वन भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ वन विभाग ने मांडव वन परिक्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 5 हेक्टेयर भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई वन मण्डलाधिकारी धार विजयानंथन टी.आर. के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्र मांडव अंतर्गत सबरेंज लवानी के कक्ष क्रमांक 244 में दो दिवसीय विशेष अभियान के तहत की गई।
धार@अमीन खान
वन विभाग द्वारा 1 एवं 2 जून 2026 को चलाए गए इस अभियान के दौरान वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जों और अतिक्रमण के प्रयासों को हटाकर भूमि को पुनः वन विभाग के नियंत्रण में लिया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार अभियान पूरी तरह नियमानुसार और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
अवैध कब्जों पर चला वन विभाग का बुलडोजर…
अभियान के दौरान भू-माफियाओं एवं अतिक्रमणकारियों द्वारा बनाई गई अस्थायी संरचनाओं और अवैध कब्जों को हटाया गया। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर वन भूमि का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई करते हुए करीब 5 हेक्टेयर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया।
वन विभाग का कहना है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
पुनः कब्जा रोकने के लिए होगा सीमांकन…
वन अधिकारियों ने बताया कि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि का तत्काल सीमांकन और फेंसिंग कराई जा रही है। इसका उद्देश्य भविष्य में दोबारा किसी प्रकार के अवैध कब्जे की संभावना को समाप्त करना है।
विभाग द्वारा भूमि की नियमित निगरानी भी की जाएगी ताकि वन क्षेत्र सुरक्षित बना रहे और वन संपदा को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचे।
वर्षा ऋतु में होगा सघन वृक्षारोपण…
वन विभाग ने जानकारी दी कि आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि पर बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जाएगा। वन संरक्षण एवं संवर्धन योजना के तहत यहां सघन पौधरोपण कर क्षेत्र की हरित संपदा को बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से न केवल वन क्षेत्र का विस्तार होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिक संतुलन को भी मजबूती मिलेगी।
वन संरक्षण के लिए लगातार जारी रहेगा अभियान…
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने और वन क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिलेभर में अभियान जारी रहेगा। विभाग ने आम नागरिकों से भी वन संरक्षण में सहयोग करने और किसी भी प्रकार के अतिक्रमण की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने की अपील की है।
वन विभाग की इस कार्रवाई को क्षेत्र में वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






























