वन संपदा के अवैध परिवहन और लकड़ी तस्करी के खिलाफ वन मंडल धार ने कार्रवाई करते हुए एक आयशर वाहन को अभिरक्षा में लिया है…
धार@अमीन खान
वन विभाग के अनुसार वाहन में करीब 75 क्विंटल आड़ाकाट लकड़ी पाई गई है। वाहन चालक लकड़ी के परिवहन से संबंधित आवश्यक वैध दस्तावेज और परिवहन अनुज्ञा-पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका।
मुखबिर की सूचना पर बनाई गई टीम
वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक आयशर वाहन में लकड़ी का परिवहन किया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन मंडलाधिकारी धार श्री विजयानंथम टी.आर. के निर्देशन में उड़नदस्ता दल और चेकिंग दल का गठन किया गया।
टीम ने सूचना के आधार पर क्षेत्र में निगरानी और घेराबंदी शुरू की। इसी दौरान घाटा-बिल्लौद-धार मार्ग की ओर तेज गति से जाते हुए एक आयशर वाहन दिखाई दिया। वन विभाग की टीम ने तत्परता से वाहन को रुकवाकर उसकी जांच की।
दस्तावेज नहीं मिले तो वाहन लिया अभिरक्षा में
जांच के दौरान वाहन क्रमांक MP09 GG 1663 की तलाशी ली गई। वन विभाग की टीम ने चालक अरुण पिता नंदराम, निवासी गौतमपुरा से लकड़ी के परिवहन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज मांगे। विभाग के मुताबिक चालक आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सका।
इसके बाद वन विभाग की टीम ने वाहन को अभिरक्षा में लेते हुए आगे की जांच और वैधानिक कार्रवाई के लिए मांडव रोड स्थित वन विभाग रेस्ट हाउस, धार लाया।
करीब 75 क्विंटल लकड़ी मिली
वन विभाग के अनुसार वाहन में लगभग 75 क्विंटल आड़ाकाट लकड़ी पाई गई है। प्रेस नोट में लकड़ी का अनुमानित बाजार मूल्य 25,500 रुपये बताया गया है। फिलहाल विभाग द्वारा लकड़ी के स्रोत, उसके परिवहन और उससे जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
वन विभाग ने तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दिए संकेत
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन संपदा के अवैध दोहन और बिना वैध दस्तावेजों के लकड़ी के परिवहन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा नियमित गश्ती, मुखबिर तंत्र, चेकिंग और निगरानी को और मजबूत किया जा रहा है।
इस कार्रवाई में वनपाल राजेन्द्र राठौर, उड़नदस्ता प्रभारी एवं वन स्टाफ तथा वन परिक्षेत्र धार की टीम का उल्लेखनीय योगदान रहा।
स्थिति: वन विभाग के अनुसार वाहन अभिरक्षा में लेकर जांच एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जारी है। प्रेस नोट में मामले में आगे की कार्रवाई का विवरण जांच पूरी होने के बाद सामने आने की बात है।






























