कुछ वर्ष पहले देश के सबसे गंदे शहर घोषित किए गए दमोह नगरपालिका क्षेत्र को इस बार स्वच्छता के मामले में अंडर 100 में जगह बनाने में सफलता प्राप्त हुई ।
दमोह@चतुर्भुज बिट्टू दुबे
कुछ वर्ष पहले देश के सबसे गंदे शहर घोषित किए गए दमोह नगरपालिका क्षेत्र को स्वच्छता के मामले में अंडर 100 में जगह बनाने में सफलता प्राप्त हुई है। केंद्र सरकार ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2021 की रैंकिंग के परिणाम आज शनिवार को घोषित कर दिए हैं। दमोह नगर पालिका को ऑल इंडिया में 72 वी रैंक प्राप्त हुई है। जबकि म.प्र.में 13 वी रेंक प्राप्त हुई है। इसमें पूरे देश के नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर परिषद इसमें हिस्सा लेती हैं।
उपरोक्त उपलब्धि पर कलेक्टर एवं नगरपालिका प्रशासक एस. कृष्ण चैतन्य ने संतोष जताते हुए कहा, कि यह अच्छा सुधार है ।आगे यह प्रयास किया जाएगा कि दमोह ऑल इंडिया में टॉप 20 में शामिल हो। पूर्व सीएमओ निशिकांत शुक्ला ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए नगर पालिका की पूरी सफाई विभाग टीम को बधाई दी है। इसके अलावा शहर के लोगों द्वारा जो फीडबैक दिए गए उससे भी नगर पालिका की रैंकिंग में अच्छा सुधार हुआ है। लेकिन सोचने की यह बातें कई अधिकारी दमोह में 4या5 बरसों से एक ही जगह में पदस्थ हैं जैसे पीडब्ल्यूडी के जेपी सोनकर इनके ऊपर किस की मेहरबानी कहे और जबकि नगर पालिका सीएमओ निशीकांत शुक्ला को दमोह आए कुछ ही दिन हुए थे उनका ट्रांसफर कुछ दिन पूर्व ही कर दिया गया यह सोचने वाली बात है निशीकांत शुक्ला द्वारा अच्छा कार्य किया गया उसकी बदौलत दमोह को स्वच्छता सर्वे में स्थान प्राप्त हुआ लेकिन अच्छे अधिकारी दमोह में साल 6 महीने को ही आते हैं ऐसे अधिकारियों की दमोह शहर को जरूरत है।






























