समाधान कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजपुर तहसील के शिकायतकर्ता अजय-लाल से उनकी समस्या के संबंध में जानकारी ली। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के पंजीयन और राशि भुगतान से जुड़ी शिकायत नवंबर 2025 में की थी..
बड़वानी@साबिर खान fm
शिकायत के दौरान यह भी सामने आया कि शिकायतकर्ता के पिता की वर्ष 2016 में मृत्यु के बाद नामांतरण के लिए आवेदन किया गया था, लेकिन नामांतरण की प्रक्रिया वर्ष 2022 में पूरी हुई। यानी इस प्रक्रिया में करीब छह वर्ष का समय लगा।
मुख्यमंत्री ने इतनी लंबी अवधि तक नामांतरण लंबित रहने को गंभीर लापरवाही माना। उन्होंने संबंधित अवधि में पदस्थ तत्कालीन तहसीलदार आशा परमार, जो वर्तमान में डिप्टी कलेक्टर जिला धार हैं, तथा मामले से जुड़े पटवारी मांगीलाल नरगांवे और ललित बोरसे को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना में देरी पर दो CMO और सहायक यंत्री पर कार्रवाई..
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से जुड़े प्रकरण में शिकायतकर्ता रुपेश शर्मा से भी बातचीत की। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2019 में योजना के लिए आवेदन किया था। वर्ष 2022 में जियो टैग की प्रक्रिया हुई और वर्ष 2023 में किश्त जारी करने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन प्राथमिकता सूची में नाम नीचे होने के कारण उन्हें समय पर किश्त नहीं मिल सकी।
मकान का निर्माण पूरा होने के बाद उन्हें 10 अगस्त को पहली किश्त प्राप्त हुई।
मुख्यमंत्री ने पात्र हितग्राही को मकान निर्माण के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता समय पर नहीं मिलने को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित अवधि में पदस्थ मुख्य नगर पालिका अधिकारी मायाराम सोलंकी, जगदीश धाकड़ और सहायक यंत्री राजू डावर को निलंबित करने के निर्देश दिए।
इसी मामले में संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन इंदौर एस.के. सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
संबल योजना में सहायता राशि में देरी पर भी कार्रवाई..
मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश असंगठित शहरी एवं ग्रामीण कर्मकार मंडल की संबल योजना के तहत अंत्येष्टि एवं अनुग्रह सहायता से जुड़े मामले की भी समीक्षा की।
पानसेमल के शिकायतकर्ता हरि निमवा ठाकुर से बातचीत में सामने आया कि उन्होंने 11 अप्रैल 2019 को सहायता राशि के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें समय पर सहायता नहीं मिल सकी।
जांच में यह भी सामने आया कि प्राथमिकता सूची में नीचे नाम वाले कुछ हितग्राहियों को पहले लाभ दिया गया। इस तरह के कुल 16 प्रकरण सामने आने की जानकारी दी गई।
मुख्यमंत्री ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए संचालित सहायता योजना में इस तरह की देरी को गंभीरता से लेते हुए मामले में जिम्मेदार जनपद पंचायत के तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी सौरभ सिंह ठाकुर को निलंबित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के भुगतान की जांच के निर्देश..
सेंधवा विकासखंड से जुड़े महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रकरण में मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ता मोहसिन मंसूरी और लाभार्थी मोहम्मद कैफ मंसूरी से बातचीत की।
शिकायतकर्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया समय पर पूरी कर ली गई थी, लेकिन बजट उपलब्ध नहीं होने के कारण भुगतान में देरी हुई। बाद में बजट उपलब्ध होने पर नौ माह की राशि का एकमुश्त भुगतान किया गया।
मुख्यमंत्री ने मामले में भुगतान में देरी के कारणों की जांच कराने के निर्देश दिए।
पशु बीमा के भुगतान में दो साल से ज्यादा की देरी..
सेंधवा विकासखंड के पशुपालन एवं डेयरी विभाग से जुड़े पशु बीमा प्रकरण की भी मुख्यमंत्री ने समीक्षा की। शिकायतकर्ता भाव सिंह मुवाक्य और लाभार्थी हरी जगन मेहता के मामले में पशु की मृत्यु के बाद बीमा राशि समय पर नहीं मिलने की शिकायत सामने आई।
अधिकारियों ने बताया कि पशु की मृत्यु के दो दिन के भीतर पोस्टमार्टम और आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, लेकिन बीमा कंपनी में तकनीकी समस्या के कारण भुगतान में देरी हुई। लगातार प्रयासों के बाद बीमा राशि का भुगतान किया गया।
मुख्यमंत्री ने इस पूरे प्रकरण में दो वर्ष से अधिक समय लगने को गंभीरता से लेते हुए बीमा कंपनी की उदासीनता और भोपाल स्तर पर हुई संभावित त्रुटि की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांच में गलती पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उत्कृष्ट काम करने वालों का होगा सम्मान..
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जो अधिकारी-कर्मचारी बेहतर और संवेदनशील तरीके से जनता की समस्याओं का समाधान करेंगे, उनके कार्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों का सम्मान भी किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, लापरवाही और अनावश्यक देरी करने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी।
‘जनता को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें’
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को शासकीय योजनाओं का लाभ निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध कराया जाए। लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण हो और जहां देरी हुई है, वहां जिम्मेदारी तय की जाए।
उन्होंने कहा कि आमजन को अपने अधिकार और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए उसका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और नागरिकों के बीच विश्वास को मजबूत करना और आमजन की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन अथवा शिकायतों के निराकरण में लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी।
बड़वानी में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने जनता की शिकायतों पर सीधे कार्रवाई का संदेश दिया। नामांतरण, प्रधानमंत्री आवास, संबल योजना समेत अन्य मामलों में लापरवाही सामने आने पर सात अधिकारी-कर्मचारियों के निलंबन के निर्देश दिए गए, जबकि एक वरिष्ठ अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।






























