मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में प्रदेश के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, वन्यजीव संरक्षण, जनजातीय शिक्षा और श्रमिक कल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
भोपाल@साबिर खान fm
कैबिनेट ने विभिन्न विकास एवं जनहित परियोजनाओं के लिए कुल 24,200 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की।
बैठक में इंदौर मेट्रो रेल परियोजना की पुनरीक्षित लागत और अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान के लिए 19,472.29 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इससे प्रदेश की शहरी परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए मेगा स्वास्थ्य सेवा अधोसंरचना प्रोत्साहन नीति-2026 के प्रस्ताव पर विचार हेतु पांच सदस्यीय मंत्रिमंडलीय उप समिति का गठन किया गया। वहीं, रीवा, देवास और गुना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आउटसोर्स मॉडल पर संचालित करने के पायलट प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी गई, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा।
कैबिनेट ने प्रोजेक्ट टाइगर, प्रोजेक्ट एलिफेंट तथा 94 गांवों के पुनर्वास के लिए 2,381.15 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इसके अलावा श्रमिक कल्याण और औद्योगिक सुरक्षा के लिए 531.78 करोड़ रुपये, जनजातीय विद्यार्थियों की शिक्षा एवं आवासीय सुविधाओं के लिए 687 करोड़ रुपये तथा रेशम उत्पादन एवं संबंधित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए 639.25 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। सरकार का मानना है कि इन फैसलों से प्रदेश में अधोसंरचना विकास, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, रोजगार सृजन और समावेशी विकास को नई दिशा मिलेगी।






























