हॉलीवुड फिल्ममेकर रहे हार्वी वीनस्टीन को न्यूयॉर्क में 15 साल जेल की सजा सुनाई गई। उन्हें उनके द्वारा प्रोड्यूस किए गए रियलिटी टीवी शो ‘प्रोजेक्ट रनवे’ की प्रोडक्शन टीम की असिस्टेंट मिरियम हेली से जुड़े यौन अपराध में दोषी ठहराया गया। न्यूयॉर्क की अदालत ने मंगलवार को यह सजा सुनाई। यह सजा 2025 में हुए दोबारा ट्रायल में वीनस्टीन की दोषसिद्धि के बाद सुनाई गई। प्रॉसिक्यूशन ने 20 साल की सजा और रिहाई के बाद 5 साल निगरानी की मांग की थी। डिफेंस ने वीनस्टीन की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का हवाला देते हुए 9 साल की सजा की मांग की थी। वीनस्टीन ने अदालत में कहा, “मैं एक परफेक्ट इंसान नहीं हूं। लेकिन मैं ऐसा इंसान हूं, जिसने गलतियां की हैं।” उन्होंने कहा कि 2017 के बाद हुई घटनाओं पर सोचने से उन्हें समझ आया कि उनके पुराने व्यवहार से दूसरों पर बुरा असर पड़ा। उन्होंने उन लोगों से माफी मांगी, जिन्हें उनके कामों से चोट पहुंची होगी। हालांकि, उन्होंने अपनी बेगुनाही दोहराई और कहा कि वह हिंसक व्यक्ति नहीं हैं। 2017 में हार्वे वीनस्टीन पर कई महिलाओं ने यौन उत्पीड़न और यौन शोषण के आरोप लगाए थे। इन खुलासों के बाद #MeToo आंदोलन को दुनियाभर में बड़ी गति मिली। हालांकि, #MeToo की शुरुआत 2006 में एक्टिविस्ट तराना बर्क ने की थी। 2017 में अभिनेत्री एलिसा मिलानो की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद यह हैशटैग दुनियाभर में तेजी से वायरल हुआ। जज ने कहा- यौन शिकारी के रूप में याद किए जाएंगे जज कर्टिस फार्बर ने कहा कि वीनस्टीन की फिल्मों के लिए उन्हें याद किया जा सकता है, लेकिन उनकी पहचान उस काम के सामने छोटी पड़ जाती है, जो उन्होंने मिरियम हेली के साथ किया। जज ने कहा कि वीनस्टीन ने हेली के फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के सपने का फायदा उठाया। मिरियम हेली ने सुनाई आपबीती 2025 के दोबारा ट्रायल में मिरियम हेली ने गवाही दी थी। उन्होंने बताया कि 2006 में वीनस्टीन ने मैनहटन स्थित अपने अपार्टमेंट में उन्हें ओरल सेक्स के लिए मजबूर किया था। हेली के मुताबिक, उन्होंने इसका विरोध किया था। सजा सुनाए जाने से पहले हेली ने अदालत में कहा कि दोबारा गवाही देना उनके लिए बेहद मुश्किल था। 2020 में भी वीनस्टीन न्यूयॉर्क में दोषी ठहराए गए 2020 में हार्वे वीनस्टीन को न्यूयॉर्क में यौन अपराध और जेसिका मान से रेप के मामले में दोषी ठहराया गया था। उन्हें 23 साल जेल की सजा मिली थी। हालांकि, 2024 में न्यूयॉर्क की सर्वोच्च अदालत ने उनकी दोषसिद्धि रद्द कर दी और नए ट्रायल का आदेश दिया। कोर्ट ने माना था कि ट्रायल में ऐसे आरोपों से जुड़ी गवाही शामिल की गई थी, जो सीधे मामले से संबंधित नहीं थी। इसके बाद 2025 में दोबारा ट्रायल हुआ। इसमें वीनस्टीन को मिरियम हेली से जुड़े यौन अपराध में फिर दोषी ठहराया गया। वहीं, काजा सोकोला से जुड़े आरोप में वह बरी हो गए। जेसिका मान से जुड़े रेप के आरोप पर जूरी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। 2026 में जेसिका मान से जुड़े आरोप पर तीसरा ट्रायल हुआ, लेकिन जूरी फिर किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने यह आरोप हटा दिया। वीनस्टीन को कैलिफोर्निया में भी 16 साल की सजा मिली। वह 2013 में एक महिला के साथ रेप और यौन हमले के मामले में दोषी ठहराए गए थे। कैलिफोर्निया में उनकी सजा पर भी कानूनी प्रक्रिया जारी है। न्यूयॉर्क के जज ने कहा कि न्यूयॉर्क की सजा कैलिफोर्निया की सजा के बाद लगातार चल सकती है, हालांकि कैलिफोर्निया में इसकी कानूनी स्थिति वहां की अदालत तय करेगी। भारत में 2018 में #MeToo आंदोलन ने जोर पकड़ा साल 2018 में भारत में भी #MeToo आंदोलन के दौरान कई कलाकारों पर महिलाओं ने अलग-अलग तरह के आरोप लगाए। भारत में 2018 के #MeToo आंदोलन को अभिनेत्री तनुश्री दत्ता के आरोपों के बाद बड़ी गति मिली। उन्होंने अभिनेता नाना पाटेकर पर 2008 में फिल्म हॉर्न ओके प्लीज की शूटिंग के दौरान गलत व्यवहार का आरोप लगाया था। नाना पाटेकर ने आरोपों से इनकार किया था। बाद में तनुश्री की शिकायत पर पुलिस केस भी दर्ज हुआ था। साजिद खान पर #MeToo आरोप लगे थे अक्टूबर 2018 में मॉडल और अभिनेत्री सलोनी चोपड़ा, पत्रकार करिश्मा उपाध्याय और अभिनेत्री रैचल व्हाइट ने साजिद खान पर यौन दुर्व्यवहार, अनुचित व्यवहार और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। इसके बाद सिमरन सूरी और अहाना कुमरा समेत कुछ अन्य महिलाओं ने भी साजिद के व्यवहार को लेकर अपनी बातें सार्वजनिक कीं। आरोप सामने आने के बाद साजिद खान ने फिल्म हाउसफुल 4 के निर्देशन से दूरी बना ली। उन्होंने कहा था कि जब तक वह इन आरोपों को गलत साबित नहीं कर देते, तब तक वह निर्देशन से दूर रहेंगे। इसके बाद निर्माता साजिद नाडियाडवाला ने फरहाद सामजी को फिल्म का निर्देशक बनाया। फिल्म की बाकी शूटिंग और निर्देशन फरहाद सामजी ने पूरा किया। मामले में इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन यानी आईएफटीडीए ने भी कार्रवाई की। संगठन ने साजिद खान की सदस्यता एक साल के लिए निलंबित कर दी थी। अनु मलिक पर कई महिलाओं ने आरोप लगाए थे 2018 में संगीतकार अनु मलिक पर कई महिलाओं ने अनुचित व्यवहार के आरोप लगाए थे। गायिका सोना महापात्रा ने उन पर अनुचित और कथित तौर पर शिकारी जैसा व्यवहार करने के आरोप लगाए। इसके बाद गायिका श्वेता पंडित ने भी आरोप लगाया कि जब वह नाबालिग थीं, तब अनु मलिक ने उनके साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया था। नेहा भसीन समेत कुछ अन्य महिलाओं ने भी उन पर आरोप लगाए। अनु मलिक और उनके वकीलों ने इन आरोपों से इनकार किया था। उन्होंने आरोपों को चरित्र हनन बताया था। विवाद के बाद अनु मलिक को इंडियन आइडल 10 में जज की भूमिका से हटा दिया गया। हालांकि, 2019 में उन्हें शो के अगले सीजन में फिर जज बनाया गया। उनकी वापसी का सोना महापात्रा और नेहा भसीन समेत कई लोगों ने विरोध किया। इसके बाद अनु मलिक फिर शो से बाहर हो गए। विंता नंदा ने आलोक नाथ पर आरोप लगाए थे अक्टूबर 2018 में 90 के दशक के टीवी शो तारा की लेखिका और प्रोड्यूसर विंता नंदा ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए आलोक नाथ का नाम लिए बिना उन पर करीब 19 साल पहले नशीला पदार्थ पिलाकर रेप और यौन उत्पीड़न करने के आरोप लगाए थे। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका इशारा आलोक नाथ की तरफ था। मामले के बाद CINTAA ने आलोक नाथ को शो-कॉज नोटिस जारी किया। वहीं, आलोक नाथ और उनकी पत्नी आशु नाथ ने विंता नंदा के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया। 17 अक्टूबर 2018 को विंता नंदा ने मुंबई के ओशिवारा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। नवंबर में CINTAA की बैठक में शामिल नहीं होने के बाद संगठन ने आलोक नाथ को एसोसिएशन से निष्कासित कर दिया। 21 नवंबर 2018 को मुंबई पुलिस ने विंता नंदा की शिकायत पर आईपीसी की धारा 376 के तहत रेप का केस दर्ज किया। जनवरी 2019 में अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने आलोक नाथ को 5 लाख रुपए के मुचलके पर अग्रिम जमानत दे दी। विकास बहल पर पूर्व महिला कर्मचारी ने आरोप लगाए थे फिल्ममेकर विकास बहल पर फैंटम फिल्म्स की एक पूर्व महिला कर्मचारी ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। यह मामला 2015 की घटना से जुड़ा था, लेकिन 2018 में #MeToo आंदोलन के दौरान दोबारा चर्चा में आया। महिला ने एक मीडिया इंटरव्यू में अपने अनुभव के बारे में विस्तार से बताया था। इसके बाद कंगना रनोट समेत कुछ अन्य लोगों ने भी बहल के व्यवहार पर सवाल उठाए। अक्टूबर 2018 में विवाद के बीच फैंटम फिल्म्स को बंद कर दिया गया। इसके बाद विकास बहल ने अपने पूर्व पार्टनर्स अनुराग कश्यप और विक्रमादित्य मोटवाने के खिलाफ 10 करोड़ रुपए का मानहानि मुकदमा दायर किया। बाद में संबंधित महिला ने अदालत को बताया कि वह विकास बहल के खिलाफ पुलिस शिकायत या कानूनी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाना चाहती थीं। जून 2019 में रिलायंस एंटरटेनमेंट की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी ने विकास बहल को आरोपों से मुक्त कर दिया। इसके बाद फिल्म सुपर 30 में उनका निर्देशक के तौर पर क्रेडिट दोबारा जोड़ा गया। सुभाष घई पर भी आरोप लगा था अक्टूबर 2018 में #MeToo आंदोलन के दौरान फिल्ममेकर सुभाष घई पर यौन उत्पीड़न और रेप के आरोप लगाए गए थे। एक महिला ने लेखक महिमा कुकरेजा के जरिए शेयर किए गए एक अनाम अकाउंट में आरोप लगाया कि घई ने उसे नशीला पदार्थ पिलाकर रेप किया। घई ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया था। उन्होंने इन्हें झूठा बताते हुए मानहानि का केस करने की चेतावनी भी दी थी। इसी दौरान मॉडल और टीवी अभिनेत्री केट शर्मा ने मुंबई के वर्सोवा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि घई ने उन्हें अपने घर बुलाया और जबरन चूमने की कोशिश की। घई ने इन आरोपों से भी इनकार किया। दिसंबर 2018 में मुंबई पुलिस ने केट शर्मा की शिकायत की जांच के बाद रिपोर्ट दाखिल की। पुलिस के मुताबिक, शिकायत में कोई ठोस सबूत या तथ्य नहीं मिला।
आंदोलन के दौरान सोना महापात्रा और महिला पत्रकार नताशा हेमराजानी समेत कई महिलाओं ने कैलाश खेर पर यौन दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे। खेर ने एक आरोप पर कहा था कि उन्हें ऐसी घटना याद नहीं है। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर किसी को उनके व्यवहार से असहज महसूस हुआ हो, तो वह माफी मांगते हैं। रजत कपूर ने सार्वजनिक माफी मांगी थी अक्टूबर 2018 में #MeToo आंदोलन के दौरान अभिनेता रजत कपूर पर दो महिलाओं ने अनुचित और गैर-पेशेवर व्यवहार के आरोप लगाए। इनमें एक महिला पत्रकार थीं, जिन्होंने 2007 के एक इंटरव्यू के दौरान रजत कपूर द्वारा पूछे गए आपत्तिजनक सवालों के स्क्रीनशॉट साझा किए थे। दूसरी महिला असिस्टेंट डायरेक्टर थीं, जिन्होंने उनके व्यवहार की शिकायत की थी। बाद में एक और गुमनाम महिला का आरोप भी सामने आया। आरोप सामने आने के बाद रजत कपूर ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा था कि अगर उनके शब्दों या व्यवहार से किसी को दुख, ठेस या मानसिक परेशानी हुई है, तो वह इसके लिए दिल से माफी मांगते हैं।






























