खंडवा में इन दिनों रिंगरोड और बायपास बड़ा मुद्दा बनता जा रहा हैं। खंडवा के लोग भी अनोखे आयोजन कर अपने जनप्रतिनिधियों को उनके वादों को याद दिला रहे हैं। खंडवा की आवाज़ संस्था ने सबसे पहले वादों की अर्थी यात्रा निकली फिर शोक सभा की अब शोकसभा के बाद अन्नदान कर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को जगाने की कोशिश कर रहे हैं।
खंडवा @ टीम भारतीय न्यूज़
सड़क किनारे बैठ कर अन्न ग्रहण करते यह लोग खंडवा में चाहते हैं की खंडवा में बायपास और रिंगरोड बन जाए ताकि फिर किसी की सड़क दुर्घटना में मौत न हो और इस तरह उसका भी मृत्य भोज न किया जाए। अपने नेताओं और प्रशासन के प्रति यह अनोखा विरोध प्रदर्शन खंडवा की आवाज़ संस्था ने रखा था। हाल ही में 26 जनवरी के दिन हुई एक सड़क दुर्घटना ने खंडवा के लोगों को हला कर रख दिया था। इस से पहले भी शहर में बड़े वाहनों के चलते भयानक एक्सीडेंट हो चुके है इसी बात को लेकर खंडवा की आवाज़ संस्था ने अपने जनप्रतिनिधियों को नींद से जगाने उन्हें उनके किये गए वादे याद दिलाने के लिए पहले रिंगरोड बायपास की शव यात्रा निकली फिर शोकसभा कर अपने नेताओं को उनका वादा याद दिलाने की कोशिश की जब बात नहीं बानी तो आज रिंगरोड बायपास की शव यात्रा का मृत्य भोज अन्नदान का आयोजन निगम चौराहे पर सड़क किनारे किया। जिसमें सभी राहगीरों को भोजन कराया गया ताकि इस माध्यम से उनकी बात सांसद विधायक सुन सके और खंडवा में रिंगरोड बायपास का वर्षो पुरना वादा पूरा हो सके।
खंडवा की आवाज़ के इस अनूठे आयोजन में सड़क चलते लोग भी शामिल हुए और अपने जनप्रतिनिधियों से मांग करि की जल्द ही रिंगरोड और बायपास का निर्माण जल्द किया जाए। अन्नदान के आयोजन में शामिल हुए एक स्थानीय नागरिक ने कहा कि जब वह यहाँ से अपने बेटे के साथ गुजरा रहे थे तभी उन्होंने इस आयोजन को देखा और यहाँ बैठ कर भोजन भी किया अब आम नागरिक भी यही चाहता है की नेताओं ने जो वादे किए हैं उन्हें वह पूरा करें नहीं तो समय आने पर हम भी उनसे किए वादे भूल जाएंगे।
अब देखना होगा की इन लोगों के इस अनूठे अयोजन से नेता नींद से जागते हैं या उनकी कुम्भकर्णीय नींद चुनाव में ही खुलेगी। या फिर खंडवा में रिंगरोड और बायपास का वादा चुनावी वादा ही बनकर रह जाएगा।





























