शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे अँग्लो उर्दू हाइ स्कूल व ज्युनिअर कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल फारुख शेख साहब की पत्रकार आजम राही ने बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की एक विवाह समारोह के दौरान महाराष्ट्र के जलगांव में ककर समाज के शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहे कुऱ्हाड खुर्द तहसील पाचोरा जिला जलगांव के रहने वाले इस्माइल सुलेमान सर ने चर्चा के दौरान बताया कि वह एक गवर्नमेंट सर्वेंट है और अपने गांव की जिला परिषद ऊर्दू स्कूल के उप मुख्याध्यापक है और उनके छोटे भाई शकील शेख सुलेमान भी महाराष्ट्र राज्य शासन के पर्यावरण विभाग के महाराष्ट्र प्रदूषण मंडल मे उप प्रादेशिक अधिकारी हैं महाराष्ट्र राज्य काकर समाज से वे पहले क्लास वन अधिकारी हैं जो फिल्हाल मुंबई में अपनी सेवाएं दे रहे हैं इस्माईल सर के बड़े पुत्र शेख शाहिद इस्माईल प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उम्मीद जताई जा रही है कि जलद ही वो भी किसी बडी पोस्ट पर पहुंच कर काकर समाज का नाम उज्वल करेंगे। इस्माइल शेख के छोटे बेटे शेख मुजम्मिल इस्माईल भी सिव्हिल इंजिनिअर हैं उन का भी मंशा है कि महाराष्ट्र राज्य शासन के किसी विभाग में चयनित हो कर सेवाएं दें।वह विविध परिक्षा कि तैयारी कर रहे हैं साथ ही उनकी बेटी शिरीन कौसर ने नीट परिक्षा उत्तीर्ण करके मेडीकल कॉलेज में प्रवेश लिया हैं अपनी पढाई पूरी करने के बाद चिकित्सा के क्षेत्र में बहुत जल्दी अपनी सेवाएं देने वाली है शेख इस्माईल सर तीस वर्षे से शिक्षा विभाग में अपना योग दान दे रहे हैं उनहो ने बताया के उन के छोटे से गाँव में मुस्लीम काकर समाज के युवक डॉक्टर, इंजीनियर, आय.टी, फार्मेसी ओर विविध विभाग में अपना योग दान दे रहे हैं इस के लिए सभी अभिभावक विद्यार्थि ओर समाज के युवक, बुजुर्गों का बडा योग दान हैं.हम समझते है के किसी छोटे से गाँव में शिक्षा के क्षेत्र मे इतने बडे योगदान के लिए सभी काकर समाज कुऱ्हाड खुर्द को बधाई देनी चाहिए इसी कड़ी में मेरी भेंट एक एडवोकेट विकार अख्तर विक्की शेख से हुई उन्होंने जानकारी देते हुए बताया है कि वह जलगांव के जिला कोर्ट में अभिभाषक के तौर पर वहां पर अपनी सेवा दे रहे कई बार वे समाज से जुड़ी समस्याओं पर वे अपनी और से नि शुल्क सेवा देते रहते हे साथ ही वे एक सरल सहज स्वाभाव के धनी व्यक्ति हे हैं सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाले व राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े काकर बिरादरी के कई शख्सियत ,महानुभवी एवं बुद्धिजीवी लोगों से मेरा परिचय हुआ जीन मे रिटायर पिरीन्सिपाल मुश्ताक करीमी सर, रशिद कास्मी, लातिफ जनाब ओर भारतीय रेल से रिटायर युनुस बाबूजी हे जिससे मुझे बहुत कुछ सीखने एवं समझने को मिला और यह देखने को मिला कि समाज के लोग तेजी से शिक्षा की औंर बढ़ रहे है, सामाजिक क्षेत्र से लेकर राजनीतिक व शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं यह जानकर मुझे अत्यंत हर्ष हुआ कि हमारा समाज शिक्षा को लेकर बहुत जागरूक हो रहा है इसी कड़ी में वाइस प्रिंसिपल शेख फारुख सर जी द्वारा मुझे उनके विद्यालय में ले जाकर पूरे विद्यालय का भ्रमण कराया गया और बताया गया कि मैं यहां पर वाइस प्रिंसिपल की पोस्ट पर कार्यरत हो और हमारे विद्यालय में पढ़ने वाले सभी छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है बताया कि यहां विद्यालय सन 1942 को इसका निर्माण किया गया था लग भाग 85 वर्ष हो चुके विद्यालय को उन्होंने इस तरीके से संजो कर रखा है मानो वह विद्यालय अभी कुछ ही सालों पुराना देखने पर प्रतीत होता हे विद्यालय की प्रत्यक क्लास उसका हर एक कक्षा, खेल का मैदान कंप्यूटर लेब, ऑडिटोरियम रूम लगभग विद्यालय की हर कक्षा को उन्होंने काफी अच्छी तरीके से संजोए रखा है इसके लिए मैं फारुख सर को और उनकी सभी साथियों को उनकी टीम को मैं बहुत-बहुत बधाई प्रेषित करता हूं उनकी ओर से मुझे जो इतना मान सम्मान मिला उसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं और आशा करता हूं भविष्य में इसी तरीके से उनका स्नेह प्रेम मुझे मिलता रहेगा






























