मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 11 अगस्त 2026 को हुई मध्यप्रदेश मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
भोपाल@साबिर खान fm
कैबिनेट ने कुल 47 हजार 990 करोड़ रुपये के विभिन्न प्रस्तावों को स्वीकृति दी। इनमें स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, सड़क एवं अधोसंरचना विकास, किसानों के हित, वन प्रबंधन, महिला सशक्तिकरण और कृषि शिक्षा से जुड़े फैसले शामिल हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और आयुष्मान भारत के लिए ₹44,515 करोड़
कैबिनेट ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना सहित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक संचालन के लिए कुल 44,515.13 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इसमें राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए 28,083.47 करोड़ रुपये और आयुष्मान भारत के लिए 12,123.81 करोड़ रुपये शामिल हैं।
इसके अलावा स्वास्थ्य संस्थाओं की सुरक्षा एवं सफाई व्यवस्था के लिए 1,159.58 करोड़ रुपये और जिला स्तरीय अमले के लिए 654.84 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इन योजनाओं के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, टीबी उन्मूलन, सिकल सेल, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, निःशुल्क दवा एवं जांच जैसी स्वास्थ्य सेवाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
भोपाल-विदिशा मार्ग होगा फोरलेन
भोपाल को मेट्रोपोलिटन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में कैबिनेट ने भोपाल-विदिशा मार्ग के 44.830 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन, पेव्ड शोल्डर सहित विकसित करने के लिए 1,757.55 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। यह मार्ग भोपाल और विदिशा जिलों को जोड़ता है और सांची सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों तक पहुंच प्रदान करता है।
वहीं भोपाल बायपास 4-लेन मार्ग को 6-लेन में विकसित करने के मद्देनजर 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक उपयोगकर्ता शुल्क संग्रहण की अनुमति भी दी गई है।
वन समितियों के लिए ₹918 करोड़ की मंजूरी
संयुक्त वन प्रबंधन समितियों को लाभांश देने की योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए 918 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। अब वन संरक्षण एवं संवर्धन में भागीदारी करने वाले श्रमिकों के साथ संबंधित क्षेत्रों के रहवासियों को भी लाभांश का लाभ मिलेगा।
रानी दुर्गावती और रानी अवंती बाई पुरस्कार की राशि बढ़ी
महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए रानी दुर्गावती राज्य स्तरीय पुरस्कार की राशि 2 लाख रुपये करने की मंजूरी दी गई है। वहीं रानी अवंती बाई राज्य स्तरीय वीरता पुरस्कार की राशि 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है। इसका उद्देश्य विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए समाज सेवा और महिला-बाल कल्याण के क्षेत्र में योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित करना है।
सोयाबीन किसानों के लिए भी बड़ी सौगात
सीहोर जिले की इछावर तहसील के ग्राम भाऊखेड़ी में नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट के लिए 20 हेक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। यहां कृषि विज्ञान केंद्र स्थापित किया जाएगा, जिससे सोयाबीन अनुसंधान और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक से लाभ मिलने की उम्मीद है।
कृषि विश्वविद्यालय के लिए ₹795.59 करोड़
जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के आगामी पांच वर्षों के संचालन के लिए 795.59 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। विश्वविद्यालय के 11 महाविद्यालयों और 8 अनुसंधान केंद्रों के माध्यम से कृषि शिक्षा, अनुसंधान और कृषि विस्तार की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
इसके अलावा खनिज साधन विभाग की परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 2.50 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। देवास जिले के टोंकखुर्द क्षेत्र की पटाखा फैक्ट्री में हुई अग्नि दुर्घटना की न्यायिक जांच आयोग के कार्यकाल में भी वृद्धि को कैबिनेट ने अनुमोदित किया है।
कुल मिलाकर, कैबिनेट के इन फैसलों में स्वास्थ्य, सड़क, किसान, महिला सशक्तिकरण, वन संरक्षण और कृषि शिक्षा को प्रमुख प्राथमिकता दी गई है।






























