खंडवा के बालक आश्रय गृह यानी नवजीवन चिल्ड्रन होम से एक 16 वर्षीय बालक लापता हो गया। रविवार की शाम बालक की गुमशुदगी की शिकायत थाना कोतवाली पर की गई। इस संस्था से बच्चों के लापता होने का महीनेभर में यह दूसरा मामला है। बैतूल निवासी 16 वर्षीय बालक करीब 3 साल से संस्था की सुपुर्दगी में था। बता दें कि, बाल संरक्षण आयोग का दल पूर्व में ही इस संस्था (NGO) पर जांच के निर्देश जिला प्रशासन को दे चुका है। इधर, बाल कल्याण समिति ने मामले को संज्ञान में लिया है।
खंडवा@टीम भारतीय न्यूज़
नवजीवन चिल्ड्रन होम में बालकों की सुरक्षा को लेकर लगातार चूक हो रही है। एक महीने में यह दूसरी घटना है जब यहां के सुरक्षा इंतजामों को पार कर एक बालक फिर से भाग गया। रविवार की शाम सवा 6 बजे बालक के गायब होने पर संस्था ने इसकी सूचना बाल कल्याण समिति समेत पुलिस के पास भेजी है। इस चिल्ड्रन होम से 24 नवंबर को एक बालक गायब हुआ था। इसके बाद यहां सुरक्षा बंदोबस्त में लापरवाही सामने आने पर बाल कल्याण समिति ने संस्था को चेतावनी दी थी। बावजूद इसके सुरक्षा में सुधार नहीं किया गया।
चिल्ड्रन होम में अपनो से बिछड़े 17 बच्चे निवासरत।
24 नवंबर की घटना के बाद पुलिस जांच में यह बात सामने आई थी कि गणेश तलाई में संचालित नवजीवन चिल्ड्रन होम में 17 बच्चे रह रहे हैं। यह सभी नाबालिग और अपनों से बिछड़े बच्चे हैं। इनकी देखरेख और सुरक्षा की जिम्मेदारी संस्था की है। नवजीवन चिल्ड्रन होम महिला एवं बाल विकास विभाग के अतर्गत संचालित संस्था है। इधर, बाल कल्याण समिति के सदस्य के नारायण बाहेती का कहना है कि, राहुल पिता बंटी नाम का बालक बैतूल के आमला गांव का है। संस्था में रहकर 9वीं की पढ़ाई कर रहा था। पूर्व में जो बालक लापता हुआ था उसे पुलिस ने तलाश लिया था। अब इस बालक को तलाश करने पुलिस निकली है।






























