जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय जेल भोपाल में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव में बंदियों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पात्रतानुसार बंदियों की सजा में एक माह की छूट दी जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश में खुली जेलों की संख्या बढ़ाने और महिला बंदियों के लिए भी खुली जेल की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है..
भोपाल@साबिर खान fm
मुख्यमंत्री ने कहा कि जेलों में बंदियों के सुधार, पुनर्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसी क्रम में केंद्रीय जेल भोपाल में मानसिक स्वास्थ्य केंद्र जल्द शुरू किया जाएगा।
महिला बंदियों के लिए भी खुलेगी खुली जेल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्तमान में पुरुष बंदियों के लिए खुली जेल का प्रावधान है। अब भविष्य की जरूरतों को देखते हुए महिला बंदियों के लिए भी खुली जेल की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में खुली जेलों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी, ताकि पात्र बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके पुनर्वास की दिशा में बेहतर अवसर मिल सकें।
जेलों में मानसिक स्वास्थ्य पर जोर
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय जेल भोपाल में मानसिक स्वास्थ्य केंद्र शुरू करने की घोषणा भी की। जेल महानिदेशक वरुण कपूर ने बताया कि बंदियों के लिए यह केंद्र शीघ्र प्रारंभ किया जा रहा है।
जेल विभाग द्वारा बंदियों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए योग, ध्यान और अन्य रचनात्मक गतिविधियों का संचालन भी किया जा रहा है।
बंदियों को मिल रही शिल्प प्रशिक्षण और स्वास्थ्य सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने जेल विभाग की विभिन्न योजनाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए कहा कि बंदियों को अलग-अलग शिल्प और हुनर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही पात्र बंदियों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम किया गया है।
प्रदेश की जेलों में योग, पार्थिव शिवलिंग निर्माण सहित कई रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गई हैं। बंदियों के लिए आवश्यक सुविधाएं बढ़ाने, नए बैरकों के निर्माण और नए जेल कानून को लागू करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।
जेल विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जेल विभाग के 6 अधिकारियों-कर्मचारियों को उनके साहसिक कार्यों के लिए पुरस्कृत और सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने जेल विभाग में विभिन्न पदों पर हुई पदोन्नतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नए पदों के निर्माण और पदोन्नति से जेल विभाग के कामकाज को और अधिक सुचारू बनाने में मदद मिलेगी।
जन्माष्टमी पर कृष्णमय हुआ केंद्रीय जेल
केंद्रीय जेल भोपाल में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित प्रभावशाली लघु नाटिका प्रस्तुत की गई। जेल के बंदियों ने ही इस नाटिका में प्रस्तुति दी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नाटिका की सराहना की। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण का रूप धारण किए बालकों से मुलाकात कर उन्हें स्नेह दिया और गौमाताओं को गुड़-रोटी भी खिलाई।
कार्यक्रम में खेल एवं युवक कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, प्रमुख सचिव जेल मुकेश चंद्र गुप्ता और जेल महानिदेशक वरुण कपूर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रमुख घोषणाएं एक नजर में
- पात्रतानुसार बंदियों की सजा में एक माह की छूट।
- प्रदेश में खुली जेलों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
- महिला बंदियों के लिए भी खुली जेल की व्यवस्था की जाएगी।
- केंद्रीय जेल भोपाल में मानसिक स्वास्थ्य केंद्र जल्द शुरू होगा।
- बंदियों को शिल्प एवं विभिन्न हुनर का प्रशिक्षण।
- योग, ध्यान और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा।
- बंदियों को आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराने की व्यवस्था।
- जेलों में नए बैरकों और स्टाफ क्वार्टर्स का निर्माण।






























