है। हम चाहते हैं कि तीर्थयात्रियों के चेहरे पर मुस्कान हो, न कि निराशा।”
हज ऑपरेटरों के सामने बड़ी चुनौती
हर साल PTOs भारत से सऊदी अरब तक हज यात्रियों के लिए बेहतर सेवाएं सुनिश्चित करते हैं — जिसमें फ्लाइट, ठहरने की व्यवस्था, खाने-पीने की सुविधा और मक्का-मदीना में गाइड जैसी सुविधाएं शामिल होती हैं। लेकिन कोटे में कटौती के कारण अब वे हजारों यात्रियों की यात्रा रद्द करने की स्थिति में हैं।
हज 2025 को लेकर उपजे इस विवाद ने हज़ारों परिवारों को चिंता में डाल दिया है। अब सबकी निगाहें भारत सरकार और विशेषकर अल्पसंख्यक मंत्रालय पर टिकी हैं। क्या भारत सरकार इस विषय को लेकर सऊदी अरब से बातचीत करेगी? क्या PTOs को राहत मिलेगी? और क्या हज पर जाने वालों को फिर से मुस्कुराने का मौका मिलेगा? इसका जवाब आने वाले कुछ दिनों में सामने आ सकता है।


































