रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़े का पहला दिन लोगों ने पेट्रोल पंप पर भीड़ लगाकर मनाया।
भीलवाड़ा@टीम भारतीय न्यूज़
जिले सहित राजस्थान प्रदेश में आज रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़ा शुरू हो गया है जिसके तहत सख्त गाइडलाइन का पालन करते हुए लॉक डाउन का ऐलान किया गया है और धारा 144 भी लागू की गई है।
जानकारी के अनुसार वहीं बीती रात को पुलिस अधीक्षक द्वारा शहर में एक रूट मार्च भी निकाला गया और रूट मार्च के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि शहर में सोमवार से सख्त लॉक डाउन की पालना की जाएगी और बेवजह बाहर घूमने वालों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए उन्हें संस्थागत क्वॉरेंटाइन किया जाएगा।
इसी पर समझदारी दिखाते हुए भीलवाड़ा की जनता सड़कों पर नजर आई और सांगानेरी पर लोगों की आवाजाही बिल्कुल बंद रही ।
शहर के सुभानगर थाना क्षेत्र स्थित सांगानेरी गेट,लव गार्डन बस पेट्रोल पंप पर लोगों की भीड़ में देखने को गलती से मिल गई। अगले 15 दिन तक सरकार ने गाइडलाइन निकाली है कि कोई भी छोटा मोटा काम हो या नहीं राशन लेना सब्जी लेना उसके लिए गाड़ी पर नहीं बल्कि पैदल ही जाना है इसीलिए सरकार के पास से पेट्रोल से होने वाली आमदनी बंद हो जाएगी और पेट्रोल पर लगने वाले टैक्स से कमाई सरकार की बंद हो जाएगी इसी को ध्यान में रखते हुए सभी लोगों ने घर में गाड़ी खड़ी रखने के लिए भी पेट्रोल भरना जरूरी समझा और सांगानेरी गेट के पेट्रोल पंप पर भीड़ नजर आई।
भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार सरकारों ने अपनी कमाई के लिए शराब की दुकानों को खोल कर रखा था, लेकिन आम जनता जो शराब नहीं पीती, उनका कहना है कि वह भी इस मुसीबत की घड़ी में सरकार का समर्थन करना चाहते हैं और पेट्रोल के कीमती दाम चुका कर अपनी गाड़ी को घर में ही खड़ा रखेंगे ताकि सरकार को पेट्रोल पर टैक्स मिलता रहे।
पेट्रोल पंप पर लोगों का बिना सोशल डिस्टेंसिंग के खड़े होना यह बताता है कि कितनी बेहतरीन तरीके से भीलवाड़ा शहर में जल अनुशासन पकवाड़ा जो रेड अलर्ट बताया जा रहा है उसका बखूबी से पालन इस शहर की जनता कर रही है।
बताते चलें कि पिछले 24 घंटे में शहर में 30 से भी ज्यादा लोग कोविड-19 के संक्रमण के चलते अपनी जान गवा चुके हैं और 500 से भी ज्यादा संक्रमित हर रोज इस शहर में देखने को मिल रहे हैं। वहीं चिकित्सा महकमा सैंपलिंग की जानकारी देने से बच रहा है। चिकित्सा महकमे यह बताने से बच रहा है कि हर रोज कितनी सैंपल इन हो रही है।
वहीं हमने जब जनता से इस लॉक डाउन के बारे में जानकारी लेनी चाही तो जनता ने सहज स्वीकार किया कि इस बार का लॉकडाउन पिछले बार के लॉकडाउन से थोड़ा ढीला है और इस बार प्रशासन की ओर से तैयारियां भी पूरी नहीं है। लोगों का कहना है कि पिछले लॉकडाउन में गोले बनाकर लोगों को पेट्रोल पंप दिया जा रहा था ताकि सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे लेकिन इस बार ऐसा कोई भी तैयारी प्रशासन द्वारा नहीं की गई है।
अब इस लचर व्यवस्था को लेकर कई सवाल आम जनता द्वारा प्रशासन पर खड़े किए जा रहे हैं अब देखना होगा कि इस व्यवस्था के साथ कब तक हम इस कोरोना जैसी महामारी पर विजय प्राप्त कर सकेंगे।






























