संत रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष पर भोपाल में ‘समरसता संकल्प अभियान’ और ‘कलश वंदन यात्रा’ का शुभारंभ..
भोपाल@साबिर खान fm
संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज के 650वें जयंती वर्ष के अवसर पर मध्यप्रदेश में सामाजिक समरसता का संदेश देने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। राजधानी भोपाल के रवींद्र भवन में 18 अगस्त को आयोजित राज्य स्तरीय ‘समरसता संकल्प अभियान-कलश वंदन यात्रा’ कार्यक्रम का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने संभागीय प्रतिनिधियों को कलश भी वितरित किए। कार्यक्रम में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष लालसिंह आर्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संत समाज के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
‘जात-पात पूछे न कोई…’ का दिया संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि संत रविदास महाराज ने समाज को एकता और समरसता का संदेश दिया। उन्होंने संत रविदास महाराज की वाणी ‘जात-पात पूछे न कोई, हरि को भजे सो हरि का होई’ का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज को जातिवाद और छुआछूत जैसी कुरीतियों से मुक्त कराने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश सरकार भी सामाजिक समरसता के लिए प्रतिबद्ध है। समाज में एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने मन में पवित्र भाव जागृत करने की आवश्यकता है।
सागर में 100 करोड़ की लागत से बन रहा भव्य मंदिर-स्मारक
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए यह गौरव की बात है कि सागर में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से संत रविदास महाराज का भव्य मंदिर और स्मारक तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस धाम के लोकार्पण के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
इसके अलावा संत रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के दौरान उज्जैन में उनकी वस्तुओं और शिष्य के समाधि स्थल को संरक्षित करते हुए भव्य गुरुद्वारा निर्माण के लिए भूमि-पूजन किए जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में जहां-जहां संत रविदास महाराज के चरण पड़े, उन स्थानों को भी सर्व-सुविधायुक्त तीर्थ स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा।
20 अगस्त से प्रदेशभर में निकलेगी कलश वंदन यात्रा
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य ने बताया कि संत रविदास महाराज की जन्मस्थली काशी से कलश यात्रा की शुरुआत हुई है। देशभर में 51 स्थानों पर कलश पूजन किया गया है।
उन्होंने बताया कि काशी से निकले 129 कलशों में संत रविदास महाराज की जन्मस्थली की मिट्टी है। मध्यप्रदेश में 20 अगस्त से प्रत्येक जिले में कलश वंदन यात्रा शुरू की जाएगी। इसके बाद गांवों और कस्बों में कलशों की शोभायात्रा निकाली जाएगी।
अभियान के अंतिम चरण में छात्रावास संपर्क अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को संत रविदास महाराज के जीवन और उनके विचारों से परिचित कराया जाएगा।
5 महीने चलेगा समरसता संकल्प अभियान
लालसिंह आर्य ने कहा कि समरसता संकल्प अभियान करीब पांच महीने तक चलाया जाएगा। इसके माध्यम से संत रविदास महाराज की वाणी, सामाजिक समरसता और मानव कल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि देश में 29 जुलाई से 30 अगस्त तक संत संपर्क अभियान भी चलाया जा रहा है और अब तक 29 हजार से अधिक संतों का सम्मान किया जा चुका है।
‘समरसता की मिसाल पेश करें’
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि संत रविदास महाराज ने समाज को कटुता छोड़कर समरसता अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समरसता संकल्प अभियान को जन-जन तक पहुंचाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सागर में संत रविदास महाराज का भव्य मंदिर और स्मारक बनाया जा रहा है। समाज के हर वर्ग को साथ लेकर सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करना और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देना सभी की जिम्मेदारी है।






























