भारतीय किसान संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, निर्माण की वास्तविक पूर्णता तिथि और टावर-ROW मापन की जांच की मांग..
धार@साबिर खान fm
डही तहसील में 132 केवी हाईटेंशन विद्युत प्रसारण लाइन निर्माण से प्रभावित किसानों के पूर्ण क्षतिपूर्ति भुगतान सहित विभिन्न मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ मालवा प्रांत ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने बताया कि प्रभावित किसानों का 3 अगस्त 2026 से अनिश्चितकालीन धरना आंदोलन जारी है।
ज्ञापन में कहा गया है कि विद्युत प्रसारण लाइन के निर्माण से डही तहसील के कई गांवों के किसानों की कृषि भूमि, टावर क्षेत्र, ROW/कॉरिडोर, फसल, पेड़, कुएं, ट्यूबवेल और सिंचाई साधन प्रभावित हुए हैं। संगठन का दावा है कि कई किसानों को अब तक अंतिम एवं पूर्ण क्षतिपूर्ति नहीं मिल पाई है।
निर्माण की वास्तविक पूर्णता तिथि की जांच की मांग
भारतीय किसान संघ ने दावा किया कि 17 नवंबर 2025 को नई गाइडलाइन जारी होने के करीब 10 माह बाद भी कई किसानों की क्षतिपूर्ति लंबित है। वहीं किसानों के अनुसार टावर निर्माण, स्ट्रिंगिंग, फेंसिंग, गड्ढों की भराई और समतलीकरण जैसे कार्य अप्रैल-मई 2026 तक जारी रहे।
इसी को लेकर संगठन ने केवल सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कार्य पूर्णता तिथि को आधार नहीं मानते हुए मौके की स्थिति और तकनीकी दस्तावेजों के आधार पर वास्तविक पूर्णता तिथि की जांच कराने की मांग की है।
टावर और ROW का दोबारा मापन कराने की मांग
ज्ञापन में प्रभावित किसानों की मौजूदगी में पुनः सर्वे और सीमांकन कराने तथा टावर क्षेत्र एवं ROW/कॉरिडोर का दोबारा मापन करने की मांग की गई है।
साथ ही भूमि, फसल, पेड़, कुआं, ट्यूबवेल, सिंचाई साधन, समतलीकरण और निर्माण के दौरान हुई अन्य क्षति का पुनर्मूल्यांकन कर प्रत्येक किसान को खसरा नंबर, प्रभावित रकबा, लागू गाइडलाइन, पूर्व भुगतान और शेष क्षतिपूर्ति की जानकारी वाला व्यक्तिगत गणना पत्र देने की मांग की गई है।
संयुक्त उच्चस्तरीय जांच समिति की मांग
भारतीय किसान संघ ने पूरे मामले की जांच के लिए राजस्व, कृषि, विद्युत/MPPTCL, प्रशासन, पुलिस और तकनीकी अधिकारियों की संयुक्त उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग की है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि जांच में गलत सर्वे, गलत मापन, गलत कार्य पूर्णता तिथि, भ्रामक या कूटरचित दस्तावेज अथवा किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचाने वाली अनियमितता प्रथम दृष्टया सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR और विभागीय कार्रवाई की जाए।
PESA क्षेत्र होने पर ग्रामसभा प्रक्रिया की जांच की मांग
संगठन ने यह भी मांग रखी है कि यदि प्रभावित क्षेत्र PESA के अंतर्गत आने वाला अनुसूचित क्षेत्र है, तो ग्रामसभा या संबंधित पंचायत से अपेक्षित परामर्श और वैधानिक प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जाए।
समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
भारतीय किसान संघ ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक किसानों के मामलों को केवल नवंबर 2025 से पहले कार्य पूर्ण दर्शाए जाने के आधार पर बंद न किया जाए। जांच और पुनर्निर्धारण के बाद पात्र किसानों को संपूर्ण एवं न्यायोचित क्षतिपूर्ति DBT के माध्यम से भुगतान किया जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई नहीं होने पर आगामी समय में प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जा सकता है। ज्ञापन भारतीय किसान संघ मालवा प्रांत के उपाध्यक्ष विष्णु मुकाती की ओर से सौंपा गया।
नोट: ज्ञापन में लगाए गए अनियमितता/धोखाधड़ी संबंधी आरोप संगठन और प्रभावित किसानों की मांगों के रूप में हैं। इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी






























