जिला न्यायालय दमोह द्वारा एक प्रकरण में सुनवाई करते हुए सहायक शिक्षक की दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर वाहन चालक को दोषी मानते हुए बीमा कंपनी को 40,00000 रुपए मृत शिक्षक के परिजनों को दिए जाने का आदेश पारित किया है।
दमोह@चतुर्भुज बिट्टू दुबे
अधिवक्ता मुकेश पांडेय ने जानकारी देते हुए बताया है कि शासकीय प्राथमिक शाला पतलोनी में पदस्थ सहायक शिक्षक रूप सिंह ठाकुर दिनांक 19.06.2016 को मोटरसाइकिल से नोहटा आ रहे थे की जब वह कलेरा बगीचा के पास पहुंचे थे तभी ट्रक संख्या एचआर 55 के 52 59 के चालक अंगद ने ट्रक को उपेक्षा एवं लापरवाही से चलाकर शिक्षक की मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी थी जिससे उन्हें गंभीर प्रकृति की चोटें आई थी और उनकी मृत्यु हो गई थी मृतक के परिजनों द्वारा यह प्रकरण प्रतिकार प्राप्ति हेतु न्यायालय के समक्ष लाया गया था जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा आदेश पारित किया गया है! इस प्रकरण में महत्वपूर्ण बात यह रही थी कि वाहन चालक के पास वाहन चलाने का कोई वैध लाइसेंस नहीं था वह घटना समय उत्तर प्रदेश का फर्जी लाइसेंस लेकर वाहन चला रहा था, माननीय न्यायालय द्वारा अपने निर्णय में उल्लेख किया है कि बीमा कंपनी द्वारा अपनी पॉलिसी के अंतर्गत वाहन स्वामी से तृतीय पक्ष का जोखिम कवर करते हुए प्रीमियम प्राप्त किया है और मृतक इस प्रकरण में तृतीय पक्ष की श्रेणी में आता है बीमा कंपनी ने भी तृतीय पक्ष के जोखिम कबर होने से इनकार नहीं किया है लेकिन इस प्रकरण में बीमा पॉलिसी की शर्तों का भंग हुआ है तब “संदाय तथा वसूली करने” सिद्धांत लागू होता है! तृतीय पक्षकार के जोखिम के मामले में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिशा निर्देशानुसार आदेश पारित किया है अर्थात सर्वप्रथम बीमा कंपनी मृतक के परिजनों को प्रतिकार राशि 40 लाख 85 हजार 200 रुपया भुगतान करेगी उसके बाद कंपनी को स्वतंत्रता दी गई है कि वह चाहे तो वाहन स्वामी एवं चालक से वसूली हेतु वाद दायर कर सकती है!






























