मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के ग्राम नेर निवासी श्री जयकुमार नागवंशी और हर हर महादेव श्री भूराभगत महाराज मित्र मंडल नेर के तत्वावधान में नाग पंचमी के अवसर पर ऐतिहासिक कावड़ एवं नागद्वार पैदल यात्रा निकाली गई। आयोजकों के अनुसार यह यात्रा पचमढ़ी से नागद्वार और चौरागढ़ स्थित भूराभगत भोलेनाथ मंदिर तक पहुंची..
छिंदवाड़ा/पचमढ़ी
आयोजकों के मुताबिक श्री जयकुमार नागवंशी एवं मित्र मंडल ने करीब 29 घंटे में 96 किलोमीटर की दूरी पैदल तय की। यात्रा के दौरान श्रद्धालु जंगल, हरियाली और दुर्गम रास्तों से होते हुए नागद्वार और चौरागढ़ पहुंचे।
यात्रा में ‘हर-हर महादेव’, ‘जय भूराभगत’ और ‘जय श्री राम’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय नजर आया।
मां नर्मदा और नौ नदियों के जल से जलाभिषेक..
नागद्वार और चौरागढ़ पहुंचने के बाद मां नर्मदा सहित नौ नदियों के पवित्र जल से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक और पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन कर यात्रा का समापन किया गया।
आयोजकों का कहना है कि इस धार्मिक पदयात्रा का उद्देश्य देशवासियों की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करना था।
लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा..
आयोजकों के अनुसार नागद्वार और चौरागढ़ में मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। यात्रा से जुड़े लोगों ने पुजारियों के हवाले से करीब 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का दावा किया है। यह संख्या आयोजन पक्ष के दावे के रूप में है।
श्री जयकुमार नागवंशी ने यात्रा में सहयोग के लिए शासन-प्रशासन और सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था और परंपरा की यह यात्रा आगे भी इसी तरह जारी रहे, यही उनकी कामना है।
धार्मिक आस्था और परंपरा का संदेश..
विशाल कावड़ एवं नागद्वार पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और आस्था के साथ भगवान भूराभगत और नागदेव के दर्शन किए। आयोजकों ने यात्रा में शामिल सभी भक्तों का अभिनंदन करते हुए भविष्य में भी इस धार्मिक परंपरा को जारी रखने की बात कही।






























