केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार के बीच ऐतिहासिक एमओयू, 5G-6G, ऑप्टिकल फाइबर, IoT और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों का होगा निर्माण…
नई दिल्ली@साबिर खान fm
मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने वाला एक बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के बीच देश के पहले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना के लिए ऐतिहासिक एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया।
नई दिल्ली में आयोजित इंटरैक्टिव सेशन ऑन टेलीकॉम इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्वालियर में लगभग 170 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह प्लग-एंड-प्ले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन देश का पहला एकीकृत टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम होगा। यहां डिजाइन, डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन और एक्सपोर्ट तक की पूरी वैल्यू चेन एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के तहत 5जी, 6जी, ऑप्टिकल फाइबर, नेटवर्किंग उपकरण, आईओटी (IoT) डिवाइस, सेमीकंडक्टर से जुड़े उत्पाद और अन्य इलेक्ट्रॉनिक हार्डवेयर का निर्माण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में करीब ₹3500 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है, जिससे लगभग 14 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश को पिछले ढाई वर्षों में पीएम मित्रा पार्क, बीईएमएल यूनिट, बीना पेट्रोकेमिकल परियोजना, राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजनाओं और नर्मदापुरम एनर्जी पार्क जैसी कई राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाएं मिली हैं। अब टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक और तकनीकी केंद्रों में शामिल करेगा।
मुख्यमंत्री ने देश-विदेश के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रदेश में निवेश-अनुकूल नीतियां, उत्कृष्ट औद्योगिक आधारभूत संरचना, कुशल मानव संसाधन और तेज निर्णय प्रक्रिया उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना एमएसएमई, स्टार्टअप, इंजीनियरिंग सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और तकनीकी संस्थानों के विकास को भी नई गति देगी।
इस अवसर पर केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि भारत अब केवल दूरसंचार उपकरणों का उपभोक्ता नहीं रहेगा, बल्कि उनका डिजाइन, विकास और निर्माण कर दुनिया के विभिन्न देशों में निर्यात भी करेगा। उन्होंने कहा कि यह टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन ‘डिजाइन इन इंडिया, मेक इन इंडिया और एक्सपोर्ट फ्रॉम इंडिया’ के विजन को मजबूत करेगा तथा आत्मनिर्भर भारत अभियान को नई गति देगा।






























