भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और सर्कुलर इकॉनॉमी को बढ़ावा देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहलें शुरू..
भोपाल@साबिर खान fm
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसमें पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन और सतत विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेष फोकस रखा गया।
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभागार परिसर में स्वर्ण चंपा, सीता अशोक, रामफल और आंवला के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने प्रदेशवासियों से भी अधिक से अधिक पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
500 बावड़ियों के प्रलेखन दस्तावेजों का विमोचन…
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान सर्कुलर इकॉनॉमी से संबंधित पांच कोर्स मॉड्यूल्स का लोकार्पण किया। साथ ही एप्को और इन्टैक द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 16 जिलों की 500 बावड़ियों के प्रलेखन दस्तावेजों का विमोचन भी किया।
इस पहल का उद्देश्य प्रदेश की पारंपरिक जल संरचनाओं के संरक्षण और जल संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना है।
पर्यावरण संरक्षण से जुड़े नवाचारों की प्रदर्शनी का अवलोकन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। प्रदर्शनी में पर्यावरण संरक्षण, सर्कुलर इकॉनॉमी, जल संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में किए गए नवाचारों तथा उल्लेखनीय कार्यों को प्रदर्शित किया गया।
11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार प्रदान…
समारोह में मुख्यमंत्री ने 8 श्रेणियों में 11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार प्रदान किए। ये पुरस्कार वर्ष 2024-25 के लिए पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और सतत विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली औद्योगिक इकाइयों, शैक्षणिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और व्यक्तियों को दिए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता से ही हरित और स्वच्छ भविष्य का निर्माण संभव है।
“एक पेड़ माँ के नाम 2.0″ अभियान से बढ़ेगी जनभागीदारी…
राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अभियान के तहत नागरिकों, संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को पौधारोपण के लिए प्रेरित किया जाएगा।






























