पिछले कार्यकाल में किया विकास कार्य शेखावत की जीत का आधार बना रहे हैं।
शेखावत में बिना भेदभाव किया क्षेत्र में किया गया विकास आज भी ग्रामीणों की जुबान पर है
मेरा एक ही सपना है कि बदनावर की धरती पर नर्मदा का पानी आए_ शेखावत
बदनावर।कांग्रेस प्र्रत्याशी भंवरसिंह शेखावत नागदा, दोलतपुरा, भोपावली, मुसावदा, अंतराय, चौकी सवेरा, माचकदा, बडोदिया, हरसौरा, सादलपुर, बिजुर, केसुर, रामनगर के मतदाताओं से रुबरु हुए।
कांग्रेस प्रत्याशी भंवरसिंह शेखावत के जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों में भारी उत्साह देखा गया ।ग्रामीणों द्वारा शेखावत का दो जेसीबी से क्विंटलो फुल से स्वागत किया गया ।शेखावत जी जिस गली में पहुंचे उस गली में उनका स्वागत करने वाले की होड़ सी लगी देखी गई। बच्चे बूढ़े व जवान सबके मुख से एक ही आवाज आ रही है कि इस बार शेखावत जी को विधायक बनाना है। जनसंपर्क के दौरान यह बात सामने आई की भंवरसिंह शेखावत में पूर्व में विधायक रहते हुए चामला क्षेत्र में कई ब्रिज बनाएं। आदिवासी क्षेत्र में कई पानी की टंकियां बनाई। कोद बिडवाल क्षेत्र में विकास की गंगा बहाई । तथा लबरावदा गरडावद पसलाना जैसे गांव में वर्षों पुराने मार्ग जो बरसात में भारी कीचड़ से भरे रहते हैं उन मार्गों का निर्माण कर ग्रामीणों को सड़क की सुविधा दिलाई थी। 30 गांव अनारद में कई गांव ऐसे हैं जहां पहुंचने के लिए बारिश के दिनों में घंटो इंतजार करना पड़ता था। किंतु शेखावत द्वारा जनता की मांग पर पुल पुलियाओं का निर्माण किया गया। शेखावत ने विधायक रहते हुए ना कांग्रेस न बीजेपी देखा और जहां जिस प्रकार की मांग आई। बिना भेदभाव किए ग्रामीणों समस्याओं का निराकरण किया गया।
यदि ग्रामीणों ने पानी की समस्या बताई तो वहां टंकी का निर्माण किया है और ग्रामीणों ने जहां मार्ग की समस्या बताएं वहां मार्ग का निर्माण किया है।
शेखावत में केवल विधायक रहते हुए बदनावर क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात दी है। पिछले कार्यकाल में किए गया विकास ही शेखावत की जीत का आधार बनता जा रहा हैं ।बिना भेदभाव किया गांव में जो विकास कार्य किए हैं वह आज भी लोगो की जुबानी पर है ।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि मेरा एक ही सपना है कि बदनावर की धरती पर नर्मदा का पानी आए और यहां का किसान खुशहाल बने।
सिंह शेखावत का बुधवार को मुल्तान बदनावर, कानवन, मूलथान , बोरली, तिलगारा, संदला, भवानीखेड़ा सहित आसपास के 15 से अधिक गांव में जनसंपर्क कार्यक्रम है।।






























