मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सागर जिले के केसली में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त की राशि प्रदेश की 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में अंतरित की। इस दौरान उन्होंने सागर जिले में 190 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया।
सागर@साबिर खान fm
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रसिद्ध कविता “खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी” की पंक्तियां गाकर महिलाओं के योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश और समाज के निर्माण में महिलाओं की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है और लाड़ली बहना योजना महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की बड़ी पहल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 12 वर्षों में विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने इस अवधि को देश का “स्वर्णिम काल” बताते हुए कहा कि गरीबों के लिए आवास, शौचालय, गैस कनेक्शन और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है और लाड़ली बहना योजना अब तीसरे वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। सरकार हर महीने निर्धारित समय पर योजना की राशि महिलाओं के खातों में पहुंचा रही है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा 21 जून तक आयोजित होने वाले लाड़ली बहना खेल सप्ताह का शुभारंभ भी किया। साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को स्कूटी वितरित की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं—
देवरी क्षेत्र में लगभग 200 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन।
केसली में सांदीपनि विद्यालय की स्थापना।
चिरचिटा हाईस्कूल का उन्नयन।
देवरी में 100 बिस्तरों वाला अस्पताल बनाया जाएगा।
केसली ब्लॉक में 563 करोड़ रुपये की लागत से नया जलाशय निर्मित होगा।
देवरी में लहसुन एवं प्याज मंडी स्थापित की जाएगी।
देवरी शासकीय महाविद्यालय में कला एवं वाणिज्य संकाय शुरू होंगे।
गौरझांवर एवं केसली को नगर पंचायत बनाने की घोषणा।
देवखंडेरा मंदिर के जीर्णोद्धार का आश्वासन।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा लगातार बढ़ाया जा रहा है और आने वाले वर्षों में इसे 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास और जनकल्याण के संकल्प के साथ प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।






























