पिछले दिनों धार के अभिभाषक तुषार खोड़े के खिलाफ नाटकीय ढंग से आजाद नगर पुलिस इंदौर द्वारा बलात्कार का एक प्रकरण दर्ज किया गया था जो धार की एक न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया ।
धार@साबिर खान
माननीय न्यायालय के आदेश के बाद आजाद नगर पुलिस इंदौर पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं । किन कारणों से इंदौर पुलिस ने वकील तुषार खोड़े के खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज किया यह तो जांच का विषय है ।
उक्त प्रकरण में प्राप्त समाचार के अनुसार बताया जा रहा है कि एक महिला द्वारा आजाद नगर थाना इंदौर पर बलात्कार का प्रकरण दर्ज कराया गया था जिसमें विभिन्न धाराओं में जीरो में कायमी में की गई थी । चूंकि घटना धार की एक होटल की बताई गई थी जिसको देखते हुए उक्त प्रकरण को थाना कोतवाली धार ट्रांसफर किया गया था । जहां धार पुलिस द्वारा उक्त घटना की विवेचना के दौरान अपहृता के धारा 164 द.प्र.सं. में कथन दर्ज किया गया जिसमें अपृहता ने प्रथम सूचना रिपोर्ट में उल्लिखित से विपरीत तथ्य प्रकट किये ।
फरियादी पीड़िता ने धार सीजेएम कोर्ट में भी दिए गए कथनों में बताया कि आरोपी द्वारा उसके साथ कोई जबरदस्ती नहीं की गई और ना कोई अपराध किया । यही कथन कथित पीड़िता ने धारा 164 दप्रसं में भी किए हैं ।
इस घटना में आए मोड को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धार के द्वारा पत्र के माध्यम से प्रकरण के खारिजी स्वीकार किए जाने हेतु निवेदन किया गया । आरक्षित केंद्र कोतवाली धार द्वारा प्रकरण में खारजी प्रस्तुत करने पर फरियादिया के कथन लेख बंद किए गए । फरियादी ने न्यायालय के समक्ष अपने कथनों में गलत असत्य तथ्यों के आधार पर एफआईआर दर्ज किया जाना व्यक्त किया एवं यह भी व्यक्त किया कि उसने अभिभाषक तुषार खोड़े के विरुद्ध ऐसा कोई आरोप नहीं लगाया जो पुलिस द्वारा प्राथमिकी में दर्ज किए गए हैं ।
न्यायालय के समक्ष दिए गए अपने कथन में फरियादिया ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से पुलिस द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किए जाने की जानकारी मिली थी इसके बाद उसने आजाद नगर पुलिस इंदौर द्वारा गलत रिपोर्ट दर्ज करने की सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की थी तथा धार पुलिस अधीक्षक को भी शपथ पत्र के साथ प्रकरण में खारजी प्रस्तुत करने का आवेदन दिया था ।
इस पूरे मामले में धार के अभिभाषक तुषार खोड़े पर जो झूठा प्रकरण आजाद नगर पुलिस इंदौर द्वारा दर्ज किया गया था उसे माननीय न्यायालय द्वारा फरियाद दिया के बयान के आधार पर खारिज कर दिया ।
इस प्रकरण में आजाद नगर पुलिस थाना कटघरे में खड़ा है जिसने एक अभिभाषक के खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज कर उसकी सामाजिक एवं मानसिक प्रतिष्ठा को गिराने का प्रयास किया ।






























