मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश आह्वान पर संघ के तहसील अध्यक्ष देवी प्रसाद शर्मा के निर्देशन में तहसील मुख्यालय पर बड़ी संख्या में एकत्रित के शिक्षकों ने तहसील कार्यालय पहुंचकर अपनी तीन सूत्रीय प्रमुख मांगों के निराकरण हेतु मुख्यमंत्री, वित्तमंत्री और स्कूली शिक्षामंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार अरविन्द यादव को सौंपा।
दमोह@चतुर्भुज बिट्टू दुबे
ज्ञापन में प्रथम मांग- लंबे समय से चली आ रही सहायक शिक्षकों, शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों, व्याख्याताओं, प्राचार्य को उनकी योग्यता अनुसार प्राप्त वेतन के आधार पर अपग्रेड करते हुए शासन द्वारा घोषित उच्च पदभार नीति के आधार पर एक माह के अंदर पदनाम दिया जाए।यह मांग पूर्णता अनार्थिक है,जिसमे वित्तीय भार शून्य है। जबकि गृह विभाग एव चिकित्सा विभाग आदि ने अपने कर्मचारियों के पदनाम आदेश जारी कर दिए हैं।वही दूसरी मांग- अध्यापक संवर्ग एवं वर्तमान में संविलियन शिक्षक संवर्ग को न्यू पेंशन समाप्त करते हुए पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए। तृतीय मांग- शासन ने जुलाई 2020 एवं 2021 की वेतन वृद्धि रोक रखी है उसके शीघ्र आदेश जारी कर वेतन वृद्धि का लाभ तत्काल दिया जावे एवं महंगाई भत्ता 5% जो राज्य शासन द्वारा पूर्व में स्थगित कर दिया गया था। उसका भुगतान भी शीघ्र किया जाए। यदि संघ की तीन सूत्रीय मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया जाता है। तो हमारा संगठन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।ज्ञापन सौंपने अनिल तिवारी,नंदकिशोर बाचपेयी,अनिल सोनी,डीएन सोनकुसरे,सुरेंद्र राय, राजेश राय, शैलेंद्र जैन,राजेश पाटकर,परम सींग,सुख सींग, मोहन सींग, जितेंद्र झारिया,चंद्रभान सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।






























