पुलिस मुख्यालय मध्य प्रदेश भोपाल के निर्देशानुसार एवं पुलिस अधीक्षक धार के मार्गदर्शन मे आज दिनाँक 11.11.2024 को नगर एवं शहरो में महिला तथा बालिका हिंसा के क्षेत्र मे बढते हुए अपराधों की रोकथाम हेतु नगर एवं ग्राम रक्षा समिति के सक्रिय सदस्यों की क्षमता का विकास किए जाने के लिए सामुदायिक पुलिस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। जिसका विषय ‘‘ जिम्मेदार मर्दानगी – यौन हिंसा की रोकथाम” है।
धार@टीम भारतीय न्यूज़
उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य जेन्डर बेस वायलेंस, महिला सुरक्षा, बाल सुरक्षा एवं यौन हिंसा जैसे अपराधो को रोकना व इनके रोकथाम हेतु जन जाग्रति विकसित करने तथा मोहल्ला व वार्ड स्तर पर गुड टच बैड टच और यौन हिंसा के विरोध मे लोगो को सचेत एवं प्रेरित करना है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम मे पुलिस अधीक्षक धार श्री मनोज कुमार सिंह के द्वारा म0प्र0 राज्य मे शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिये किस प्रकार से ग्राम एवं नगर रक्षा समितियों का गठन किया गया तथा उनकी शक्तियों और कर्तव्यों के बारे मे बताया गया साथ ही रक्षा समिति के सदस्य बनने के लिए किसी व्यक्ति के पास क्या योग्यता होनी चाहिए एवं ऐसे व्यक्ति जिन्हें किसी अपराधिक मामले मे सिद्ध दोष ठहराया गया है या वे किसी दाण्डीक न्यायालय मे किसी अपराधिक प्रकरण मे विचाराधीन व्यक्ति है रक्षा समिति के सदस्य के रूप में नामांकित किये जाने के लिये पात्र नही होंगे एवं लोक व्यवस्था तथा शांति बनाये रखने के लिये जब आवश्यकता हो सामान्य पुलिस की सहायता करना और व्यक्तियों व सम्पत्ति के संरक्षण के लिए पुलिस बल की सहायता हेतु हमेश तत्पर रहने के लिये प्रेरित किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धार डॉ0 इंद्रजीत बाकलवार द्वारा रक्षा समितियों के सदस्यों एवं अधिकारियो पर नियंत्रण तथा उनके प्रशिक्षण और रक्षा समिति के सदस्यों के कर्तव्यों जैसे संदिग्ध दुषचरित्र व्यक्तियों के संबंध मे जानकारी देना एवं प्राकृतिक आपदा से संबंधित बचाव तथा राहत कार्यो मे पुलिस की आवश्यक सहायता करने हेतु प्रेरित किया गया । नगर पुलिस अधीक्षक धार श्री रविन्द्र वास्कले के द्वारा बताया गया कि प्रतिदिन पुलिस को अपराधों के निवारण एवं उनका पता लगाने तथा लोक व्यवस्था बनाये रखने के लिए अपने कार्यो को पूर्ण करने के लिए सुसंगत जानकारी प्राप्त करने हेतु समुदाय की भागीदारी को बढ़ाने की दृष्टि से रक्षा समिति का गठन किया जाना साथ ही रक्षा समितियों के सदस्यों के कार्या के बारे मे बताया गया साथ ही नवीन आपराधिक अधिनियम 2023 के बारे मे बताया गया कि नये कानून मे फरियादी के लिये क्या-क्या सुविधाए है एवं नये कानूनों के तहत किस प्रकार फरियादी घर बैठे एफआईआर कर सकता है इत्यादि फौरी-फौरी जानकारी दी गई एवं जन जागरुकता के लिए पेम्पलेट बाँटे गये ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुरूआत मे गायत्री परिहार (वसुधा विकास संस्थान) के द्वारा वुमन सेफ्टी के बारे मे बताया जैसे महिलाओं को सुरक्षित माहौल मे जीने और काम करने का अधिकार होना चाहिए। यह समाज मे महिलाओं के आत्म-सम्मान, स्वतंत्रता और समानत का बढ़ावा देने मे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब महिलाए सुरक्षित महसूस करती है, तो वे आत्मनिर्भर ओर सशक्त बन सकती है। एनजीओ जनसाहस की काउंसलर गायत्री निगवाल के द्वारा मेडिटेशन करावाया गया है एवं बताया की ध्यान एक प्राचीन अभ्यास है जो हजारों साल पुराना है। अपनी उम्र के बावजूद, यह अभ्यास दुनिया भर मे आम है क्योंकि यह मस्तिष्क स्वास्थ्य और समग्र कल्याण के लिए लाभकारी है। एनजीओ जनसाहस के जिला समन्वयक श्री गोविंद हिरवे के द्वारा नगर रक्षा समिति की जानकारी दी गई की रक्षा समिति क्यों आवश्यक थी और इसका गठन किस प्रकार हुआ, कौन-कौन इसके सदस्य बन सकते है, उनके क्या कर्तव्य होगें एवं वह किस प्रकार से पुलिस के साथ कार्य करेंगे तथा उनकी सहायता करेंगे और एनजीओ जनसाहस के कार्यकर्ता श्री विकास शुक्ला के द्वारा एक्साईज (आईस ब्रेकिंग) करवाई गई जिसमें रक्षा समिति के सदस्य एक-दूसरे को जान सकें, उनका ग्रुप बनाकर अलग-अलग विषयों पर गतिविधि करने को दी गई, जिससे की वह एक-दूसरे के साथ मिलकर कार्य कर सके। महिला थाना प्रभारी द्वारा महिलाओं के खिलाफ सामाजिक अपराधों को रोकने के लिए कानून और इसके प्रवर्तन पर लोगो को शिक्षित करने पर ध्यान केन्द्रीत करने एवं महिलाअें पर होने वाले अत्याचारों जैसे- बलात्कार, दहेज हत्या, पत्नी की पिटाई, शराबखोरी, छेड़छाड़ आदि की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया साथ ही नवीन आपराधिक अधिनियम 2023 के बारे बताया की किस प्रकार से नवीन कानूनों के तहत महिलाए घर बैठे अपने बयान दर्ज करा सकती है और महिलाओें को ओर अन्य क्या-क्या सुविधाए मिली है आदि के बारे मे बताया । प्लाटुन कमाण्डर श्री राजकुमार कटारे द्वारा आपदा प्रबंधन के संबंध मे बताया गया कि पुलिस के साथ मिलकर किस प्रकार से पीड़ितो की मदद करना है साथ ही प्राथमिक उपचार जैसे- स्नेक बाईटिंग, आग से जलना, पानी मे डुबना आदि मे किस प्रकार से पीड़ितो की सहातया करना है एवं सांप पकडना तथा किसी दुर्घटना या आपदा के समय किसी मुर्छित व्यक्ति को किस प्रकार से कृत्रिम स्वास(सीपीआर) देना इत्यादि के बारे मे बताया गया। वर्तमान मे हो रहे सायबर अपराधों के संबंध मे सायबर टीम द्वारा बताया गया कि व्यक्ति के साथ किस-किस प्रकार से उनके साथ ठगी या धोखाधड़ी हो सकती है जैसे- डिजिटल अरेस्ट, हैकिंग, फिसिंग, बैकिंग ठगी/धोखाधड़ी आदि के बारे मे बताया एवं जागरूकता हेतु पैम्पलेट दिये गये तथा रक्षा समिति के सदस्यो को उनके क्षेत्र मे लोगो को जागरूक करने के लिए सायबर अपराधों के संबंध मे जानकारी देने के लिए बताया गया। वर्तमान के बढ़ते यातायात को दृष्टिगत रखते हुए यातायात थाना प्रभारी के द्वारा यातायात के नियमों के बारे मे बताया गया एवं दो पहिया या चार पहिया वाहन चलाते समय मोबाईल का उपयोग न करने व हेल्मेट तथा सीट बेल्ट लगाने और लोगों को यातायात के नियमों का पालन करने के लिए जागरूक करने के लिए बताया गया। कानून व्यवस्था की स्थिति मे पुलिस किस प्रकार से कार्य करती है तथा अपने बचाव के लिए किन-किन संसाधनो का उपयोग करती आदि के बारे मे आरमोरर द्वारा बलवा सामग्री जैसे- बॉडी गार्ड, हेल्मेट, नी गार्ड, एल्बो पहनाकर बताया गया तथा सिल्ड और लाठी के साथ कोई सुरक्षाकर्मी किस प्रकार से सुरक्षित रहता है एवं टियर गैस के प्रकार के बारे मे तथा इसका उपयोग किस प्रकार से और कहॉ-कहॉ पर कर सकते और कहॉ पर नही करना चाहिए एवं इसका प्रभाव कहॉ तक रहता है आदि के बारे मे बताया गया। ग्राम एवं नगर रक्षा समिति के सदस्या को घर मे और समुदाय मे महिलाओं और बच्चों के साथ किसी भी तरह का भेद-भाव नही करने एवं बच्चों तथा महिलाओं के साथ होने वाली हिंसा और लैगिंक हिंसा का विरोध करने एवं स्वयं के द्वारा किसी तरह की हिंसा नही करने और न होने देने की तथा पुलिस विभाग के साथ मिलकर जेन्डर आधारित हिंसा और लैंगिक हिंसा की रोकथाम के लिये हमेश तत्पर रहने और अपनी सम्पूर्ण भूमिका निभाने की शपथ दिलाई गई। अन्त मे राष्ट्रगान के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन किया गया एवं आभार व्यक्त किया।
इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम मे रक्षित निरीक्षक श्री पुरूषोत्तम बिश्नोई, सूबेदार श्री रविन्द्र कुशवाह, एनजीओ वसुधा विकास संस्थान व एनजीओ जनसाहस के कार्यकर्ता एवं सदस्य तथा इकाई धार के समस्त अनुभागो के ग्राम एवं नगर रक्षा समिति के सक्रिय सदस्य, ग्राम कोटवार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तथा जनसामान्य सहित कुल 250 लोग उपस्थित रहे।






























