विकासखंड के सरकारी अस्पताल में बने कोविड वार्ड का रविवार को औचक निरीक्षण करने पहुचे, एसडीएम जब भौचक्के रहे गए। कोविड वार्ड में डॉक्टर नही दिखा। वही नर्स भी एक ही दिखाई दी। अटेंडर वार्ड में भर्ती मरीजों के पास दिखे। इमरजेंसी डॉक्टर भी अस्पताल से नदारद मिले।
धरमपुरी@सय्यद जफर अली
वाकया रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे का एसडीएम राहुल चौहान सरकारी अस्पताल पहुचे। वे केवल शनिवार को कोविड जिला प्रभारी राजवर्धन सिंह दत्तीगाँव के मनावर दौरे के कारण नही आ पाए थे। निरीक्षण के दौरान पूरे अस्पताल के कोविड वार्ड में एक दो के स्थान पर एक नर्स, एक वार्डबॉय मिला, वही इमरजेंसी ड्यूटी पर भी यही हाल दिखाई दिया। जिस पर एसडीएम नाराज दिखे। उन्होंने बीएमओ डॉ. जोगेन्द्र सिंह डावर को मोबाईल पर अस्पताल में लापरवाही को लेकर लताड़ लगाई। बीएमओ को किसी डॉक्टर की जानकारी नही थी, उन्होंने एसडीएम को डॉक्टरो के अस्पताल में ही होने की बात कही।जिसके बाद कोविड वार्ड की ओर से डॉ. शैलेश पाटीदार प्रकट हुए, पूछने पर पीपीई कीट ओटी में उतारने की बात कही। जबकि एसडीएम कुछ देर पहले ही ओटी चेक करके आए थे। इमरजेंसी ड्यूटी डॉ. बर्फा की थी। लेकिन वे नदारत थे। थोड़ी देर में डॉ सेवन्ता अस्पताल पहुचीं। एसडीएम के पूछने पर बताया कि डॉ. बर्फा के रिश्तेदार बीमार है। डॉ. नरगेस की पत्नी तो डॉ नीरज पाटीदार की बहन की तबीयत खराब होने की बात कही। कोविड वार्ड में 11 मरीज भर्ती है। जबकि डॉ सेवन्ता की ड्यूटी 2 बजे से कोविड वार्ड में और इमरजेंसी ड्यूटी भी डॉ सेवन्ता ही कर रही थी। गौरतलब तलब है कि एसडीएम ने एक रेम्प बनाने और कोविड से प्रसूति वार्ड के बीच का रास्ता बन्द करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक अस्पताल प्रशासन ने निर्देशों का पालन नही किया।
संसाधन की कमी।
अस्पताल में एक ट्रेचर और एक व्हीलचेयर है जिसका उपयोग कोविड वार्ड के साथ एक्सीडेंट, प्रसुता आदि के लिए उपयोग की जा रही है। जिसके कारण संक्रमण का खतरा बना हुआ है। ऑक्सीजन ट्राली जर्जर होकर उपयोग लायक नही है।






























