8 दिवसीय आत्मशोधन पर्वाधिराज पर्युषण पर्व का मंगलवार को समापन हुआ ।
कुक्षी@रिपोर्ट टीम भारतीय न्यूज़
पर्युषण महा पर्व पर प्रति दिन पोषध , सामायिक, व्याख्यान, प्रतिक्रमण एवं दोपहर व रात्रि में कल्याण मित्र मंडल द्वारा धार्मिक विषयों पर प्रतियोगिताओं के आयोजन किए गए जिनके पुरस्कार श्री सम्यग ज्ञान अल्प बचत योजना समिति द्वारा दिए गए । पर्युषण महापर्व के प्रथम दिवस व अंतिम दिवस पर चैत्य परीपाठी (सामूहिक मंदिर जी दर्शन) निकाली गई । तृतीय दिवस रात्रि में लाभार्थी परिवार द्वारा बड़ी धूम धाम से पानाजी (कल्पसूत्र) व चतुर्थ दिवस पालना जी (भगवान महावीर स्वामीजी का झूला) ढोल एवम बैंड बाजे के साथ नगर के मुख्य मार्ग से अपने निवास पर ले जाया गया । पंचम दिवस पर भगवान महावीर स्वामी जी के जन्म वाचन दिवस पर प्रातः से महात्मा गांधी मार्ग पर स्थित मंदिर जी मे पक्षाल पूजन व दर्शनार्थ के लिए समाज जन पधारे । दोपहर में जन्म वाचन के दौरान भगवान महावीर स्वामी जी की माता त्रिशला द्वारा देखे गए 14 स्वपन को उतराने की बोली लगाई पश्चात संघरत्न श्री मनोहरलाल पुराणिक द्वारा 24 तीर्थंकरो के जन्म का वाचन किया । इस अवसर पर समाज जनो में बड़े हर्षोउल्लास से साथ भगवान के जयकारे लगाए एवं लाभार्थी परिवार द्वारा पुराणिक परिवार एवं श्रीसंघ को केशर के छापे लगाए गए । जन्म वाचन समारोह के पश्चात 108 दीपक की आरती की गई। छटे दिवस रात्रि में श्री सम्यक ज्ञान अल्प बचत योजना द्वारा स्वर्ण रजत धार्मिक तंबोला का कार्यक्रम किया गया । सातवे दिवस स्वस्तिक मण्डल गहुली नंदाव्रत प्रतियोगिता का आयोजन किया गया
आठवे दिवस जैन समाज का महापर्व सवत्सरी जिसे क्षमापना पर्व भी कहा जाता है सवत्सरी पर्व सभी बड़ी से बड़ी तपस्या करते है शाम को प्रतिक्रमण के पश्चात सभी समाज जनों ने एक दुसरे से मिच्छामि दुकडम कह कर सभी से क्षमा मांगी । पर्यूषण पर्व पर कुक्षी नगर के जिन मंदिरो के मूलनायक भगवान की आकर्षक अंग रचना की गई । नगर में बगैर साधु – साध्वी के हुई बड़ी तपस्या जिनमे 16 उपवास, 11 उपवास, 9 उपवास, अठाई, छट अट्ठम, आदि की झड़ी लग गई । बुधवार पारणा पाचम को लाभार्थी परिवार द्वारा सभी तपस्वियों व समाज जनो के लिए पारणे का आयोजन किया गया पश्चत बड़े मंदिर जी से भव्य वरघोड़ा निकाला गया जिसमें समाज जनो व तपस्विओ के साथ
वरघोडे का समापन बड़े उपाश्रय पर हुआ।






























