राजस्थान सरकार द्वारा जन अनुशासन पखवाड़े का दूसरा दौर शुरू कर दिया है और इस बार कई और सख्ती दिखाते हुए यह लॉक डाउन लागू करने की बात की गई है, जो 17 मई तक चलेगा। बीती रात सरकार द्वारा यह फैसला लिया गया है क्योंकि राजस्थान के 90% से भी ज्यादा ऑक्सीजन बेड अब भर चुके हैं।
भीलवाड़ा@टीम भारतीय न्यूज़
वहीं भीलवाड़ा की बात करें तो यहां पर वेंटिलेटर के कोई भी बेड उपलब्ध नहीं है और लगातार ऑक्सीजन की कमी निजी अस्पतालों में देखी जा रही है एवं जिला अस्पताल में भी बेड की कमी को महसूस किया जा सकता है।
पिछले कुछ दिनों से जिले भर में जन पखवाड़ा अनुशासन चलाया जा रहा है लेकिन इसके बावजूद भी शहर में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के आंकड़े में कोई कमी देखने को नहीं मिल रही है। इसके अलावा हर रोज के अखबारों में सुबह लोगों को शोक संदेशों की भरमार दिखाई दे रही है, जो साफ तौर पर बताता है कि भीलवाड़ा में अब कोरोना का कहर जानलेवा होता जा रहा है।
कोविड-19 कि यह महामारी अब काल का रूप ले रही है और इस काल में कई लोग समा रहे हैं। ऐसे में अब आम जनता के लिए जरूरी है कि वह अपनी जिम्मेदारी को समझें और घरों में रहे ताकि इस संक्रमण की चेन को रोका जा सके।
बीते 24 घंटों की बात करें तो कोविड-19 से 20 से भी ज्यादा लोगों की मौत की खबर सामने आई है, वही आपको बता दें कि कई लोगों की मौत अस्पताल में भर्ती होने से पहले ही हो रही है। बनेड़ा से एक खबर सामने आई जहां पर एक मरीज को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची तो हाथ गाड़ी से ही उस महिला को अस्पताल पहुंचाया गया और अस्पताल पहुंचने पर भी इलाज मिलने में देरी होने से उस महिला की जान चली गई।
वहीँ इसके साथ साथ कोरोना का कहर अब कलेक्ट्रेट में भी पहुंच गया शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में कार्यरत एक कार्यालय अधीक्षक की कोरोना से मौत हो गई।
हम सभी आपसे निवेदन करते हैं कि आप घरों में रहे, सरकार के नियमों की पालन करें और घर में ही रहकर जितनी मदद हो सके एक दूसरे की मदद करें, ताकि इस महामारी के दौर में हम सभी आपसी सहयोग से एक दूसरे के साथ रहें और इस महामारी पर जीत हासिल कर सके।





























