मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 18 अगस्त 2026 को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई गई।
भोपाल@साबिर खान fm
सरकार के अनुसार, बैठक में विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के लिए करीब 1 लाख 46 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृतियां दी गई हैं। इसमें नर्मदा संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, विज्ञान एवं तकनीक सहित कई क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।
नर्मदा संरक्षण के लिए ‘नमन मिशन’ को मंजूरी..
कैबिनेट ने प्रदेश की जीवनदायिनी मां नर्मदा के संरक्षण, पुनर्जीवन और दीर्घकालीन सतत प्रबंधन के लिए निर्मल एवं अविरल मां नर्मदा मिशन—नमन मिशन के गठन को मंजूरी दी है।
सरकार के मुताबिक मध्यप्रदेश की करीब 33 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नर्मदा नदी और उसके जलग्रहण क्षेत्र पर निर्भर है। मिशन को वैज्ञानिक और बहु-विभागीय संस्थागत व्यवस्था के रूप में विकसित किया जाएगा।
नमन मिशन के लिए प्रतिवर्ष राज्य अनुदान से 100 करोड़ रुपए और CAMPA निधि से भी 100 करोड़ रुपए उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। CSR, केंद्रीय सहायता और PPP मॉडल से भी संसाधन जुटाए जाएंगे।
मिशन की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट में AI, GIS, रिमोट सेंसिंग, डेटा एनालिटिक्स और जलवायु परिवर्तन मॉडलिंग जैसी तकनीकों का उपयोग कर नर्मदा के स्वास्थ्य का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाएगा।
लाड़ली बहना योजना के लिए ₹1.14 लाख करोड़..
महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 1,14,365 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।
वर्तमान में योजना के तहत करीब 1.27 करोड़ महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता DBT के माध्यम से दी जा रही है।
लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए ₹16,326 करोड़
बालिकाओं के शिक्षा और भविष्य को मजबूत करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 2026-27 से 2030-31 तक 16,326.47 करोड़ रुपए की मंजूरी दी गई है।
सरकार के अनुसार योजना से अब तक करीब 50.99 लाख बालिकाएं लाभान्वित हो चुकी हैं।
मातृ वंदना योजना के लिए ₹2,137 करोड़..
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 2,137 करोड़ 65 लाख रुपए मंजूर किए हैं।
योजना के तहत पात्र महिलाओं को पहले प्रसव पर कुल 5 हजार ₹ और दूसरे प्रसव पर बालिका जन्म की स्थिति में 6 हजार ₹ तक का लाभ दिए जाने का प्रावधान है।
कृषि, शिक्षा और अनुसंधान को ₹870 करोड़..
कृषि एवं कृषि शिक्षा से जुड़ी तीन योजनाओं के लिए 870 करोड़ 16 लाख ₹ स्वीकृत किए गए हैं।
इसमें जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर की स्ववित्तीय पेंशन योजना के लिए 310.23 करोड़ ₹, राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर की ब्लॉक ग्रांट योजना के लिए 469.93 करोड़ ₹ और कृषि क्षेत्र में अधोसंरचना विकास के लिए 90 करोड़ ₹ शामिल हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ₹11,835 करोड़..
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन और सुदृढ़ीकरण के लिए कुल 11,835.35 करोड़ ₹ की स्वीकृति दी गई है।
इसमें उप स्वास्थ्य केंद्र योजना के लिए 4,742.45 करोड़, अस्पताल एवं औषधालय भवन निर्माण के लिए 3,219.22 करोड़, आशा कार्यकर्ताओं को अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि के लिए 3,354.75 करोड़ और स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन के लिए 518.93 करोड़ ₹ शामिल हैं।
सड़क विकास निगम में 35 नए पद..
मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम की पदीय संरचना में 35 नए पदों को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही पूर्व स्वीकृत 7 पदों की निरंतरता भी आगामी पांच वर्षों के लिए रखी गई है। इससे करीब 4.12 करोड़ ₹ का वार्षिक वित्तीय भार संभावित है, जिसकी पूर्ति निगम अपने स्रोतों से करेगा।
विज्ञान और तकनीक के लिए ₹734 करोड़..
प्रदेश में वैज्ञानिक अनुसंधान, नवाचार और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की योजनाओं के लिए 734 करोड़ ₹ स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अलावा विज्ञान के प्रचार-प्रसार से जुड़ी योजना के लिए 172.52 करोड़ ₹ और मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक विकास निगम की गतिविधियों के लिए 241.16 करोड़ ₹ मंजूर किए गए हैं।
इन योजनाओं के जरिए ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में विज्ञान जागरूकता, मोबाइल विज्ञान प्रयोगशालाएं, नवाचार कार्यशालाएं और विज्ञान मेले जैसे कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जाएगा।
कुल मिलाकर कैबिनेट के फैसलों में फोकस..
मध्यप्रदेश सरकार के इन फैसलों में नर्मदा संरक्षण, महिला एवं बालिका सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सेवाएं, कृषि शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और अधोसंरचना विकास को प्रमुख प्राथमिकता दी गई है। अब इन योजनाओं के क्रियान्वयन और स्वीकृत राशि का जमीन पर कितना असर दिखाई देता है, यह आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण होगा।






























