आधार निगरानी समिति की बैठक कलेक्टर एस कृष्ण चैतन्य की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। आधार से संबंधित समस्त प्रकार की शिकायतों हेतु जिला स्तर पर अपर कलेक्टर को नोडल एवं जिला ई-गवर्नेन्स प्रबंधक को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
दमोह@चतुर्भुज बिट्टू दुबे
बैठक में जिले में समस्त रजिस्ट्रार/इनरोलमेंट ऐजेंसी के माध्यम से संचालित आधार मशीनों की जानकारी प्रस्तुत की गई। 0 से 05 वर्ष के बच्चों की आधार पंजीयन मात्र 59040 होने के कारण डी.पी.ओ. महिला बाल विकास को निर्देशित किया गया कि उनके रजिस्ट्रार के माध्यम से संचालित आधार मशीनों के माध्यम से आंगनबाडी में दर्ज बच्चों का शतप्रतिशत आधार पंजीयन सुनिश्चित कराया जाये।
वरिष्ठ प्रबंधक इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक को निर्देशित किया कि उनके पास उपलब्ध फोन के माध्यम से अधिक से अधिक नागरिकों के आधार में मोबाइल नंबर का अद्यतन किया जाये। आधार नामांकन पूर्णतः निःशुल्क है यदि किसी भी ऑपरेटर द्वारा आधार नामांकन हेतु कोई भी राशि की मांग की जाती है तो उक्त जानकारी जिला कलेक्टर कार्यालय में स्थित ई-गवर्नेन्स कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
इसी प्रकार पांच वर्ष एवं 15 वर्ष के बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक संशोधन नि:शुल्क है। आधार में डेमोग्राफिक संशोधन हेतु शुल्क 50 रूपये एवं बायोमेट्रिक संशोधन (डेमाग्राफिक सहित) 100 रूपये निर्धारित है। ए-4 साईज में ई-आधार रंगीन प्रिन्ट हेतु 30 रूपये निर्धारित हैं, यदि उक्त संबंध में निर्धारित शुल्क से अधिक शुल्क लिया जाता है तो इसकी शिकायत जिला ई-गवर्नेन्स कार्यालय में की जा सकती है।
जिले में संचालित सभी आधार ऑपरेटर्स को निर्देशित किया गया कि आधार का संचालन शासकीय परिसर में ही किया जाये, अन्य किसी निजी स्थान पर नहीं, अन्यथा संबंधित के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। इसी प्रकार आधार सेवा से संबंधित दरों का प्रकाशन फ्लैक्स के माध्यम से समस्त आधार ऑपरेटर्स अपने केन्द्रों पर करेंगे। साथ ही आधार से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत हेतु ई-गवर्नेन्स कार्यालय का मोबाइल नंबर प्रदर्शित करायेंगे।
समस्त आधार ऑपरेटर्स को यह भी निर्देशित किया गया कि आधार सेवा से संबंधित ली गई राशि की यूआईडीएआई द्वारा निर्धारित प्रारूप में ए-4 साईज में संबंधित हितग्राही को देना सुनिश्चित करेंगें। जिन नागरिकों द्वारा 10 वर्ष के पूर्व आधार पंजीयन कराया था एवं उसके पश्चात् एक बार भी संशोधन नहीं किया है तो ऐसे समस्त नागरिकों को दस्तावेज संशोधन हेतु निर्देशित किया जाये।






























