बगैर परमिट 8 वाहन किए जब्त, 3 बसों से 55 हजार का जुर्माना वसूला।
धार@टीम भारतीय न्यूज़
गुना बस हादसे के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के सख्त रवैये को देखते हुए धार जिले में भी प्रशासन बगैर फिटनेस, परमिट के संचालित परिवहन वाहनों को लेकर सख्त हो गया है। शुक्रवार को एडीएम अश्विनी रावत, एएसपी इंद्रजीत बाकलवार ने बस ऑपरेटरों के साथ बैठक की। संचालकों को स्पष्ट कहा गया है कि यदि बगैर फिटनेस, परमिट वाहनों का संचालन किया गया तो सख्ती के साथ कार्रवाई होगी। इस दौरान गुना हादसे को लेकर भी चर्चा हुई। बस ऑपरेटरों ने इस हादसे के लिए 10-10 मिनट के अंतराल में दिए जाने वाले परमिट व्यवस्था को दोषी बताया। संचालकों ने कहा कि 10 मिनट के समय में दूसरी बस का टाईम हो जाता है। इसके कारण प्रतिस्पर्धा लगी रहती है। टाईम मैनेजमेंट में कई मर्तबा रफ्तार ज्यादा होती है। इसके कारण भी दुर्घटनाएं होती है। शासन परमिट जारी करने की व्यवस्था में करीब 30 मिनट का अंतराल रखे। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि अपनी बसों को फीट रखे। जहां का परमिट है वहां के अतिरिक्त अन्य रूट पर बसों का संचालन ना करें। हम सबकी कोशिश है कि बेहतर व्यवस्था का निर्माण हो। इस तरह की लापरवाही दुर्घटना का कारण ना बने।
बैठक में सीएसपी रवीन्द्र वास्कले एवं यातायात विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

यात्री बस संचालकों के साथ स्कूली बस संचालित करने वाले लोगों को भी बैठक में आमंत्रित किया गया था। स्कूली बसों में स्पीड गर्वनर, फिटनेस प्रमाण पत्र, आवश्यक चिकित्सीय व्यवस्थाएं करने के लिए कहा गया है। नियमों के पालन को लेकर वाहनों की जांच का अभियान सतत चलेगा। आप परेशान ना हो, लोग भी परेशान ना रहे। दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए सबसे जरूरी है कि पहले आपका वाहन फीट होना चाहिए। सभी संचालकों ने आश्वस्त किया है कि वह नियमों का पालन करेंगे। इधर फिटनेस समय पर ना मिलने का मुद्दा भी उठा। एक बस संचालक ने कहा कि मेरा प्रमाण पत्र अभी तक नहीं आया। अधिकारियों ने पूछा फिर बस खड़ी है, संचालक ने कहा इतने दिन बस कैसे खड़ी रख सकते है वह तो रूट पर चल रही है। अधिकारियों ने रूट पूछा। संभवत: उस पर कार्रवाई हो सकती है।
वाहनों की चैकिंग, जुर्माना लगााया
शुक्रवार को जहां एक और बैठक का दौर चला। वहीं क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री यादव एवं यातायात पुलिस अधिकारी रोहित निक्कम के मार्गदर्शन में वाहनों की जांच की गई। करीब 100 से अधिक वाहनों की जांच की गई। अमझेरा एवं यातायात पुलिस ने 8 बसों को बगैर परमिट व अन्य धाराओं के उल्लंघन पर जब्त किया है। 3 बसों के संचालकों पर 55 हजार का जुर्माना रोपित कर वसूला गया है।






























