पुरी (उड़ीसा) की विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा की तर्ज पर अब धार शहर भी भक्ति और उल्लास से सराबोर होने को तैयार है।
धार@साबिर खान fm
श्री सांवरिया सेठ भक्त मंडल धार द्वारा 27 जून को भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक होगी, बल्कि सामाजिक समरसता और शांति का संदेश भी लेकर आएगी।
धार में पहली बार नहीं, तीन वर्षों से हो रहा आयोजन
श्री सांवरिया सेठ भक्त मंडल इस यात्रा का आयोजन लगातार तीसरे वर्ष कर रहा है। मंडल के अध्यक्ष श्री स्वयं प्रकाश सोनी ने जानकारी देते हुए कहा कि —
यह यात्रा न केवल भगवान जगन्नाथ के नगर भ्रमण का माध्यम है, बल्कि भक्तों को स्वयं रथ खींचकर पुण्य अर्जन करने का अवसर भी प्रदान करती है।
रथ यात्रा का मार्ग और विशेष आकर्षण
रथ यात्रा की शुरुआत मोती बाग चौक से होगी और यह यात्रा राजवाड़ा, जवाहर मार्ग, आनंद चौपाटी, घोड़ा चौपाटी, त्रिमूर्ति नगर चौराहे होते हुए श्री सांवरिया सेठ मंदिर त्रिमूर्ति नगर पहुंचेगी।
विशेष बात यह है कि हाइड्रोलिक तकनीक से निर्मित रथ का उपयोग किया जाएगा, जिससे रथ की ध्वजा और गुंबद को आवश्यकता अनुसार ऊपर-नीचे किया जा सकेगा।
प्रशासन की तैयारियां और सहयोग की अपील
यात्रा की सफलता और सुरक्षा के लिए धार नगर प्रशासन, पुलिस विभाग, नगर दंडाधिकारी सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारियों से समन्वय किया गया है।
डॉ. अशोक शास्त्री ने बताया कि सभी जरूरी दिशानिर्देशों और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
मंडल ने शहरवासियों से अपील की है कि वे भक्ति, सहयोग और अनुशासन के साथ यात्रा में सहभागी बनें और इस पवित्र आयोजन को सफल बनाएं।
विग्रह और महाप्रसादी की व्यवस्था
भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा जी की मूर्तियां बदनावर से लाई जा रही हैं। रथ यात्रा के समापन पर महाप्रसादी का भी भव्य आयोजन होगा, जिसकी व्यवस्था हिंदू समाजसेवी अशोक जैन और पार्षद अजीत जैन द्वारा की जा रही है।
भक्तों से अपील
सांवरिया सेठ भक्त मंडल के सदस्य पंडित अशोक मनोहर जोशी, पंडित संतोष पांडे और ओमप्रकाश सोलंकी ने कहा कि—
भगवान जगन्नाथ किसी से सहायता नहीं मांगते, लेकिन ऐसे आयोजन में समाज का सहयोग आशीर्वाद स्वरूप होता है। रथ खींचने से लेकर प्रसाद वितरण तक—हर छोटी सेवा भी भाग्य बदल सकती है।
27 जून को धार का धार्मिक परिदृश्य एक दिव्य और भव्य स्वरूप लेगा, जब भगवान जगन्नाथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे।
यह अवसर न केवल धर्म, बल्कि सामूहिक आस्था, सेवा और संस्कृति का उत्सव है।
शहरवासियों से अनुरोध है कि वे परिवार सहित इस रथ यात्रा में भाग लें और पुण्य लाभ अर्जित करें।






























