पवित्र माहे रमजान के अवसर पर शहर की गुलमोहर कॉलोनी, धार में रहने वाले दो मासूम बच्चों ने अपना पहला रोज़ा रखकर परिवार और मोहल्ले में उत्साह का माहौल बना दिया।
धार@साबिर खान fm
पांच वर्षीय मासूम मोहम्मद गोस और छह वर्षीय खदीजा ने पूरे जज़्बे और खुशी के साथ अपना पहला रोज़ा रखा।
परिजनों के अनुसार, बच्चों ने स्वयं रोज़ा रखने की इच्छा जताई थी। सुबह सहरी के समय वे उत्साह के साथ जागे और दिनभर रोज़े की पाबंदी निभाई। परिवार के सदस्यों ने बच्चों का हौसला बढ़ाया और उन्हें रोज़े की अहमियत समझाई।
रमजान का महीना मुस्लिम समुदाय के लिए इबादत, संयम और सेवा का प्रतीक माना जाता है। छोटे बच्चों द्वारा पहला रोज़ा रखना परिवारों में एक खास पल होता है, जिसे अक्सर उत्सव की तरह मनाया जाता है। मासूम गोस और खदीजा के पहले रोज़े के मौके पर घर में दुआ का आयोजन भी किया गया।
शाम को इफ्तार के समय परिवार और पड़ोसियों ने बच्चों की सराहना की। परिजनों ने बताया कि दोनों बच्चों ने पूरे दिन धैर्य और अनुशासन के साथ रोज़ा पूरा किया।
गुलमोहर कॉलोनी में यह अवसर आपसी भाईचारे और धार्मिक उत्साह का प्रतीक बन गया। रमजान के इस पाक महीने में बच्चों की इस पहल को क्षेत्र में सराहा जा रहा है।
यह अवसर न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि बच्चों में संस्कार और अनुशासन की भावना को भी दर्शाता है।


































