हरसूद जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत उडेल के ग्रामीणों ने पंचायत सचिव पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे पंचायत कभी कभार ही खोलते है। जिसके चलते शासन द्वारा चलाई जा रही जनहितैषी योजनाओं का लाभ हम ग्रामीणों को नही मिल पा रहा है। पंचायत भवन में हर वक्त ताला जड़ा रहता है जिसके कारण ग्रामीणों को पंचायत संबंधित कार्यो के लिये दर -दर भटकने को मजबूर होना पड़ता है।
खंडवा@टीम भारतीय न्यूज़
वही ग्राम के सरपंच का सीधे -साधे होने का फायदा उठाकर वहां पर पदस्थ सचिव सुनील उपाध्याय द्वारा व्यापक रूप से भ्रष्टाचार किया जा रहा है।सचिव द्रारा अपने चहेते को ही योजना का लाभ दिया जाता है ग्राम के ग्रामीणों ने बताया कि 1 वर्ष पूर्व क ई मजदुरो ने मनरेगा अंतर्गत मैने काम किया था । जिसकी मजदूरी आज दिनांक तक भी प्राप्त नही हो पाई है।मजदुरो ने अपनी मजदूरी का पैसा लेने के लिए मैने कई बार सचिव को फोन भी लगाया लेकिन सचिव ग्रामीणों के नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल देता है।वही अधिकतर सचिव का मोबाइल बंद ही रहता है। उसी प्रकार सीसी रोड,स्टॉप डेमो में नाममात्र सीमेंट गिट्टी उपयोग कर लाखों रुपये सचिव द्वारा डकार लिए गए है।
ग्राम पंचायत में पानी का टैंकर देखरेख के अभाव में हो रहा खराब।

ग्राम पंचायत में शासन द्वारा जो पानी का टैंकर दिया गया है वह भी देखरेख के अभाव में खराब हो रहा है ग्रामीणों ने बताया कि कई बार सचिव को हमारे द्वारा जानकारी दी गई कि टैंकर के टायर पंचर हो चुके हैं लेकिन कई महीनों से टैंकर की वैसी की वैसी स्थिति है टैंकर के टायर ट्यूब खराब होने लगे हैं लेकिन जवाब दारो ने इस और कोई ध्यान दिया ही नहीं गर्मी के मौसम में पानी की किल्लत को टैंकर के पानी से ही पूर्ति की जाती है।
बेडी मोहल्ले में लगा ट्यूबेल पर्याप्त पानी होने के बावजूद भी मोटर के अभाव में बंद पड़ा है ग्रामीणों ने कहा कि अगर इसमें मोटर डाल दी जाए तो पर्याप्त पीने का पानी वार्ड वासियों को मिलने लग जाएगा
पंचायत नही खुलने के कारण गाँव की नालियां कई दिनों से साफ नही करवाई गई जिसके कारण नालियां से दुर्गंध सी चलने लगी है।जिसकी शिकायत ग्रामीणों द्वारा की गई है उसके बावजूद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अगर ग्राम पंचायत उडेल में हुए विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच करा ली जाए. तो बहुत बड़ा भ्रष्टाचार सामने आ सकता है।






























