मुख्यमंत्री अब देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने अपने आधिकारिक काफिले में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) को शामिल किया है। मुख्यमंत्री के काफिले में महिंद्रा कंपनी की अत्याधुनिक XEV 9e इलेक्ट्रिक कार को शामिल किया गया है, जिसे पर्यावरण अनुकूल परिवहन की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है।
भोपाल@साबिर खान fm
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इस नई इलेक्ट्रिक कार से मुख्यमंत्री निवास से स्टेट हैंगर, भोपाल तक यात्रा की। बताया जा रहा है कि कंपनी के अनुसार यह इलेक्ट्रिक वाहन एक बार पूर्ण चार्ज होने पर लगभग 500 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकता है।
विकसित भारत 2047’ की झलक नंबर प्लेट में भी…
मुख्यमंत्री की नई इलेक्ट्रिक कार का पंजीयन नंबर MP-02-VB-2047 रखा गया है। इस नंबर में शामिल “VB” को “विकसित भारत” का प्रतीक माना जा रहा है, जबकि “2047” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य की ओर संकेत करता है। यह नंबर केवल वाहन की पहचान ही नहीं बल्कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का संदेश भी देता है।
नई इलेक्ट्रिक कार आधुनिक तकनीकों से लैस है। इसमें 360 डिग्री कैमरा, उन्नत सुरक्षा सुविधाएं और अत्याधुनिक ड्राइविंग सिस्टम उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री के वाहन चालकों को इस ईवी के संचालन के लिए विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर गंभीर हैं मुख्यमंत्री…
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को लेकर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनका मानना है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं और दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
हाल के महीनों में राज्य सरकार ने वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण से जुड़े कई कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते रहे हैं। वे सौर ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के पक्षधर हैं तथा इसे भविष्य की ऊर्जा आवश्यकता का प्रमुख विकल्प मानते हैं।
सादगी और मितव्ययता की मिसाल…
डॉ. मोहन यादव अपने कार्यकाल के दौरान कई बार सादगी और मितव्ययता की मिसाल पेश कर चुके हैं। हाल ही में इंदौर प्रवास के दौरान उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ टेम्पो ट्रेवलर बस में सफर किया था। वहीं सिंगरौली दौरे के दौरान भी वे टूरिस्ट बस से कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या को भी कम किया है, जिससे अनावश्यक खर्च और ईंधन की खपत को कम किया जा सके। अब इलेक्ट्रिक कार को काफिले में शामिल करने का निर्णय इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला कदम माना जा रहा है।
हरित मध्यप्रदेश की दिशा में महत्वपूर्ण पहल…
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा इलेक्ट्रिक वाहन को अपनाना आम नागरिकों और सरकारी तंत्र के लिए प्रेरणादायक संदेश है। इससे न केवल प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी बल्कि स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के प्रति लोगों में जागरूकता भी बढ़ेगी।
मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल राज्य को हरित और पर्यावरण-अनुकूल विकास की दिशा में आगे बढ़ाने के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की राष्ट्रीय मुहिम को भी मजबूती प्रदान करेगी।






























