महान सूफ़ी हजऱत ख़्वाजा अब्दुस्सलाम चिश्ती का 31 वाँ वार्षिक उर्स मुबारक 13 से 16 नवंबर तक दमोह के पुराना बाज़ार चिश्ती नगर में स्थित दरगाह परिसर में मनाया जा रहा है ।
दमोह@चतुर्भुज बिट्टू दुबे
उर्स कार्यक्रम की शुरुआत 13 नवंबर दिन शनिवार सुबह 7 बजे से जामा मस्जिद के पेश इमाम हाफ़िज मुनव्वर रज़ा साहब ने परचम कुशाई झण्डा फ़हराने से की रात 9 बजे से नातिया मनकबत का मुशायरा होगा जिसमें स्थानीय ऊर्दू साहित्यक संस्था इदाराऐ सलामी के शायर और दमोह नगर की सभी साहित्यक संस्थाओं के शायर शिरकत करेगें 14 नवंबर दिन रविवार रात 09 बजे से तक़रीर प्रोग्राम होगा जिसमें मेहमान मौलाना शिरक़त करेगें । 15 नवंबर दिन सोमवार सुबह 9 बजे आस्ताने से कुरान ख़्वानी, दोपहर 12 बजे महफिले सिमा हाजी क़ासिम , हाजी हासिम ठेकेदार के मकान खानकाह से दोपहर 3 बजे से संदली चादर जुलूस नगर में मुख्य मार्गों से निकलेगा शाम 7 बजे आस्ताने ख़्वाजा अब्दुस्सलाम साहब चिश्ती के मज़ार शरीफ पर चादर चढ़ाई जाएगी रात 9 बजे से मौलाना तहसीन रज़ा व हाफ़िज ख़लील साहब का तक़रीर प्रोग्राम इसके अलावा रात 11,20 पर फ़ातिहा विशाल होगी इसके बाद रात रात्रि 12 बजे से क़व्वाली प्रोग्राम होगा जिसमें हिंदुस्तान की मशहूर क़व्वाल पार्टी उस्ताद सलीम झंकार सूफ़ियाना कलाम पेश करेंगे । 16 नवंबर दिन मंगलवार को सुबह 10 बजे से महफिले रंग व कुल शरीफ की फ़ातिहा होगी जिसमें मुल्क के लिए अमन चैन की सामूहिक दुआ होगी।
दमोह का चिश्ती नगर बना आस्था का केन्द्र
पुराना बाज़ार चिश्ती नगर में स्थित हजऱत ख़्वाजा अब्दुस्सलाम साहब चिश्ती का दरबार अब लोगों के लिए आस्था के केंद्र बना हुआ है यहां स्थित दरगाह पर हर जाति धर्म के लोग प्रतिवर्ष यहां ना सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि अन्य राज्यों से आकर दमोह के चिश्ती नगर में ख़्वाजा साहब के दरबार में हाज़री देते है और फूल चादर पेश करके दुआएँ मानते है। अंजुमन चिश्तिया कमेटी के सदस्य इम्तियाज़ चिश्ती ने जानकारी देते हुए बताया यहाँ आने वाले जायरीन में ज्यादातर ख़्वाजा साहब के मुरीदों की तादात ज्यादा रहती है जो देश के अलग अलग हिस्सों में मौजूद है जो हर साल उर्स के मौके पर दमोह आकर उर्स में शामिल होते हैं। यहाँ उर्स परंपरागत तरीके से ख़ानक़ाही रीति रिवाज़ से होता आ रहा है यहाँ ख़्वाजा साहब के दरबार से कोई भी मायूस नहीं लौटता सबकी मुरादें पूरी होती है । इसीलिए हर वर्ष ऊर्दू कलेक्टर के अनुसार ग्यारवीं शरीफ़ के महीने में होने वाले उर्स मुबारक में मध्यप्रदेश के भोपाल, विदिशा, कटनी जबलपुर, होशंगाबाद, छिंदवाड़ा, ,पचमढ़ी, सारनी, के अलावा अन्य राज्यों में राजस्थान के जयपुर, कोटा, उत्तरप्रदेश के आगरा , लख़नऊ, कानपुर जैसे महा नगरों से ज़ायरीन ख़्वाजा साहब के दरबार में उर्स के मौके पर शामिल होने आते है । उर्स कमेटी अंजुमन चिश्तिया सभी मेहमानों के ठहरने का इंतज़ाम करती है वही जगह जगह लंगर का आयोजन होता है ।






























