मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर यह साबित किया है कि वे जो घोषणा करते हैं, उसे अमल में भी लाते हैं। मुख्यमंत्री के निर्देशों के महज तीन दिन के भीतर गृह विभाग ने मध्यप्रदेश पुलिस में 9,662 नए पदों पर भर्ती के लिए प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है। यह फैसला प्रदेश में पुलिस बल को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
भोपाल@साबिर खान fm
हाल ही में पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस विभाग में रिक्त पदों को शीघ्र भरने और पदोन्नति प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद गृह विभाग ने विभिन्न श्रेणियों के पदों पर भर्ती के आदेश जारी कर दिए।
जारी आदेशों के अनुसार, आरक्षक (जीडी) के 7,500 पद, आरक्षक (चालक) के 1,000 पद, सूबेदार (अ) शीघ्र लेखक के 135 पद, सहायक उपनिरीक्षक (अ) के 520 पद तथा उपनिरीक्षक और अन्य तकनीकी श्रेणियों के 507 पदों सहित कुल 9,662 पदों पर भर्ती की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया यहीं नहीं रुकेगी। राज्य सरकार का लक्ष्य मध्यप्रदेश पुलिस में कुल 18 हजार पदों पर भर्ती करना है। शेष पदों की स्वीकृति भी जल्द जारी की जाएगी। साथ ही पदोन्नति से वंचित अधिकारियों और कर्मचारियों को चरणबद्ध तरीके से पदोन्नति देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष 8,500 पदों की स्वीकृति के बाद इस वर्ष भी बड़े पैमाने पर भर्ती की जा रही है। सरकार का उद्देश्य मध्यप्रदेश पुलिस को देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद समाप्त होने के बाद पुलिस की भूमिका कानून-व्यवस्था के साथ-साथ विकास कार्यों में भी और अधिक प्रभावी होगी।
इस फैसले से हजारों युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के नए अवसर खुलेंगे और पुलिस विभाग की कार्यक्षमता को भी मजबूती मिलेगी।






























