धार जिले के धरमपुरी में विश्व बैंक की सहायता से सीवरेज परियोजना का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। तरल अपशिष्ट प्रबंधन के उचित प्रबंधन के लिए धरमपुरी में 2 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया है।
धरमपुरी@जफर अली
सीवरेज नेटवर्क के लिए लगभग 19 किलोमीटर की सीवरेज लाइन बिछाई गई है। दस वर्षों के संचालन और संधारण के साथ इस परियोजना की लागत करीब 28.44 करोड़ रूपये है । इस परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2018 में प्रारंभ हुआ था। धरमपुरी में 2 हजार 242 घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ जा चुका है। मलजल शोधन संयंत्र में शोधन उपरांत प्राप्त जल का उपयोग उद्यानिकी,सड़कों की सफाई, अग्निशमन, तराई, जैसे कार्यों के लिए उपयोग किया जा रहा है। ऑल इण्डिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्नमेंट के सहयोग से नागरिकों सीवरेज कनेक्शन के लाभ समझाते हुए जागरूकता अभियान चलाया गया जिसका परिणाम यह हुआ कि धरमपुरी के लगभग सभी रहवासियों ने अपने घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ा । अब धरमपुरी को वॉटर प्लस नगर बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी द्वारा धरमपुरी में सीवरेज परियोजन का कार्य किया गया है।






























