भगवानपुरा विधान सभा क्षेत्र के शिक्षक भैरोसिंह कछ्वाहे के होनहार बेटे कुंदन अब न्याय की कुर्शी पर बैठकर अदालत में न्याय करते दिखेंगे।
बिस्टान@टीम भारतीय न्यूज़
न्यायिक परिक्षा 2022 में सफलता हासिल कर उन्हें ओवरऑल 442 में से203 अंक हासिल किए अनिसुचित जनजाति में उन्हें चौथा स्थान मिला है । चयन को लेकर जज कुंदन कछ्वाहे ने कहा नियमित 6 घण्टे पढ़ाई कर मेंस में जज राइटिंग निर्णय लेखन की तरकीब सीखि सफलता मिली तीसरे प्रयास में सफल परिणाम आये प्राम्भिक स्कूली शिक्षा सामरपाठ ग्राम से की फिर खरगोन ओर एल एल बी इंदौर से की प्राम्भिक परीक्षा में 150 अंक के 12 विषय होते है इनमें लॉ विषय के 110, जीके 20,,कम्प्यूटर व इंग्लिश के10 -10 अंक सामिल है जबकि मेंस के कुल 4 में से 2 लॉ पेपर जजमेंट राइटिंग ट्रांस्लेसन व निबन्ध के पेपर होते है एस टी वर्ग में 180 कटऑफ रहा इसके अलावा 20 अंक इंटरव्यू के जरूरी होता है ।सफलता पर पिता जी कहते है शिक्षक कभी साधारण नही होता।
बेटे की सफलता के पीछे एक शिक्षक है।
एक शिक्षक का बेटा जब न्यायाधीश बना है तो यह सम्पूर्ण शिक्षक समाज के लिए गौरव की बात है।
आज शिक्षक समुदाय गौरान्वित है जिले के भगवानपुरा के मोहनपुरा में वर्षो से पदस्थ शिक्षक श्री भैरूसिंह कछवाहे के बेटे श्री कुंदन कछवाहे पर,जो “सिविल जज” के पद चयनित हुए है। शिक्षक के बेटे की इस उपलब्धि से सम्पूर्ण शिक्षक समाज में ख़ुशी की लहर है।
कुंदन के पिताजी म प्र शिक्षक भगवानपुरा के पदाधिकारी है। संघ की जिला खरगोन की ओर से कुंदन की इस उपलब्धि पर ईस्ठजन, परिवार जनों ने हर्ष व्यक्त करते हुए शुभकामनाऐ देकर उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
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