संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्या सागर जी महाराज का सोमवार सुबह चौपरा चौबीसा से परस्वाहा की ओर सुबह पद विहार हुआ। इसी दौरान क्षेत्रीय विधायक धर्मेन्द्र सिंह ने रोड़ पहुंचकर आचार्य श्री को श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद लिया। सोमवार की आहार चर्या ग्राम रोड़ में सम्पन्न हुई।
दमोह@चतुर्भुज बिट्टू दुबे
आचार्य श्री को आहार देने का सौभाग्य पंडित डॉ अभिषेक जैन, डॉ आशीष जैन, अरविंद जैन, शेरा जैन, अनुराग जैन को प्राप्त हुआ। आचार्य श्री दोपहर रोड़ से पद विहार कर शाम परस्वाहा गांव पहुंचे। रात्रि विश्राम परस्वाहा में हुआ। 4 वर्षो से संचालित हथकरघा केन्द्र का भव्य शुभारंभ आचार्य श्री के दिव्य देशना से मंगलवार को दोपहर में होने जा रहा है। आचार्य श्री के आगमन से पूरा क्षेत्र हर्षित है। परस्वाहा गांव मैं आचार्य श्री के आगमन की सूचना पर हर्ष का माहौल है। सभी क्षेत्रवासी ने दो दिवसीय आचार्य श्री के कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूर्ण कर ली हैं। जहां पर हथकरघा सम्मेलन से लेकर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। जिसका प्रसारण लाइव होगा। गौरतलब हो कि परस्वाहा हथकरघा ग्रामीणों युवाओं के लिए रोजगार का साधन बन गया है। यहां पर संचालित हथकरघा उद्योग से 160 युवाओं को रोजगार मिलने के साथ-साथ आत्म निर्भरता का केन्द्र बनकर देश के विकास में कार्य करेगा। आचार्य श्री के द्वारा इस हथकरघा उद्योग का शुभारंभ करने के बाद पूरे भारत में परस्वाहा गांव हथकरघा उद्योग केंद्र के रूप में पहचाना जाएगा। इसी केंद्र में वर्तमान में 9 चरखा संचालित हैं। जिसको आगे चलकर 108 चरखा मशीन संचालित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
रौनक सिंघई ने बताया कि 24000 वर्ग स्क्वायर फीट मैं निर्मित 2 मंजिला भवन में जहां वर्तमान में 42 हथकरघा मशीन संचालित हैं। जिससे 160 युवाओं को रोजगार मिल रहा है। भविष्य में 108 हथकरघा अत्याधुनिक मशीन पूर्ण करने की दिशा में पूज्य गुरुवर के आशीर्वाद से आगे बढ़ रहे हैं, वहीं इसी से केंद्र में नौ अंबार चरखा संचालित हैं। जिसको बढ़ाकर 108 किया जाना है। भविष्य में 260 युवाओं को रोजगार मिलने से आत्म निर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
इसके पूर्व आचार्य श्री विद्यासागर जी के समक्ष चंडी चौपरा निवासी पूर्व आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल चौधरी ने परस्वाहा हाथकरघा के उन्नयन हेतु पांच लाख रुपए दान किए। आज सुबह से ही पद विहार इलाके में गुरुदेव के दर्शन करने हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। रास्ते में पड़ने वाले हरेक गांव में आमजन ने पूजन की थाल लिए गुरुदेव का दर्शन, पूजन अर्चन किया।






























