धरमपुरी नगर में मंगलवार सुबह दशा माता का पर्व महिलाओं ने पारंपरिक रूप से हर्षो उल्लास के साथ श्रृद्वापूर्वक सुहागिन महिलाओं द्वारा मनाया ।
धरमपुरी@सय्यद जफर अली
निमाड क्षेत्र में नगर सहित आस-पास ग्रामीण अंचलों में सुबह से मंदिरों में सुहागिन महिलाओं ने पीपल के वृक्ष की पूजा की नैवेद्य चढ़ाया और सूत का धागा बांधकर सुख सौभाग्य व मंगल कामना करते हुएं पीपल के पेड को सूत का धागा बांधकर परिक्रमा की । निमाड क्षेत्र में दशा माता का पर्व महिलाओं ने पारंपरिक रूप से हर्षो उल्लास के साथ श्रृद्वापूर्वक सुहागिन महिलाओं द्वारा नगर सहित आस-पास ग्रामीण अंचलों में मनाया गया । अल सुबह से महिलाओं की भीड मंदिरों में पूजन के लिए उमड़ी । सुहागिन महिलाओं ने पीपल के वृक्ष को जनेउधारी देव वृक्ष पर की पूजा की नैवेद्य चढ़ाया और सूत का डोर ब्राहमण से लेकर पीपल के वृक्ष की परिक्रमा करते हुएं लपेटा और घर की दशा सुधरने सुख सौभाग्य व मंगल कामना । रक्षा सूत्र बांधकर फेरे लगाकर कथा सुनी और अपने परिवार के लिए सुख – समृद्वी की कामना की और नगर के अन्य स्थानों पर पीपल के पेड़ों के नीचें बेटकर सुहागिन महिलाओं ने दशा माता की सामूहिक कथा पढ़कर सुनी एवं दुसरी महिलाओं को सुनाई । ऐसी मान्यता है की दशा माता की पूजा – अर्चना कर सुहागिन महिलाओं द्वारा पीपल के पेड़ की छाल निकालकर घर में ले जाने से घर में बरकत व सुख समृद्वी रहती है। पर्व को लेकर हिन्दू धर्म की हर समाज की महिलाओं ने सुहागिन का पूरा श्रृंगार कर , गहने आदि पहन कर दशा माता पर्व की परंपराओं और विधीवत ढग से मनाया। निमाड क्षेत्र में नगर और ग्रामीण अंचलों में दशा माता पर्व को लेकर महिलाओं में कापी उत्साह रहा और परंपाराओं से विधीवत पूर्वक मनाया गया यह दौर सुबह से दोहपर तक मंदिरों में चलता रहा। हाजारों की संख्या में महिलाओं ने परंपराओं दर पीढ़ी दर विधीवत निभाया।






























