भोपाल। मध्यप्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav की मौजूदगी में राज्य सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड और जर्मन सरकार समर्थित इंडो-जर्मन एग्रीवोल्टाइक सहयोग परियोजना (IGCA) के बीच एक महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
यह साझेदारी प्रदेश में एग्री सौर पीवी (Agrivoltaics) को बढ़ावा देने के लिए की गई है, जिसके तहत किसान अपनी कृषि भूमि पर खेती के साथ-साथ सौर ऊर्जा उत्पादन भी कर सकेंगे। इससे किसानों को खेती के अलावा अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा और भूमि के बेहतर उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। यह पहल पीएम-कुसुम 2.0 जैसी योजनाओं के अनुरूप किसानों की आय बढ़ाने, खाद्य सुरक्षा बनाए रखने और जलवायु-अनुकूल ग्रामीण विकास को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
एमओयू के तहत जर्मनी की GIZ और इंडो-जर्मन एग्रीवोल्टाइक सहयोग परियोजना राज्य में एग्रीवोल्टाइक परियोजनाओं की पहचान, तकनीकी एवं आर्थिक मूल्यांकन, डिजाइन, वित्तीय व्यवहार्यता और क्रियान्वयन में सहयोग करेंगी। साथ ही किसानों, किसान उत्पादक संगठनों, ऊर्जा विकासकर्ताओं और अन्य हितधारकों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि इस पहल से किसानों को दोहरा लाभ मिलेगा—एक ओर कृषि उत्पादन जारी रहेगा, वहीं दूसरी ओर सौर ऊर्जा उत्पादन से अतिरिक्त आमदनी भी प्राप्त होगी। यह एमओयू वर्ष 2030 तक प्रभावी रहेगा और प्रदेश में कृषि एवं ऊर्जा क्षेत्र के समन्वित विकास का आधार बनेगा।






























