हज कमेटी के माध्यम से हज पर जाने वाले यात्रियों को प्रस्थान के वक्त एयरपोर्ट के भीतर मिलने वाली फॉरेन एक्सचेंज (सऊदी रियाल) की रकम को पुनः शुरू किए जाने की मांग ऑल इण्डिया हज वेलफेयर सोसायटी ने भारत सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय से की है, उल्लेखनीय है कि वर्ष 2023 के पहले तक प्रति हज यात्री को 2100/- सऊदी रियाल दिए जाते थे जिससे हज यात्रियों को काफी सुविधा होती थी।
भारत@साबिर खान fm
चेयरमैन मुकीत ने बताया कि पहले हज कमेटी के माध्यम से जाने वाले हज यात्रियों को अपनी कुल रकम में फॉरेन एक्सचेंज की रकम भी मिलाकर हज कमेटी को जमा कराना होती थी, हज यात्रियों को यह रकम हज पर रवाना होने से पहले एयरपोर्ट के भीतर बने काउंटर से दे दी जाती थी, साल 2023 में फॉरेन एक्सचेंज की रकम दिए जाने की प्रथा एकदम से खत्म कर दी गई जिससे हज यात्रियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया था, व्यवस्था गड़बड़ाने से आज तक इसका असर देखा जा सकता है,
राष्ट्रीय महासचिव सैय्यद रियाज़ ने बताया कि यह रियाल हज यात्रियों को सऊदी में खर्च के लिए दिए जाते थे ताकि वहाँ जाकर वे करंसी बदलवाने के चक्कर मे पड़ अपना समय ना गवाएं साथ ही बहुत से हज यात्री ग्रामीण क्षेत्रों से भी जाते हैं जिन्हें करंसी की कोई जानकारी नही होती, हज कमेटी का सऊदी रियाल देने का नियम काफी कारगर साबित होता रहा है, यही नही प्राइवेट टूर्स के माध्यम से हज पर जाने वाले यात्रियों को भी भारतीय मुद्रा के बदले सऊदी रियाल, टूर ऑपरेटर्स उपलब्ध कराते हैं, हज वेलफेयर सोसायटी ने केंद्रीय हज कमेटी से भी इस व्यवस्था को दोबारा शुरू किए जाने की मांग की है।


































