श्रावण मास के पांचवे सोमवार 8 अगस्त को धार की धर्मप्रेमी जनता ने एक नया वर्ल्ड रिकार्ड बनाया है। लाड़ली बहना राष्ट्र धर्म तिरंगा कावड़ यात्रा में एक साथ 76 शिव मंदिरों में सैकड़ों की संख्या में अलग-अलग कावड़ यात्राओं के माध्यम से पहुंंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया है।
धार@साबिर खान
शिवमय सोमवार के इस आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड ने दर्ज किया है। यात्रा आयोजक राजीव यादव के एक आह्वान पर धार-पीथमपुुर, घाटाबिल्लौद, तिरला के शिव मंदिरों में सामूहिक जलाभिषेक के वर्ल्ड रिकार्ड के प्रमाण पत्र को दिल्ली से आए अधिकारियों ने आयोजन समिति एवं आयोजनकर्ता श्री यादव को सौंपा है।
पुरुषोत्तम मास का महीना चल रहा है। लाड़ली बहना राष्ट्र धर्म तिरंगा कावड़ यात्रा में गोल्डन बुक आॅफ वर्ल्ड रिकार्ड दिल्ली के अधिकारी डॉ जीएस ठाकुुर और मनोज शुक्ला ने सोमवार को कार्यक्रम समाप्ति के पश्चात धारेश्वर मंदिर प्रांगण में एक और रिकार्ड दर्ज करते हुए प्रमाण पत्र आयोजन समिति को सौंपा। यह प्रमाण पत्र कावड़ यात्रा में महिलाओं की 80 प्रतिशत से अधिक भागीदारी को लेकर सौंपा गया। आयोजकों ने बताया कि हिडन टीम ने पीथमपुर से लेकर धार के अलग-अलग स्थानों से यात्रा को कवर किया। इस दौरान प्रमुुखता से यह बात सामने आई कि कावड़ यात्रा में महिलाओं की भागीदारी सर्वाधिक है, इसलिए मातृशक्ति की भागीदारी पर एक और वर्ल्ड रिकार्ड बुक में दर्ज किया जाता है। जिसका प्रमाण पत्र सौंपा जा रहा है।
7 अगस्त को पीथमपुर से लेकर घाटाबिल्लौद और जिला मुख्यालय धार धर्म और राष्ट्र प्रेम के रंग में सराबोर नजर आया। प्रात: से ही मंदिरों में शिव आराधना शुरु हो गई थी। वहीं सुबह 10 बजते-बजते शहर के अलग-अलग इलाकों में महिला कावड़ियों का जुटना शुरु हो गया था। हर-हर महादेव, जय शिव शंकर के नारे लगाते हुए कांधों पर कावड़ की मटकी लटकाकर महिलाएं केसरिया व लाल परिधानों में शिव पूजन के लिए घरों से निकली। शहर के अलग-अलग इलाकों से महिला-पुरुष कावड़ियें जत्थों के रूप में निकले। इस वर्ष शहर को 6 सेक्टरों में विभाजित किया गया था। जिसके कारण अलग-अलग क्षेत्रों से कावड़ यात्राएं धारेश्वर मंदिर प्रांगण पहुंची और भगवान धारनाथ का जलाभिषेक किया। पीथमपुर में भगवान बोकनेश्वर महादेव की पूजा की गई।
लाड़ली बहना राष्ट्र धर्म तिरंगा कावड़ यात्रा को लेकर पिछले कई दिनों से तैयारियां की जा रही थी। योजना के तहत 1 लाख लोगों की सहभागिता का लक्ष्य रखा गया था। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में लोगों को कार्य जिम्मेदारियां सौंपी गई थी। 3 हजार के लगभग कार्यकर्ता यात्रा की तैयारियों में जुटे थे। यात्रा आयोजक राजीव यादव के अनुसार1 लाख लोगों में कलश वितरण किया गया था। सोमवार को औद्योगिक नगरी पीथमपुर से लेकर तिरला ग्रामीण क्षेत्र तक ‘धर्म और राष्ट्र भक्ति’ का अनूठा दृश्य दिखाई दिया। मुख में बोल-बम के नारे थे। कांधे पर धर्म आराधना का प्रतीक कावड़ थी और हाथों में थामा हुआ तिरंगा राष्ट्र भक्ति का संदेश दे रहा था। यात्रा में केसरिया ध्वज से अधिक तिरंगों की संख्या दिखाई दी।
आजादी के 76वें वर्ष में प्रवेश पर अमृत उत्सव के तहत तीन विचार धर्म, राष्ट्र और समरसता को सामूहिक रूप से लक्षित करते हुए ‘कावड़ यात्रा’ का आयोजन किया गया था। पीथमपुर, इंडोरामा, दिग्ठान, घाटाबिल्लौद व मुख्यालय धार सहित तिरला नगर में कावड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा आयोजन समिति में जुड़े सदस्यों ने जल अर्पण करने के दौरान देश की सेवा में शहीद हुए जवानों और आजादी के लिए संघर्ष करने वाले बलिदानियों को याद किया।
गत वर्ष निकली यात्रा में हजारों महिलाओं की एक साथ धारेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में पहुंचने के बाद जलाभिषेक की व्यवस्थाएं प्रभावित हुुई थी। इस वर्ष यात्रा आयोजकों ने धारेश्वर मंदिर पर जलाभिषेक के लिए विशेश व्यवस्था की। जिसमें बाहर ही कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं से जल एकत्रित किया और मोटर द्वारा भगवान धारनाथ का फव्वारे से जलाभिषेक किया गया। जिसका प्रसारण एलईडी स्क्रीन से दिखाया गया। इस दौरान फलाहार का वितरण भी किया गया।
धार में निकली कावड़ यात्रा में भाजपा के जिला प्रभारी उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्याम बंसल ,भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज सोमानी, पूर्व विधायक करण सिंह पवार, पूर्व जिला अध्यक्ष अनंत अग्रवाल, जिला महामंत्री सनी रीन, कन्हैयालाल यादव, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नेहा महेश बोड़ाने, उपाध्यक्ष मयंक महाले, श्याम नायक, आशीष गोयल,विपिन राठौड़ सहित कई भाजपा नेताओं ने कावड़ यात्रा में हिस्सा लिया।
गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने पीथमपुर क्षेत्र में यात्रा के अलग-अलग जत्थे देखे। एक स्थान से उन्होंने 7 किमी लंबी कावड़ यात्रा देखी। इस यात्रा ने बोकनेश्वर महादेव मंदिर पर जलाभिषेक किया। पीथमपुर में भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र पटेल, अशोक पटेल, विजय सिंह रघुवंशी, मनोज जायसवाल ने व्यवस्था संभाली थी। इधर घाटाबिल्लौद में निर्भयसिंह पटेल, प्रमोद मानेकर, राज पटेल व तिरला में रामकिशन पाटीदार,आसाराम पाटीदार, वीरेंद्र पाटीदार, राजाराम मुकाती, राजेश जैन सहित कई भाजपा नेताओं ने व्यवस्था संभाली। धार में मनोज ठाकुर, महेश बोड़ाने, विपुल चौपड़ा, जितेन्द्र अग्रवाल, संजय मकवाना, मनीष मकवाना, रवि मेहता, ईश्वर जाट, दीपक सिंधी, राज यादव, बादल चौहान, यशपाल डोड, चंदू वसुनिया, डॉ रमाकांत मुकुट आदि कार्यकर्ताओं ने व्यवस्था संभाली।
स्वतंत्रता के 76वें वर्ष में देश की स्वतंत्रता के लिए बलिदान देने वाले ज्ञात-अज्ञात सभी क्रांतिकारियों, महापुरुषों के योगदान को जीवंत रखना हमारा कर्तव्य है। श्रावण के साथ पुरुषोत्तम मास के चलते सामाजिक समरसता, देशभक्ति एवं जनमानस में शक्ति एवं भक्ति का भाव जागृत करने के उद्देश्य से ‘लाड़ली बहना राष्टÑधर्म तिरंगा कावड़ यात्रा’ का आयोजन किया गया। देश के अमर बलिदानियों को समर्पित यह कावड़ यात्रा रही। हमारे द्वारा 1 लाख कलश वितरित किए गए थे। इससे अधिक लोगों ने सहभागिता की है। गोल्डन बुक आॅफ वर्ल्ड रिकार्ड में धार का नाम दर्ज होना धार की धर्मप्रेमी व राष्ट्र प्रेमी जनता की जीत है। मातृशक्तियों को यह प्रमाण पत्र समर्पित है।
-राजीव यादव, यात्रा आयोजक






























