मध्यप्रदेश को आज विकास की बड़ी सौगात मिली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इंदौर में 5,657 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इनमें इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत नए आवास और कई अधोसंरचना परियोजनाएं शामिल हैं।
इंदौर@साबिर खान fm
कार्यक्रम में 2,935 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 48.10 किलोमीटर लंबी इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन परियोजना का भूमि-पूजन किया गया। यह सड़क इंदौर के पितृ पर्वत क्षेत्र से उज्जैन के सिंहस्थ बायपास तक बनेगी। इसके निर्माण से इंदौर के 20, उज्जैन के 8 और आसपास के 40 से 50 गांवों के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। साथ ही सिंहस्थ-2028 के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही भी अधिक सुगम होगी।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 2,548 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले आवासों का भूमि-पूजन किया गया, जिससे 42 हजार से अधिक हितग्राहियों को लाभ मिलेगा। वहीं 992 करोड़ रुपये की लागत से बने 38 हजार आवासों का गृह-प्रवेश भी कराया गया। इसके अलावा 446 करोड़ रुपये की 116 परियोजनाओं का लोकार्पण और 310 करोड़ रुपये से अधिक की 37 परियोजनाओं का भूमि-पूजन भी हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह ग्रीनफील्ड कॉरिडोर सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के साथ-साथ मालवा क्षेत्र के औद्योगिक, व्यापारिक और धार्मिक विकास को नई गति देगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भविष्य में दिल्ली-मुंबई इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड फोरलेन दोनों शहरों के बीच दूरी कम करने के साथ रोजगार, व्यापार और पर्यटन को नई दिशा देगा। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना भी की।
बाइट: मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय मंत्री
जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने बताया कि हाईवे परियोजना के लिए 28 गांवों के 916 किसानों को 816 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया है। उनके अनुसार यह सड़क केवल इंदौर और उज्जैन को ही नहीं, बल्कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और गुजरात से भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
सरकार का दावा है कि ये परियोजनाएं सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को मजबूती देने के साथ प्रदेश में आवास, सड़क, रोजगार और आधारभूत संरचना के विकास को नई गति देंगी।






























