मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान एक महत्वपूर्ण कार्य है। इसमें गंभीरता के साथ काम करने से हम कई वोटों का नुकसान रोक सकते है। इस कार्य में कांग्रेस संगठन के बीएलए सहित बूथ टीम की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
धार@साबिर खान
आप लोग एक-एक पन्ने के प्रभारी बनाएं। इसके बाद एक-एक पन्ने के वोटरों का घर-घर जाकर सत्यापन करें। जो नाम गलत दर्ज कराए गए हैं उन्हें सूची से हटवाएं। जो नाम जोड़ने के है उन नामों को जुड़वाएं। आप लोगों को लगेगा कि अरे यह तो हम सबको मालूम है। कई चुुनाव निपटा दिए है। मेरा भी मानना है मालूम है, लेकिन फील्ड में जाकर हम एक-एक वोटर को चैक नहीं करते है। यहीं से शुरू होता है किरायेदार एग्रीमेंट खेल। हमको पता ही नहीं चलता कि कौन सा व्यक्ति नया आ गया है और उसने एग्रीमेंट के बूते अपना नाम सूची में जुड़वा लिया है। इसी तरह प्रत्येक बूथ पर इस तरह से दो से पांच वोट बढ़ जाते है। विधानसभा के 300 बूथों में 1500 वोटों का सीधे खेल हो जाता है। यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनाना है तो मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य और चुनावी प्रबंधन के सभी गूर सीख लें। इसकी गंभीरता समझें। यह बात बुधवार को निजी गार्डन में कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन व मतदाता सूची पुनरीक्षण संकल्प 2023 की कार्यशाला में प्रशिक्षण देने आए प्रदेश सह प्रभारी डॉ संजय कामले ने कही। उन्होंने कहा सबसे कठिन चुनाव पंच का है। पंच चुनाव की तरह बूथ प्रबंधन की टीम काम करें। हमारी बूथ टीम मजबूत होती तो हम एक-एक बूथ जीतेंगे।
श्री कामले ने मंडलम्-सेक्टर एवं बूथ प्रभारियों की बैठक में चुनाव प्रबंधन के तहत उन्हें माईक्रो मैनजमेंट की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रोजेक्टर के माध्यम से आपको ईव्हीएम मशीन को लेकर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। बूथ पर बैठने वाले हमारे एजेंट वोटर के दस्तावेज देखकर उसे ओके कर देते है। कई मर्तबा यह होता है कि अंदर जाने पर लाईट जलती है और बीप की आवाज नहीं सुने बगैर वोटर निकल जाता है। इस तरह बूथों पर आखरी के मिलान में कुछ वोटों का अंतर आता है। अधिकांश होता यह है कि सुबह से शाम के बीच मतदान समाप्त होते ही बूथ का कोई आपसे कहता है अभी टाईम लगेगा चाहो तो चाय पीकर आ जाओं। चाय के नाम पर बाहर निकलना ही हमें महंगा पड़ सकता है। जो अंतर रहता है वह मिलान होने की संभावना रहती है। एक-एक बूथ के 5-5 वोट का भी अंतर खेला हो तो 300 बूथों पर 1500 वोटों का खेल हो जाता है। हम सभी प्रकार के उपवास रखते है। एक दिन पार्टी के नाम का उपवास रख लो। कोई कहे चाय पी आओं तो कहना वोट का हिसाब मिलाकर ही जाऊंगा।
श्री कामले ने बताया कि इस मर्तबा 7 दिन पहले ही 80 प्लस वोटरों के वोट डल जाएंगे। आप लोगों को अपने-अपने क्षेत्र के 80 प्लस के वोटरों और दिव्यांग वोटरों की पूरी जानकारी होना चाहिए। अपने क्षेत्र के सरकारी बीएलओ से संपर्क रखे। जब वोट के लिए टीम जाए तो उस समय कोई काम मत निकालिये। यह मत सोचिये कि यह तो छूट-पूट मतदान है। 2800 के करीब वोट है। एक-एक वोट सही गिरे और कांगे्रस के पक्ष में गिरे इसके लिए मौके पर मौजूदगी और परिवार से संपर्क आवश्यक है।
श्री कामले ने कहा कि अधिकांश होता यह है कि चार कांग्रेसी जब मिलते है तो विपक्षी दल की संगठनात्मक प्रशंसा करते है। पार्टी के नेता एक नहीं है। इस तरह की बातें करते है। आप लोग ध्यान रखे कि राजनीति में आपको कोई जबरदस्ती नहीं लाया है। आपने राजनीति में कदम रखने के विचार के साथ अपना दल खुद चुना है। यह सोचकर आलोचनाओं से दूर रहें। कांग्रेस का चुनाव चिह्न पंजा हमारा पार्टी सिम्बाल है। इसको देखकर काम करें। आप लोगों ने काम किया तो प्रदेश में कांग्रेस सरकार फिर से बनेगी। जनता का माहौल हमारे पक्ष में है। धार में भी आपका विधायक होगा। श्री कामले ने कहा कि फील गुड में ना रहें। याद रखिये कि भाजपा के फील गुड में यूपीए की सरकार बन गई थी। हमें ऐसा फील गुड नहीं चाहिए। हमें फील्ड वर्क चाहिए।
श्री कामले ने कहा कि कमलनाथ जी ने नारा दिया है कि सबसे भारी पन्ना प्रभारी। आप इस नारे का महत्व समझिये। पन्ना प्रभारी अपने क्षेत्र के कांग्रेस के वोटरों को पहचाने। भाजपा के वोटरों को पहचाने। अपने वोटरों से संपर्क करें। उन्हें कमलनाथ जी की योजनाओं के बारे में बताएं। पूर्व में हमारी सरकार जितने समय भी रही है हमने जो काम किए है, उनके बारे में बताएं। अपनी पार्टी के वोट को पहले मजबूत रखे। होता यह आया है कि लिस्ट लेकर घर बैठकर चार लोगों से बात करके यह वहां रहता है। वो वहां रहता है की बात कर लेते है। आप लोगों को घर बैठकर मतदाता लिस्ट नहीं चेक करना है। घर-घर जाना है इस बहाने आपका वोटर से सीधा संपर्क होगा। उन्हें बताओं कि हम कांग्रेस के बीएलए है। बड़े परिवारों से संपर्क करें। उन्हें कांग्रेस के लिए वोट डालने के लिए प्रेरित करें।
निजी गार्डन में आयोजित कार्यशाला को प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष हाजी मुजीब कुरैशी, पीसीसी सचिव कुलदीपसिंह बुंदेला, वरिष्ठ नेता हितैष ठाकुर, जिला प्रभारी निर्मल मेहता, जिला संगठन मंत्री मधुुुमोहन हिरोड़कर, अखिलेश त्रिपाठी मतदाता पुनरीक्षण प्रभारी ने संबोधित किया। मंच का संचालन पीसीसी सदस्य कुुलदीपसिंह डंग ने किया। आभार पूर्व पार्षद कमल राठौर ने माना।






























