प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने 8 दिसंबर 2021 को धार शहर में हुए चर्चित भाई भीम हत्याकांड के मुकदमें में फैसला सुनाया है।
धार@साबिर खान
कोर्ट ने इस मामले में हत्या के दो मुख्य आरोपी शकील पिता खलील हेला और जाफर पहलवान पिता मोहसीन को धारा 302 में दोष करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। शकील को धारा 27 (2) आयुध अधिनियम में 7 साल की सजा भी सुनाई है। दोनों आरोपियों को कुल 5 हजार का अर्थदंड भी रोपित किया गया है। इस मामले में शासन की और से टीसी बिल्लौरे उपसंचालक अभियोजन ने बताया कि मामले में करीब 25 साक्षियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था। बचाव पक्ष की और से 3 साक्षी उतरे थे। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष के प्रस्तुत साक्ष्य से सहमत होकर सजा सुनाई है।
इस मामले में करीब 7 लोगों को पुलिस ने आरोपित किया था। जिसमें एक महिला भी शामिल थी। जिसके माध्यम से कट्टा मुहैया हुआ था। 5 आरोपितों में भाजपा के पूर्व पार्षद नौशाद उर्फ बाला बागवान भी शामिल थे। धारा 120 बी में आरोपित पूर्व पार्षद सहित अन्य 4 लोगों को कोर्ट ने मामले से बरी कर दिया है। दोषी करार दिए गए दोनों आरोपितों पर धारा 302, 34, 120 बी, 25 आॅर्म्स एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था।
8 दिसंबर 21 को शहर के मुस्लिम बाहुल्य इलाके गुलमोहर कॉलोनी में रात को क्षेत्र के निवासी 50 वर्षीय जाकिर उर्फ भाई भीम की शकील, जाफर ने करीब 4 गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। भाई भीम शहर में मिलनसार व्यक्ति थे। उनकी मौत के बाद प्रशासन ने ताबड़तोड़ आरोपी शकील के मकान को जमींदोज कर दिया था। इस मामले में भाजपा के पूर्व पार्षद बाला बागवान की भूमिका साजिशकर्ता के तौर पर सामने आई थी। पडोसियों से पुराने विवाद को लेकर आरोपी शकील ने इस कांड को अंजाम दिया था।






























