पिता के आदर्शों पर चल कर पाई अभूतपूर्व सफलता, किया नाम रोशन, कपड़े सिल कर अपने बेटे को बनाया डॉक्टर, बेटे ने किया पिता का नाम रोशन, राष्ट्रपति करेंगे सम्मानित।
धरमपुरी@सय्यद जफर अली
जीवन में आपदाओं को अवसरों में बदलते हुए, परिश्रम और लगन के बल पर छोटे से नगर धरमपुरी के लाल विनर्स किशोर दवाने ने पूरे इलाक़े का नाम रोशन किया है। उन्हें पर्यावरण विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधि गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय से मिलेगी। महामहिम राष्ट्रपति के हाथों विनर्स को उपाधि और सम्मान दिया जाएगा। विनर्स किशोर दवाने के रूप में संभवतः धरमपुरी का पहला कोई शख्स राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित व डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने जा रहा है। विनर्स की यह सफलता उनके पिता की भी सफलता है और एक पिता के रूप में उनके संघर्षों और आदर्शों की भी विजय है। विनर्स के पिता ने अपने बेटे की शिक्षा के लिए बहुत संघर्ष किया है। वे पेशे से दर्जी थे पर उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा और परवरिश में कभी कोई कमी नहीं रहने दी। विनर्स भी अपनी सफलता और उपलब्धि का सारा श्रेय अपने पिता के संघर्ष और जीवटता को देते हैं।
विनर्स बताते हैं कि उनके पिता ने उन्हें प्रतिकूलता के आगे समर्पण करना नहीं सिखाया। पिता कहा करते थे कि प्रतिभा परिचय की मोहताज नहीं होती। प्रतिभा का प्रकाश प्रतिकूलता के अंधकार को चीरता हुआ अपना प्रकाश बिखेर ही देता है। नाकामी का दोष दुर्भाग्य पर मढ़ने के बजाय जो निरन्तर सफलता के लिए कठोर परिश्रम, निरन्तर प्रयास का पथ चुनते है, नियति उन्हीं के शीश मुकुट पर कामयाबी का कोहिनूर जड़ती है।
अपने पिता के संघर्ष और उनकी मेहनत को आदर्श बना कर एक दर्जी के बेटे का यहाँ तक पहुंचना और शिक्षा की सर्वोच्चय उपाधि प्राप्त करना प्रेरक है और इस बात की मिसाल भी है कि प्रतिभाएं अपना रास्ता बना ही लेती हैं। विनर्स दवाने ने बताया कि उनके पिता पेशे से दर्जी हैं। उन्होंने उन्हें पढ़ाने के लिए अथक परिश्रम किया है। और आर्थिक रूप से छोटा काम होते हुए भी उनकी शिक्षा में कोई कसर कभी नहीं छोड़ी। जीवन में आगे बढ़ने, समाज और राष्ट्र के लिए कुछ बेहतर और रचनात्मक करने की प्रेरणा सदैव उन्हें अपने पिता से ही मिली है। विनर्स के अनुसार अपने प्रेरक शब्दों से उनके पिता जी अपने बच्चों का मनोबल बढ़ाते रहे जिससे ऊर्जा व उत्साह पाकर विनर्स अपने जीवन में लगातार उपलब्धियां अर्जित करते रहे। जिसका सुखद सुफल आज महामहिम राष्ट्रपति के हाथों डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने व सम्मानित होने के रूप में प्राप्त होने जा रहा है।
विनर्स दवाने ने बताया कि उन्होंने बचपन से अपने पिता के कठोर संघर्ष को देखा, समझा और जाना कि किस तरह से जीवन में विषम से विषम परिस्थियों में संघर्ष और कुछ बेहतर कर दिखाने के जज़्बे के साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ा जा सकता है। पिता की सीख को जीवन में अंगीकार कर शिक्षा व रिसर्च के क्षेत्र में विनर्स ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। सफलता के पथ पर अग्रसर रहते हुए निरन्तर उपलब्धियां अर्जित करते रहे।
विनर्स की प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर व शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धरमपुरी में हुई। कॉलेज की शिक्षा धार व इंदौर होलकर साइंस कॉलेज से पूर्ण की। एमफील व पीएचडी सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ गुजरात गांधीनगर से किया। अनेक नेशनल लेवल परीक्षाओं में क्वालीफाई किया। विनर्स ने अनेक रिसर्च किए, जिनमें से कई रिसर्च राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठियों में सम्मानित हुए। विनर्स ने बताया कि 23 फरवरी को उन्हें महामहिम राष्ट्रपति द्वारा डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की जाएगी। विनर्स की इस उपलब्धि पर परिजनों, इष्टमित्र व शुभचिंतकों में हर्ष व्याप्त है।





























