• Latest
  • Trending
  • All
बंटवारे में मां की चीखें सुनीं, भाई को मरते देखा:नकल उतारने पर शाहरुख पर केस किया, सरकार ने बैन कीं मनोज कुमार की फिल्में

बंटवारे में मां की चीखें सुनीं, भाई को मरते देखा:नकल उतारने पर शाहरुख पर केस किया, सरकार ने बैन कीं मनोज कुमार की फिल्में

July 24, 2026
‘लव लॉटरी’- मूवी रिव्यू:प्यार किया, शादी की और फिर पति पर पत्नी के कत्ल का इल्जाम; आखिर असली कातिल कौन है?

‘लव लॉटरी’- मूवी रिव्यू:प्यार किया, शादी की और फिर पति पर पत्नी के कत्ल का इल्जाम; आखिर असली कातिल कौन है?

September 25, 2026
DHAR : जयेश राजपुरोहित तीसरी बार बने धार जिले के जिला आयोग मित्र, मानव अधिकारों के संरक्षण के लिए करेंगे कार्य..

DHAR : जयेश राजपुरोहित तीसरी बार बने धार जिले के जिला आयोग मित्र, मानव अधिकारों के संरक्षण के लिए करेंगे कार्य..

September 25, 2026
‘द वन’- मूवी रिव्यू:वन देवी की लोककथा, छठी मइया की आस्था और रहस्य से भरी कहानी, जंगल में छिपा है कौन सा राज?

‘द वन’- मूवी रिव्यू:वन देवी की लोककथा, छठी मइया की आस्था और रहस्य से भरी कहानी, जंगल में छिपा है कौन सा राज?

September 25, 2026
एक्टर मुश्ताक खान को आज अंतिम विदाई:राजपाल यादव बोले- निधन से 2 घंटे पहले ही मिला था; सनी देओल ने भी दुख जताया

एक्टर मुश्ताक खान को आज अंतिम विदाई:राजपाल यादव बोले- निधन से 2 घंटे पहले ही मिला था; सनी देओल ने भी दुख जताया

September 25, 2026
सत्यनारायण पूजन में टी-सीरीज ऑफिस पहुंचे बॉलीवुड सेलेब्स:वरुण-कार्तिक, सारा और रकुल शामिल हुए, ‘हनुमान अंश’ फेम शोभिनव भी दिखे; जैकी श्रॉफ ने बांटा प्रसाद

सत्यनारायण पूजन में टी-सीरीज ऑफिस पहुंचे बॉलीवुड सेलेब्स:वरुण-कार्तिक, सारा और रकुल शामिल हुए, ‘हनुमान अंश’ फेम शोभिनव भी दिखे; जैकी श्रॉफ ने बांटा प्रसाद

September 25, 2026
पहली फिल्म बंद हुई, अंडे-शकरकंद खाकर गुजारा किया:सिद्धार्थ मल्होत्रा बोले- ढीठपन और अड़ियलपन ने बचाया, ‘शेरशाह’ ने दी नई पहचान

पहली फिल्म बंद हुई, अंडे-शकरकंद खाकर गुजारा किया:सिद्धार्थ मल्होत्रा बोले- ढीठपन और अड़ियलपन ने बचाया, ‘शेरशाह’ ने दी नई पहचान

September 25, 2026
हॉलीवुड फिल्ममेकर हार्वे वीनस्टीन MeToo मामले में फिर दोषी करार:कोर्ट ने सुनाई 15 साल की सजा; बोले- मैंने गलतियां की हैं

हॉलीवुड फिल्ममेकर हार्वे वीनस्टीन MeToo मामले में फिर दोषी करार:कोर्ट ने सुनाई 15 साल की सजा; बोले- मैंने गलतियां की हैं

September 24, 2026
रूमर्ड गर्लफ्रेंड संग दिखे गोविंदा, पत्नी का बयान आया:सुनीता आहूजा बोलीं- इंसानों को जितना प्यार करो, कोई फायदा नहीं, धोखा ही देते हैं

रूमर्ड गर्लफ्रेंड संग दिखे गोविंदा, पत्नी का बयान आया:सुनीता आहूजा बोलीं- इंसानों को जितना प्यार करो, कोई फायदा नहीं, धोखा ही देते हैं

September 24, 2026
शाहरुख खान की नेटवर्थ ₹2,500 करोड़ कम हुई:अब भी देश के सबसे अमीर एक्टर; सलमान ₹3,000 करोड़ की संपत्ति के साथ तीसरे नंबर पर

शाहरुख खान की नेटवर्थ ₹2,500 करोड़ कम हुई:अब भी देश के सबसे अमीर एक्टर; सलमान ₹3,000 करोड़ की संपत्ति के साथ तीसरे नंबर पर

September 24, 2026
अल्लू अर्जुन की फिल्म ‘राका’ ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड:37 लोगों का एक साथ रियल-टाइम मोशन कैप्चर किया; 92 कैमरों का किया गया इस्तेमाल

अल्लू अर्जुन की फिल्म ‘राका’ ने बनाया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड:37 लोगों का एक साथ रियल-टाइम मोशन कैप्चर किया; 92 कैमरों का किया गया इस्तेमाल

September 23, 2026
रानी मुखर्जी की मां के निधन पर पहुंचे बॉलीवुड स्टार्स:शाहरुख-आमिर और आलिया श्रद्धांजलि देने पहुंचे; जुहू में हुआ अंतिम संस्कार

रानी मुखर्जी की मां के निधन पर पहुंचे बॉलीवुड स्टार्स:शाहरुख-आमिर और आलिया श्रद्धांजलि देने पहुंचे; जुहू में हुआ अंतिम संस्कार

September 23, 2026
DHAR : पीजी कॉलेज में सात दिवसीय स्पोकन इंग्लिश प्रोग्राम शुरू, 100 छात्र-छात्राओं को मिलेगा प्रशिक्षण..

DHAR : पीजी कॉलेज में सात दिवसीय स्पोकन इंग्लिश प्रोग्राम शुरू, 100 छात्र-छात्राओं को मिलेगा प्रशिक्षण..

September 23, 2026
  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Saturday, September 26, 2026
  • Login
Bhartiya News
  • होम
  • ताजा खबरे
    MP : भोपाल की यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के पीथमपुर में निस्तारण पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई

    MP : भोपाल की यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के पीथमपुर में निस्तारण पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई

    Bhopal : छात्रा से छेड़छाड़ कर आत्महत्या के लिए उकसाने वाला शिक्षक गिरफ्तार, महाकुंभ में साधु के वेश में छिपा था।

    Bhopal : छात्रा से छेड़छाड़ कर आत्महत्या के लिए उकसाने वाला शिक्षक गिरफ्तार, महाकुंभ में साधु के वेश में छिपा था।

    MP : विद्युत विभाग में स्मार्ट मीटर पर दिन में 8 घंटे की बिजली खपत पर 20% छूट देने का प्लान तैयार किया..

    MP : विद्युत विभाग में स्मार्ट मीटर पर दिन में 8 घंटे की बिजली खपत पर 20% छूट देने का प्लान तैयार किया..

    MP : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी, युवक गिरफ्तार..

    MP : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी, युवक गिरफ्तार..

    MP : केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दोनों बेटों की शादी के लिए जैत में भव्य आयोजन, शिवराज ने पत्नी साधना के साथ गीत गाकर मेहमानों को मोहित किया।

    MP : केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दोनों बेटों की शादी के लिए जैत में भव्य आयोजन, शिवराज ने पत्नी साधना के साथ गीत गाकर मेहमानों को मोहित किया।

    MP : युवती ने की आत्महत्या, छत के पाइप से दुपट्टा बांधकर लगाई फांसी..

    MP : युवती ने की आत्महत्या, छत के पाइप से दुपट्टा बांधकर लगाई फांसी..

    Good news : मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षा 10वी 12वीं के विद्यार्थी के लिए अब दो मुख्य परीक्षा होंगी फेल होने पर दोबारा दें सकेंगे परीक्षा..

    Good news : मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षा 10वी 12वीं के विद्यार्थी के लिए अब दो मुख्य परीक्षा होंगी फेल होने पर दोबारा दें सकेंगे परीक्षा..

    Shiv Navratri 2025 : 17 फरवरी से शुरू होगा शिव आराधना का महापर्व..

    Shiv Navratri 2025 : 17 फरवरी से शुरू होगा शिव आराधना का महापर्व..

    डाइट में शामिल करें ये 4 हाई प्रोटीन फूड, तेजी से वजन घटाने में करेंगे मदद

    डाइट में शामिल करें ये 4 हाई प्रोटीन फूड, तेजी से वजन घटाने में करेंगे मदद

  • मध्य प्रदेश
    • इंदौर
    • ग्वालियर
    • जबलपुर
    • भोपाल
    • उज्जैन
    • चंबल
    • नर्मदा पुरम
    • रीवा
    • सागर
    • शहडोल
  • देश विदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • महाराष्ट्र
    • दिल्ली
  • संस्कृति
  • अपराध
  • राजनीति
  • विशेष
  • वीडियो
  • Important Links
    • About us
    • Privacy Policy
    • Discliamer
    • E paper
    • Terms & Conditions
    • वीडियो
    • Contact Us
No Result
View All Result
Bhartiya News
No Result
View All Result
  • होम
  • ताजा खबरे
  • मध्य प्रदेश
  • देश विदेश
  • संस्कृति
  • अपराध
  • राजनीति
  • विशेष
  • वीडियो
  • Important Links
Home Entertainment

बंटवारे में मां की चीखें सुनीं, भाई को मरते देखा:नकल उतारने पर शाहरुख पर केस किया, सरकार ने बैन कीं मनोज कुमार की फिल्में

by Sabir Khan
July 24, 2026
in Entertainment
0
बंटवारे में मां की चीखें सुनीं, भाई को मरते देखा:नकल उतारने पर शाहरुख पर केस किया, सरकार ने बैन कीं मनोज कुमार की फिल्में
501
SHARES
1.4k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
Contact News Publisher

सिनेमा में कई हीरो आए, कई सुपरस्टार बने, लेकिन एक अभिनेता ऐसा भी था जिसने पर्दे पर उपकार, पूरब और पश्चिम, रोटी कपड़ा और मकान जैसी फिल्मों के जरिए देशभक्ति को जिया। उनका नाम था मनोज कुमार। देशप्रम ही वो वजह था कि लोग उनका असली नाम भूलने लगे और उन्हें सिर्फ एक नाम से पुकारने लगे ‘भारत कुमार’। उनकी फिल्मों में दिखने वाला जज्बा, जुनून और दर्द सिर्फ अभिनय नहीं था। उन्होंने खुद 10 साल की उम्र में भारत-पाक के बंटवारे से उठी चीखें सुनी और कई जाने जाते देखीं। बीमार मां को दर्द से कराहते देखा और छोटे भाई को दम तोड़ते भी। सिर पर छत नहीं थी, भविष्य का कोई भरोसा नहीं था और उम्मीद भी टूटने लगी, लेकिन किसे पता था कि पाकिस्तान से भागा वो बच्चा, देशभक्ति की ऐसी मिसाल बनेगा कि हर कोई उन्हें असल नाम से ज्यादा भारत कुमार के नाम से पहचानेगा। आज मनोज कुमार उर्फ भारत कुमार की बर्थ एनिवर्सरी है। अप्रैल 2025 में उनका निधन हो गया है, लेकिन अगर आज वो होते तो 88 साल के हो जाते। उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर जानिए, विभाजन के दर्द से निकलकर देश का हीरो बनने की कहानी- किस्सा- 1 दंगों में भाई की मौत हुई, यमुना में शव बहाया; इलाज न करने वाले डॉक्टर्स को लाठी से पीटा 24 जुलाई 1937 ब्रिटिश इंडिया के एबटाबाद के पंजाबी हिंदू परिवार में हरिकृष्ण गिरी गोस्वामी का जन्म हुआ, जो बाद में मनोज कुमार नाम से जाने गए। वो हिस्सा जहां उनका जन्म हुआ वो बंटवारे के बाद पाकिस्तान के खैबर पखतूनख्वा में आता है। मनोज कुमार महज 10 साल के थे, जब अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद बंटवारा शुरू हुआ। दंगे भड़के और जान बचाते हुए मनोज कुमार का परिवार दिल्ली के हडसन लाइन रिफ्यूजी कैंप में आकर रहने लगा। छोटा भाई कुक्कू महज 2 माह का था। पैदाइश से ही उसकी तबीयत खराब रहती थी और मां भी बीमार चल रही थी। दंगों के बीच डॉक्टर्स भी जान बचाने की जद्दोजहद कर रहे थे, तभी भाई की सही इलाज न मिल पाने से मौत हो गई। बचपन का वो दर्द याद कर मनोज कुमार ने संसद टीवी के शो गुफ्तगू में कहा- वो रोता हुआ बचपन, जो लाहौर से बिछड़ गया, जो एबटाबाद से बिछड़ गया। बहुत रोता हुआ बचपन था वो, आज भी सोचता हूं तो आंखे भले ही संभाल लूं, लेकिन दिल रोता है। दिल का रोना बहुत भयानक होता है। सबसे बड़ा मैं, मुझसे छोटी बहन ललिता। जब बंटवारा हुआ तो मां ने छोटे भाई को जन्म दिया। कुक्कू नाम था उसका, बीमार, मां भी बीमार। हम रिफ्यूजी कैंप में थे। मां को दिल्ली के तीस हजारी अस्पताल में रखा गया। जब सायरन बजता था, तो डॉक्टर-नर्स अंडरग्राउंड चले जाते थे। मां मेरी तड़प रही थी, भाई तड़प रहा था। मां चीख रही थी कि डॉक्टर को बुलाओ। वो सब अंडरग्राउंड थे। मां चीख मारी, मेरा भाई कुक्कू चला गया था। मैं गुस्से में था। मैं लाठी लेकर अंडरग्राउंड गया। डॉक्टर्स को भी मारा, नर्स को भी मारा। पिता जी आए, उन्होंने संभाला। दूसरे दिन उस 2 महीने के बच्चे को जमुना जी में बहा दिया, जैसे-जैसे वो नीचे जा रहा था, वैसे-वैसे लगता था कि मैं डूब रहा हूं। फिर पिता जी ने रात को अपने सिर पर हाथ रखकर कसम खिलवाई कि जिंदगी में दंगा, मारपीट नहीं करना। आखिर में मनोज कुमार ने रुंहासी आवाज में कहा, जिसका बचपन मर गया, समझो वो आदमी ही मर गया। भाई की मौत के बाद भी मनोज कुमार, 2 महीने तक रिफ्यूजी कैंप में ही रहे और हालात बेहतर होने के बाद परिवार दिल्ली में ही बस गया। पिता स्टील की फैक्ट्री में काम करते थे, लेकिन साथ ही वो शायर थे। जब मनोज कुमार के पिता 5वीं में थे, तो लामा इकबाल ने उनकी नजम सुनकर उन्हें खिज्र का तकाजा दिया था। जब उनका कलाम छपा, तो महाराष्ट्र उर्दू एकेडमी से उन्हें सिमरन अवॉर्ड मिला। किस्सा- 2 दिलीप कुमार को फिल्मों में मरता देख मान लिया फरिश्ता, सोचा- मैं भी फरिश्ता बनूंगा दिल्ली में ही मनोज कुमार की पढ़ाई हुई। वह कम उम्र के थे, जब मामा उन्हें अक्सर फिल्में दिखाने ले जाते थे। तब दिलीप कुमार स्टार बन चुके थे, जिनकी फिल्में अक्सर सिनेमाघरों में लगती थीं। मनोज कुमार ने सबसे पहले दिलीप कुमार की 1947 में आई फिल्म जुगनू देखी, जिसमें उनके किरदार की मौत हो जाती है। तब तक मनोज कुमार नहीं जानते थे कि सिनेमा क्या होता है। कुछ समय बाद उन्होंने दिलीप कुमार की फिल्म शहीद (1948) देखी। उसमें भी दिलीप कुमार को मरता हुआ दिखाया गया। मनोज कुमार फिल्म देखकर घर लौटे, तो देर तक सोए ही नहीं। मन में बस एक ही ख्याल था कि जब वो शख्स एक साल पहले (फिल्म जुगनू में) मर चुके हैं, तो दोबारा (फिल्म शहीद में) कैसे मर सकते हैं। मां ने उन्हें जागते देखा, तो पूछ लिया- सोते क्यों नहीं हो? मनोज कुमार ने मासूम आवाज में कहा- बीजी (जैसा वो मां को पुकारते थे), आदमी कितनी बार मरता है? मां ने जवाब दिया- एक बार। मनोज कुमार ने फिर कहा- और जो 2-3 बार मरे? मां ने कहा- वो तो फरिश्ता ही होगा। उस दिन मनोज कुमार ने ठान लिया कि मैं भी बड़ा होकर फरिश्ता ही बनूंगा। किस्सा- 3 कजन का खत मिलने पर बॉम्बे पहुंचे, सेट पर सामान ढोने का काम मिला बढ़ती उम्र के साथ मनोज कुमार हीरो बनने का ख्याल पक्का करने लगे। उन्होंने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से पढ़ाई पूरी की। मनोज कुमार के कजन लेखराज भाकरी भी हिंदी सिनेमा से जुड़ चुके थे। एक दिन जब मनोज कुमार की लेखराज से मुलाकात हुई, तो उन्होंने मनोज को देखते ही कहा- तू तो हीरो लगता है। मनोज सुनकर खड़े हुए और झट से कहा- तो बना दीजिए। लेखराज ने जब फिल्में डायरेक्ट करना शुरू किया, तो उन्हें मनोज की कही वो बात याद रही। 1956 में उन्होंने मनोज के परिवार को खत लिखकर उन्हें बॉम्बे भेजने को कहा। माता-पिता की रजामंदी के बाद मनोज बॉम्बे पहुंचे और चाचा-चाची के घर में रहने लगे। लेखराज ने शुरुआत में उन्हें सेट असिस्टेंट का काम दिया, जहां वो शूटिंग से जुड़ा सामान ढोते थे। कुछ समय बाद ही उन्हें कड़ी मेहनत की बदौलत असिस्टेंट डायरेक्टर का काम मिलने लगा। किस्सा- 4 पहली फिल्म में 19 साल के मनोज कुमार को बनाया 90 साल का भिखारी, गर्लफ्रेंड भी नहीं पहचान सकी मनोज कुमार के कजिन लेखराज ने 1957 की फिल्म फैशन डायरेक्ट की, जिसमें माला सिन्हा और प्रदीप कुमार लीड रोल में थे। इस फिल्म में मनोज ने उन्हें असिस्ट किया था। तब वह महज 19 साल के थे। शूटिंग शुरू होने से पहले लाइट टेस्टिंग के लिए मनोज को ही कैमरे के सामने खड़ा कर लाइट चेक की जाती थी। जब इस फिल्म के छोटे से रोल के लिए कोई कलाकार नहीं मिला, तो लेखराज ने मनोज से कहा कि वो इसे करें। मनोज को लगा कि कोई बढ़िया सा रोल होगा, लेकिन बाद में पता चला कि 19 साल के मनोज कुमार को 90 साल के एक भिखारी का रोल मिला है। उन्होंने इसे भी स्वीकार किया और पूरे गेटअप के साथ भिखारी बन गए। इस समय तक मनोज कुमार को दिल्ली के कॉलेज में साथ पढ़ने वाली शशि को पसंद करते थे। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। घर में टेलीफोन नहीं था, तो जब मनोज छुट्टी पर दिल्ली जाते तभी दोनों की बात होती थी। जब मनोज को फिल्म फैशन में काम मिला, तो वो घरवालों और गर्लफ्रेंड शशि को खबर नहीं दे सके। फिल्म रिलीज हुई और शशि अपनी दोस्तों के साथ फिल्म देखने पहुंचीं। उन्होंने पूरी फिल्म देखी, लेकिन भिखारी बने मनोज कुमार का गेटअप ऐसा था कि वो उन्हें पहचान ही नहीं सकीं। फिल्म फैशन में रोल छोटा जरूर था, लेकिन मनोज कुमार कुछ मिनटों के अभिनय में अपनी गहरी छाप छोड़ने में कामयाब रहे। आगे उन्हें सहारा, चांद और हनीमून जैसी और फिल्मों में छोटे-मोटे रोल मिलने लगे। किस्सा- 5 दिलीप कुमार की फिल्म से प्रेरित होकर बदला नाम मनोज कुमार का असली नाम हरिकृष्ण गिरी गोस्वामी था, हालांकि जब उन्हें फिल्मों में काम मिलने लगा तो उन्होंने नाम बदल दिया। बचपन में उन्होंने दिलीप कुमार की फिल्म शबनम देखी थी, जिसमें उनके किरदार का नाम मनोज कुमार था। फिल्मों के लिए उन्होंने अपना नाम ही मनोज कुमार रख लिया। हर फिल्म में उन्हें इसी नाम से क्रेडिट दिया जाता था। छोटे-मोटे रोल करने के बाद हुनर की बदौलत मनोज कुमार को फिल्म कांच की गुड़िया (1960) में लीड रोल दिया गया। आगे उन्होंने रेशमी रूमाल, चांद, बनारसी ठग, गृहस्थी, अपने हुए पराए, वो कौन थी जैसी और फिल्में कीं, लेकिन असल पहचान मिली 1962 की फिल्म हरियाली और रास्ता से। आगे शादी (1962), गृहस्थी (1963), फूलों की सेज (1964) ने उन्हें टॉप एक्टर्स में शामिल किया, जिसके बाद ब्लॉकबस्टर फिल्म वो कौन थी (1964) से मनोज कुमार स्टार बने। इस फिल्म के गाने लग जा गले और नैना बरसे रिमझिम आज भी काफी मशहूर हैं। स्टार बनने के बाद मनोज कुमार को दिलीप कुमार के साथ 1968 की फिल्म आदमी में काम मिला। किस्सा- 6 लाल बहादुर शास्त्री के कहने पर बनाई फिल्म मनोज कुमार ने 1965 में फिल्म शहीद में काम किया, जो भगत सिंह पर बनी थी। फिल्म बड़ी हिट रही और इसके गाने ‘ऐ वतन, ऐ वतन हमको तेरी कसम…’, ‘सरफरोशी की तमन्ना… और ओ मेरा रंग दे बसंती चोला… काफी पसंद किए गए। ये फिल्म तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को इतनी पसंद आई कि उन्होंने मनोज कुमार से कहा कि उन्हें नारे जय जवान जय किसान पर फिल्म बनाने की सलाह दी। सलाह मानते हुए मनोज कुमार ने फिल्म उपकार (1967) बनानी शुरू कर दी और इसे डायरेक्ट करने का भी फैसला किया। एक दिन मनोज कुमार ने मुंबई से दिल्ली जाने के लिए राजधानी ट्रेन की टिकट खरीदी और ट्रेन में चढ़ गए। ट्रेन में बैठे-बैठे ही उन्होंने आधी फिल्म लिखी और लौटते हुए आधी। जब मनोज कुमार ने अनाउंस किया कि वो उपकार फिल्म से डायरेक्शन में कदम रखने जा रहे हैं, तो राज कपूर ने उन्हें तीखे शब्दों में सलाह दी, या तो एक्टिंग कर लो या डायरेक्शन, क्योंकि हर कोई राज कपूर नहीं है, जो हर काम एक साथ कर ले। 1967 में आई उपकार उस साल की सबसे बड़ी फिल्म थी। फिल्म का गाना मेरे देश की धरती सोना उगले.. आज भी सबसे बेहतरीन देशभक्ति गानों में गिना जाता है। फिल्म में मनोज कुमार का नाम भारत था। फिल्म के गाने की पॉपुलैरिटी देखते हुए मनोज कुमार को मीडिया ने भारत कहना शुरू कर दिया और फिर उन्हें भारत कुमार कहा जाने लगा। फिल्म हिट होने के बाद राज कपूर ने अपनी कही बात पर पछतावा जाहिर करते हुए मनोज कुमार से कहा था- ‘मुझे लगता था कि सिर्फ मैं ही अपना कॉम्पिटिशन हूं, लेकिन अब मुझसे मुकाबला करने के लिए तुम आ गए हो।’ फिल्म भले ही लाल बहादुर शास्त्री के कहने पर बनी थी, लेकिन अफसोस वो इसे देख नहीं सके। 1966 में शास्त्री जी ताशकंत, उज्बेकिस्तान की यात्रा पर निकले थे। वो लौटने के बाद फिल्म उपकार देखते, लेकिन ताशकंत में ही इंडो-पाकिस्तान वॉर में शांति पत्र साइन करने के अगले दिन 11 जनवरी 1966 को उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के एक साल बाद 11 अगस्त 1967 को फिल्म रिलीज हुई। लाल बहादुर शास्त्री को फिल्म न दिखा पाने का अफसोस ताउम्र मनोज कुमार को रहा। किस्सा- 7 इमरजेंसी का विरोध किया, फिल्में बैन हुईं मनोज कुमार के तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के अच्छे ताल्लुकात थे, लेकिन जब इमरजेंसी की घोषणा हुई तो मनोज कुमार ने इसका जमकर विरोध किया। विरोध करने वाले कई सितारों की फिल्मों को बैन कर दिया गया, जिनमें मनोज कुमार की फिल्में भी शामिल हुईं। उनकी फिल्म दस नंबरी, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बैन कर दी और फिल्म शोर सिनेमाघरों में रिलीज के 2 हफ्ते पहले ही दूरदर्शन पर दिखा दी गई। जब फिल्म सिनेमाघरों में लगी तो ये फ्लॉप हो गई। किस्सा- 8 इमरजेंसी पर फिल्म बनाने से किया इनकार, अमृता प्रीतम से कहा- क्या तुम बिक चुकी हो कुछ दिनों बाद मनोज कुमार के पास सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से कॉल आया, जिसमें उनसे पूछा गया कि क्या वो इमरजेंसी पर बन रही डॉक्यूमेंट्री का निर्देशन करेंगे। मनोज ने साफ तौर पर इनकार कर दिया। जब उन्हें पता चला कि डॉक्यूमेंट्री को मशहूर राइटर अमृता प्रीतम लिख रही हैं, तो उन्होंने तुरंत अमृता प्रीतम को कॉल मिलाया और पूछा कि क्या तुम बिक चुकी हो। मनोज ने की बात सुनकर अमृता प्रीतम भी उदास हो गईं। आगे उन्होंने अमृता से कहा कि उन्हें इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रिप्ट फाड़ देनी चाहिए। किस्सा- 9 दिलीप कुमार को क्रांति की शूटिंग में हुई अड़चन तो रोक दी शूटिंग मनोज कुमार ने उपकार के बाद पूरब और पश्चिम, शोर, रोटी कपड़ा और मकान जैसी कई सुपरहिट फिल्में बनाईं। जब मनोज कुमार ने क्रांति (1981) बनाई, तो इसमें दिलीप कुमार को कास्ट किया। वही दिलीप कुमार, जो उनकी फिल्मों में आने की प्रेरणा थे। ये वो समय था, जब दिलीप कुमार ने 4 सालों तक कोई फिल्म नहीं की थी, इसके बावजूद वो राजी हो गए। ये एक मेगा बजट की फिल्म थी। फिल्म के एक सीन के लिए दिलीप कुमार को लोहे की जंजीरें पहनाकर राज दरबार में पेश किया जाना था। बार-बार टेक हुआ, लेकिन दिलीप कुमार भारी-भरकम जंजीरों में सही शॉट नहीं दे पाए। एक समय दिलीप साहब झुंझला गए और डायरेक्टर मनोज कुमार से कहा- तुमने मुझे ये जंजीरों वाला जवाहरात पहना दिया है, इसका वजन शरीर पर आ रहा है। पहले इसे हल्का करवाओ। अब वो जमाना गया जब हम 15 किलो वजन के साथ एक्टिंग करते थे। ये सुनते ही मनोज कुमार ने तुरंत शूटिंग रुकवा दी। उन्होंने रबर की जंजीरें बनवाईं और ऐसी पेंट करवाईं कि वो असली लगें। उन हल्की जंजीरों के साथ ही फिर दिलीप साहब ने शूटिंग की। किस्सा 10 फिल्म क्रांति, जिसके नाम पर बिकने लगे कपड़े ये उस साल की सबसे बड़ी हिट होने के साथ-साथ शोले के बाद भारत की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी थी। देश के 26 सेंटर में 25 हफ्तों से ज्यादा चली थी। फिल्म मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) और जूनागढ़ (गुजरात) में भी सिल्वर जुबली रही, जहां कोई फिल्म टिकती नहीं थी। करीब डेढ़ सालों तक सिनेमाघरों में चली ये फिल्म 96 दिनों तक हाउसफुल थी। फिल्म का क्रेज ऐसा था कि दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में तो इस फिल्म के पोस्टर वाली टी-शर्ट, शर्ट, जैकेट और अंडरगार्मेंट्स भी बिकने लगे थे। किस्सा- 11 बहन की मौत के बावजूद, अगले दिन मनोज कुमार के सेट पर पहुंचे थे प्राण 1966 की फिल्म दो बदन में मनोज कुमार ने पहली बार प्राण के साथ काम किया और दोनों दोस्त बन गए। फिल्मों के मशहूर विलेन प्राण को हमेशा नेगेटिव रोल ही मिलते थे। ऐसे में उनकी छवि बदलने के लिए मनोज कुमार ने उन्हें अपनी फिल्म आह में पॉजिटिव रोल दिया। ये फिल्म फ्लॉप रही और लोगों ने प्राण को नापसंद किया, लेकिन मनोज कुमार ने तब भी हार नहीं मानी। उसी समय मनोज उपकार फिल्म में काम कर रहे थे। उन्होंने इस फिल्म में उन्हें मलंग बाबा का पॉजिटिव रोल देने का फैसला किया। इस सिलसिले में दोनों की मुलाकात हुई। मनोज कुमार- क्या आप मेरी फिल्म में मलंग बाबा का रोल प्ले करोगे? प्राण ने जवाब दिया- पंडित जी, लाइए स्क्रिप्ट पढ़ लूं। वो मनोज कुमार को पंडित जी ही कहते थे। स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद उन्होंने कहा, पंडित, फिल्म की स्क्रिप्ट और मलंग का किरदार दोनों बहुत खूबसूरत हैं, लेकिन एक बार सोच लो, क्योंकि मेरी छवि खूंखार, शराबी, जुआरी और बालात्कारी की है। क्या दर्शक मुझे किसी साधू बाबा के रोल में अपना सकेंगे। इरादों के पक्के मनोज कुमार ने उन्हें वो रोल दिया और शूटिंग शुरू कर दी। प्राण साहब समय के बेहद पाबंद थे। एक दिन वो सेट पर पहुंचे तो मनोज कुमार को लगा कि वो बीमार हैं। उन्होंने पास जाकर पूछा- आपकी तबीयत तो ठीक है ना? जवाब मिला- हां, मैं एकदम फिट हूं। उस दिन दोनों ने एक्शन सीन शूट किए। जब पैकअप हुआ तो फिर मनोज ने गौर किया कि प्राण साहब कुछ ठीक नहीं लग रहे। वो तुरंत मेकअप रूम में पहुंचे और कहा- आप कुछ छिपा रहे हैं। आप आज मुझे ठीक नहीं लग रहे। अगर कुछ बात है तो बताइए। जवाब में प्राण साहब ने कहा- नहीं कुछ नहीं, दरअसल कल शाम को मेरी बड़ी बहन की अचानक मौत हो गई। उस चक्कर में मैं रात भर सो नहीं पाया। ये सुनकर मनोज कुमार दंग रहे है कि अपनी जान से प्यारी बड़ी बहन को खोने पर भी वो सेट पर पहुंच गए। मनोज ने फिर कहा- अगर ऐसा कुछ था तो आपने मुझे फोन करके बताया क्यों नहीं, मैं आज की शूटिंग कैंसिल कर देता। जवाब मिला- मैं हरगिज ऐसा नहीं चाहता था कि मेरी वजह से आपकी फिल्म का शेड्यूल खराब हो। वैसे भी आपने बहुत मुश्किल से इतने सारे कलाकारों को एक साथ जुटाया है। मेरी वजह से फिल्म को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होना चाहिए। इसके बाद से ही दोनों की दोस्ती हर फिल्म के साथ गहरी होती चली गई। जब 12 जुलाई 2013 को मनोज कुमार ने प्राण साहब के निधन की खबर सुनी तो सदमे में चले गए। उन्होंने खुद को एक कमरे में बंद कर लिया और बातचीत करनी बंद कर दी। कई दिनों तक मनोज कुमार ने न किसी से मुलाकात की न ही कुछ बोले।
किस्सा- 12 शाहरुख खान पर किया था 100 करोड़ की मानहानी का केस 2007 की फिल्म ओम शांति ओम के एक सीन में शाहरुख खान ने मनोज कुमार की नकल उतारी थी। मनोज कुमार की मिमिक्री करते हुए उन्होंने उनका सिग्नेचर पोज भी किया था, जिसमें वो अपने हाथों को चेहरे के सामने लाते थे। फिल्म में मजाक बनता देख मनोज कुमार इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने शाहरुख खान और ईरोज पर 100 करोड़ रुपए का मानहानि का मुकदमा कर दिया। मामला बढ़ता देख शाहरुख खान ने ई-मेल के जरिए मनोज कुमार से माफी मांगी थी। मनोज कुमार ने शाहरुख को माफ कर दिया और कोर्ट ने भी फिल्ममेकर्स को उस सीन को फिल्म से हटाने के आदेश दे दिए। भारत के बाद जब जापान में ये फिल्म रिलीज हुई तब भी उस सीन को नहीं हटाया गया। इस बात से नाराज होकर मनोज ने कहा था, मैं शाहरुख को कभी माफ नहीं करूंगा, उसने मेरी और कोर्ट के आदेश की इंसल्ट की है। हालांकि, समय के साथ ये मामला खत्म हो चुका है। बता दें कि ये मामला कोर्ट के बाहर ही सेटल हो गया था।

Share200Tweet125Share50
Sabir Khan

Sabir Khan

  • Trending
  • Comments
  • Latest
Badnawar : मीडिया प्रभारी महेश पाटीदार को श्रेष्ठ पत्रकारिता के लिए सम्मानित किया गया।

Badnawar : मीडिया प्रभारी महेश पाटीदार को श्रेष्ठ पत्रकारिता के लिए सम्मानित किया गया।

January 29, 2024
धार : शहर के इमामबाड़े को लेकर मुस्लिम समाज ने दिया ज्ञापन।

धार : शहर के इमामबाड़े को लेकर मुस्लिम समाज ने दिया ज्ञापन।

August 20, 2023
धरमपुरी में कुछ समय के लिए छाया सन्नाटा, आम लोगों की समझ से परे अफरातफरी मच गई और नगर की दुकानों के सटर गिरने लगें।

धरमपुरी में कुछ समय के लिए छाया सन्नाटा, आम लोगों की समझ से परे अफरातफरी मच गई और नगर की दुकानों के सटर गिरने लगें।

March 16, 2021

किसान यूनियन ने किया धरना प्रदर्शन एसीएम ने समझा-बुझाकर धरना कराया समाप्त

0
पति ने पत्नी को कुल्हाड़ी से काटकर उतारा मौत के घाट, बेटी ने पिता के बारे में बताई ये बात

पति ने पत्नी को कुल्हाड़ी से काटकर उतारा मौत के घाट, बेटी ने पिता के बारे में बताई ये बात

0
फिरोजपुर में दो पक्षों में झगड़ा, गांव पहुंची पुलिस टीम को भी घेरा, बचाव में करनी पड़ी हवाई फायरिंग

फिरोजपुर में दो पक्षों में झगड़ा, गांव पहुंची पुलिस टीम को भी घेरा, बचाव में करनी पड़ी हवाई फायरिंग

0
‘लव लॉटरी’- मूवी रिव्यू:प्यार किया, शादी की और फिर पति पर पत्नी के कत्ल का इल्जाम; आखिर असली कातिल कौन है?

‘लव लॉटरी’- मूवी रिव्यू:प्यार किया, शादी की और फिर पति पर पत्नी के कत्ल का इल्जाम; आखिर असली कातिल कौन है?

September 25, 2026
DHAR : जयेश राजपुरोहित तीसरी बार बने धार जिले के जिला आयोग मित्र, मानव अधिकारों के संरक्षण के लिए करेंगे कार्य..

DHAR : जयेश राजपुरोहित तीसरी बार बने धार जिले के जिला आयोग मित्र, मानव अधिकारों के संरक्षण के लिए करेंगे कार्य..

September 25, 2026
‘द वन’- मूवी रिव्यू:वन देवी की लोककथा, छठी मइया की आस्था और रहस्य से भरी कहानी, जंगल में छिपा है कौन सा राज?

‘द वन’- मूवी रिव्यू:वन देवी की लोककथा, छठी मइया की आस्था और रहस्य से भरी कहानी, जंगल में छिपा है कौन सा राज?

September 25, 2026
Bhartiya News

Copyright © 2017 Bhartiya News

Navigate Site

  • About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • होम
  • ताजा खबरे
  • मध्य प्रदेश
    • इंदौर
    • ग्वालियर
    • जबलपुर
    • भोपाल
    • उज्जैन
    • चंबल
    • नर्मदा पुरम
    • रीवा
    • सागर
    • शहडोल
  • देश विदेश
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • महाराष्ट्र
    • दिल्ली
  • संस्कृति
  • अपराध
  • राजनीति
  • विशेष
  • वीडियो
  • Important Links
    • About us
    • Privacy Policy
    • Discliamer
    • E paper
    • Terms & Conditions
    • वीडियो
    • Contact Us

Copyright © 2017 Bhartiya News

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In