धार जिले के राजगढ़ नगर की करीब 39 वर्ष पुरानी धार्मिक परंपरा को एक नई पहचान मिली है। राजगढ़ के 13 सनातन मंदिरों में एक साथ आयोजित होने वाली श्रीमद्भागवत कथा की परंपरा को अमेजिंग वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है।
धार@साबिर खान fm
शनिवार शाम धर्मयात्रा के समापन अवसर पर अति प्राचीन माताजी मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में अमेजिंग वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का पुष्टि पत्र श्री चारभुजा युवा मंच की ओर से 13 मंदिरों में कथा वाचन करने वाले कथावाचकों को समर्पित किया गया।
13 मंदिरों में एक साथ होती है भागवत कथा..
राजगढ़ में 13 सनातन मंदिरों में एक साथ श्रीमद्भागवत कथा आयोजित करने की यह परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। इस आयोजन के दौरान नगर के अलग-अलग मंदिरों में कथावाचकों द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का वाचन किया जाता है।
इस अनूठी धार्मिक परंपरा को विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज कराने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता अक्षय भंडारी ने श्री चारभुजा युवा मंच के सहयोग से पहल की। इसके तहत 13 मंदिरों में आयोजित होने वाली कथाओं की विस्तृत जानकारी, कथावाचकों की सूची, समाचार, फोटो, वीडियो सहित आवश्यक दस्तावेज विभिन्न विश्व रिकॉर्ड संस्थाओं को भेजे गए।
दस्तावेजों के परीक्षण के बाद जारी हुआ पुष्टि पत्र..
उपलब्ध दस्तावेजों के परीक्षण और जानकारी के मूल्यांकन के बाद अमेजिंग वर्ल्ड रिकॉर्ड्स की ओर से राजगढ़ की इस धार्मिक परंपरा के संबंध में पुष्टि पत्र जारी किया गया।
संस्था के चीफ कोऑर्डिनेटर इंद्रजीतसिंह ने पुष्टि करते हुए कहा कि उपलब्ध जानकारी और मूल्यांकन के आधार पर राजगढ़ के 13 सनातन मंदिरों में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा को रिकॉर्ड में शामिल किया गया है। संस्था की ओर से इसे 2027 संस्करण में शामिल किए जाने की जानकारी दी गई।
कथावाचकों की मौजूदगी में हुआ सम्मान..
कार्यक्रम में सभी 13 मंदिरों के कथापुराणी एवं ज्योतिषाचार्य पुरुषोत्तम भारद्वाज की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर श्री चारभुजा युवा मंच की ओर से सामाजिक कार्यकर्ता अक्षय भंडारी का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन मनोज माहेश्वरी ने किया।
श्री चारभुजा युवा मंच के संरक्षक मांगीलाल राठौड़, कैलाश बजाज, गणेशलाल शर्मा, दारासिंह चौहान, अध्यक्ष कृष्णा बारोड़ सहित नवीन बानिया, मुकेश बजाज, मनोज माहेश्वरी, विजय व्यास, ओमप्रकाश परमार, घनश्याम सोलंकी, दुर्गाप्रसाद सोलंकी, राजेश शर्मा, पवन जोशी, हरिओम सोनी, गिरिराज राठौर, गोपाल माहेश्वरी, गोविंद मोरी, सौरभ गर्ग, सुजित ठाकुर, महेश राठौड़, राकेश सोलंकी, भरत मोरी, दीपक पटेल, नारायण वैष्णव, पूनमचंद कौशल, धर्मेंद्र कमेडिया, मनीष मकवाना, राजेंद्र पडियार, रवि पंवार, अजय भावसार, कृष्णा कौशल, नयन बलसारा, जयेश वैष्णव, मनोज माली, राहुल व्यास, पंकज बारोड़, निलेश परमार सहित अन्य पदाधिकारियों ने यात्रा का स्वागत करने वाली संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।






























