मिलावट और महंगाई के दौर में अब किन्नरों के बीच भी असली नकली को लेकर झगड़े होना आम बात हो गई है। वर्चस्व की लड़ाई में किन्नरों के बीच हिंदू मुस्लिम से लेकर एक दूसरे को नीचा दिखाने, असली नकली साबित करने साड़ी घाघरा उठाने और मारपीट करने जैसे मामले सामने आते रहने के बाद अब चोटी काटने जैसे मामले सामने आने लगे हैं फिर भी पुलिस हस्तक्षेप करने से बचती नजर आ रही है।
दमोह@चतुर्भुज बिट्टू दुबे
ताजा मामला हटा मुख्यालय पर सामने आया जहां एरिया के विवाद को लेकर एक किन्नर ने अपने गुर्गों के साथ दूसरी किन्नर सार्वजनिक रूप से जलील करते हुए मारपीट करने चोटी काटने के बाद सड़क पर गिराकर घसीटने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस दौरान तमाशाइयों की भीड़ लगी रही। लेकिन किसी की भी हिम्मत इनको अलग-अलग कराने कि नहीं हुई या यह कहें कि लोग चटकारे लेकर किन्नरों के इस झगड़े का मजा लेते रहे।
बताया जा रहा है कि हरे सूट में नजर आ रही रुकसाना किन्नर की हटा तथा आसपास के क्षेत्र में काफी डिमांड है। अनेक लोग इसकी खूबसूरती के भी दीवाने हैं और आगे पीछे भी घूमते रहते हैं। दूसरी और साड़ी वाली किन्नर के डांस के लोग दीवाने हैं। गांव देहातों में लंबे समय से संपर्क होने की वजह से अनेक अवसरों पर लोगों के बीच यह पहले पहुंच जाती है। जिस से रुखसाना की कमाई मारी जाती है। किसी को लेकर इन दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। पहले भी विवाद होने पर रुखसाना इसकी शिकायत एसपी ऑफिस में कर चुकी थी। वही अब नए सिरे से एरिया तथा वर्चस्व को लेकर हुआ इनका विवाद झगड़े में बदलने के बाद हटा थाने भी पहुंचा लेकिन पुलिस फरमाइशी नालिश दर्ज करने तक सीमित रही। ना तो इनका मुलाहिजा कराया गया और ना ही सार्वजनिक स्थल पर गाली गलौज करके झगड़ते हुए माहौल खराब करने और दोबारा ऐसा झगड़ा रोकने को लेकर इन पर 107/ 16 जैसी कार्यवाही करने ध्यान दिया गया। दूसरी ओर किन्नरों के विवाद में दो तीन अन्य युवकों के शामिल होने तथा इनका एक किन्नर की चोटी काटे जाने से लेकर मारपीट में शामिल रहने के बावजूद पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई । जबकि मामले में थाना प्रभारी मनीष मिश्रा का कहना था कि एक दूसरे की शिकायत पर जांच कार्रवाई की जा रही है।






























